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पीयू के सुरक्षा अधिकारी पर सुरक्षा गार्ड ने लगाए यौन शोषण के आरोप, जांच शुरू
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की एक महिला सुरक्षा गार्ड ने एक सुरक्षा अधिकारी पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। मामला यौन शोषण जांच कमेटी के पास पहुंचा तो इसकी जांच शुरू कर दी गई। इस प्रकरण को कमेटी गंभीरता से ले रही है। जल्द ही इसकी पूरी सच्चाई सामने होगी। वहीं दूसरी ओर सुरक्षा अधिकारी ने इन आरोपों को झूठा बताया है। कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं।
महिला सुरक्षा गार्ड ने यौन शोषण जांच कमेटी को भेजे पत्र में कहा है कि उन्होंने वर्ष 2009 में पीयू ज्वाइन किया था। सुरक्षा गार्ड के रूप में उन्हें तैनात किया गया। शुरुआत में उनकी तैनाती पब्लिकेशन ब्यूरो में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक थी। महिला सुरक्षा गार्ड ने कहा कि सुरक्षा अधिकारी की नजर उन पर थी और उनसे बात करने का इरादा जाहिर किया। इसलिए उनकी ड्यूटी वहां से बदलकर गर्ल्स हॉस्टल नंबर- 2 के पीछे लगा दी गई। ड्यूटी का समय भी रात 10 से सुबह छह बजे रखा गया। आरोप है कि सुरक्षा अधिकारी सुबह 4 बजे आए और महिला सुरक्षा गार्ड से होटल चलने की इच्छा जताई। उन्होंने इसका विरोध किया और इसकी शिकायत बड़े सुरक्षा अधिकारियों से की। महिला सुरक्षा गार्ड ने कहा कि उस समय उन्हें चेतावनी दे दी गई लेकिन, वर्ष 2013 में फिर उसके साथ शोषण करने की कोशिश की गई।
आरोप है कि सुरक्षा अधिकारी ने महिला सुरक्षा कर्मी की ड्यूटी कंट्रोल रूम में लगा दी। एक दिन सुरक्षा अधिकारी आए और उन्होंने कंट्रोल रूम का दरवाजा बंद कर दिया और शोषण किया। इसकी शिकायत बाहर न जाए तो इस प्रकरण को दबाया गया और मामला समझौते तक पहुंचा। सुरक्षा अधिकारी ने कुछ लोगों के सामने कहा कि वह अपनी गलती स्वीकार करते हैं। लिखित में माफीनामा देंगे। महिला सुरक्षा कर्मी का आरोप है कि आज तक उन्होंने माफीनामा नहीं दिया। उल्टा फिर शोषण किया जाने लगा है। महिला सुरक्षा गार्ड ने पत्र में कहा है कि उन्हें धमकी मिल रही है कि सुरक्षा अधिकारी ने मुख्य सुरक्षा अधिकारी पद के लिए आवेदन किया है। जल्द वह इस पद पर होंगे फिर उन्हें हटा दिया जाएगा। महिला सुरक्षा कर्मी ने जून 2020 में इस प्रकरण को उठाया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब महिला सुरक्षा कर्मी ने पीयू की यौन शोषण जांच कमेटी को शिकायती पत्र दिया है। साथ ही इंसाफ मांगा है।
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महिला सुरक्षा गार्ड की ओर से एक सुरक्षा अधिकारी पर यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं। शिकायती पत्र हमें प्राप्त हुआ है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
- प्रो. प्रोमिला पाठक, अध्यक्ष, पीयू यौन शोषण जांच कमेटी
इस प्रकरण की मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। मामला पुराना है और मेरी तैनाती बाद में हुई है। मेरे पास शिकायत आती है तो इसकी जांच करवाएंगे।
--- प्रो. अश्वनी कौल, मुख्य सुरक्षा अधिकारी पीयू
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महिला सुरक्षा गार्ड ने यौन शोषण जांच कमेटी को भेजे पत्र में कहा है कि उन्होंने वर्ष 2009 में पीयू ज्वाइन किया था। सुरक्षा गार्ड के रूप में उन्हें तैनात किया गया। शुरुआत में उनकी तैनाती पब्लिकेशन ब्यूरो में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक थी। महिला सुरक्षा गार्ड ने कहा कि सुरक्षा अधिकारी की नजर उन पर थी और उनसे बात करने का इरादा जाहिर किया। इसलिए उनकी ड्यूटी वहां से बदलकर गर्ल्स हॉस्टल नंबर- 2 के पीछे लगा दी गई। ड्यूटी का समय भी रात 10 से सुबह छह बजे रखा गया। आरोप है कि सुरक्षा अधिकारी सुबह 4 बजे आए और महिला सुरक्षा गार्ड से होटल चलने की इच्छा जताई। उन्होंने इसका विरोध किया और इसकी शिकायत बड़े सुरक्षा अधिकारियों से की। महिला सुरक्षा गार्ड ने कहा कि उस समय उन्हें चेतावनी दे दी गई लेकिन, वर्ष 2013 में फिर उसके साथ शोषण करने की कोशिश की गई।
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आरोप है कि सुरक्षा अधिकारी ने महिला सुरक्षा कर्मी की ड्यूटी कंट्रोल रूम में लगा दी। एक दिन सुरक्षा अधिकारी आए और उन्होंने कंट्रोल रूम का दरवाजा बंद कर दिया और शोषण किया। इसकी शिकायत बाहर न जाए तो इस प्रकरण को दबाया गया और मामला समझौते तक पहुंचा। सुरक्षा अधिकारी ने कुछ लोगों के सामने कहा कि वह अपनी गलती स्वीकार करते हैं। लिखित में माफीनामा देंगे। महिला सुरक्षा कर्मी का आरोप है कि आज तक उन्होंने माफीनामा नहीं दिया। उल्टा फिर शोषण किया जाने लगा है। महिला सुरक्षा गार्ड ने पत्र में कहा है कि उन्हें धमकी मिल रही है कि सुरक्षा अधिकारी ने मुख्य सुरक्षा अधिकारी पद के लिए आवेदन किया है। जल्द वह इस पद पर होंगे फिर उन्हें हटा दिया जाएगा। महिला सुरक्षा कर्मी ने जून 2020 में इस प्रकरण को उठाया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब महिला सुरक्षा कर्मी ने पीयू की यौन शोषण जांच कमेटी को शिकायती पत्र दिया है। साथ ही इंसाफ मांगा है।
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महिला सुरक्षा गार्ड की ओर से एक सुरक्षा अधिकारी पर यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं। शिकायती पत्र हमें प्राप्त हुआ है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
- प्रो. प्रोमिला पाठक, अध्यक्ष, पीयू यौन शोषण जांच कमेटी
इस प्रकरण की मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। मामला पुराना है और मेरी तैनाती बाद में हुई है। मेरे पास शिकायत आती है तो इसकी जांच करवाएंगे।
--- प्रो. अश्वनी कौल, मुख्य सुरक्षा अधिकारी पीयू