{"_id":"6931ca0bcd88a3281705844a","slug":"sector-26-vegetable-market-vendors-protest-at-municipal-corporation-headquarters-over-license-dispute-chandigarh-news-c-16-pkl1091-888465-2025-12-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: लाइसेंस विवाद पर सेक्टर-26 सब्जी मंडी के वेंडरों का नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: लाइसेंस विवाद पर सेक्टर-26 सब्जी मंडी के वेंडरों का नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन
विज्ञापन
चंडीगढ़। सेक्टर-26 सब्जी मंडी के वेंडरों ने वीरवार को नगर निगम मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि उन्हें मंडी में दुकान लगाने नहीं दी जा रही है जबकि कई लोगों के पास नगर निगम द्वारा जारी लेटर और जमा की गई नियमित फीस के दस्तावेज मौजूद हैं। वेंडरों का कहना है कि मंडी प्रशासन और नगर निगम के बीच लाइसेंस को लेकर जारी विवाद से उनकी रोजी रोटी पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
प्रदर्शन में शामिल श्रीपाल ने बताया कि उनके पास नगर निगम का वैध परमिशन लेटर होने के बावजूद मंडी प्रशासन दुकान लगाने नहीं दे रहा और हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला दे रहा है। दूसरी ओर मंडी के लोग लाइसेंस नहीं बना रहे और कहते हैं कि वह काम नगर निगम का है। तीन हजार लोगों को दुकान नहीं लगाने दिया जा रहा है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अशोक गुर्जर ने कहा कि स्थिति इतनी खराब है कि जिन वेंडरों के पास लाइसेंस मौजूद हैं उन्हें भी जगह नहीं दी जा रही है। करीब तीन हजार से अधिक लोग आजीविका के संकट से जूझ रहे हैं और परिवार का खर्च चलाना मुश्किल होता जा रहा है। वेंडरों ने मांग की कि प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप करते हुए लाइसेंस और अनुमति से जुड़े विवाद को हल करे ताकि वे मंडी में अपनी दुकानें लगाकर परिवार को चला सकें। करीब 200 से अधिक वेंडर घंटों नगर निगम मुख्यालय के बाहर बैठे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदर्शन में शामिल श्रीपाल ने बताया कि उनके पास नगर निगम का वैध परमिशन लेटर होने के बावजूद मंडी प्रशासन दुकान लगाने नहीं दे रहा और हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला दे रहा है। दूसरी ओर मंडी के लोग लाइसेंस नहीं बना रहे और कहते हैं कि वह काम नगर निगम का है। तीन हजार लोगों को दुकान नहीं लगाने दिया जा रहा है।
विज्ञापन
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अशोक गुर्जर ने कहा कि स्थिति इतनी खराब है कि जिन वेंडरों के पास लाइसेंस मौजूद हैं उन्हें भी जगह नहीं दी जा रही है। करीब तीन हजार से अधिक लोग आजीविका के संकट से जूझ रहे हैं और परिवार का खर्च चलाना मुश्किल होता जा रहा है। वेंडरों ने मांग की कि प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप करते हुए लाइसेंस और अनुमति से जुड़े विवाद को हल करे ताकि वे मंडी में अपनी दुकानें लगाकर परिवार को चला सकें। करीब 200 से अधिक वेंडर घंटों नगर निगम मुख्यालय के बाहर बैठे रहे।
विज्ञापन