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Chandigarh News: सेक्टर 22 बी कारोबारियों को पार्किंग, जल निकासी और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही
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चंडीगढ़। सेक्टर-22 बी मार्केट चंडीगढ़ में मोबाइल और फोटोग्राफी के साथ होटल कारोबार के लिए जाना जाता है। मौजूदा समय में यह शहर में सबसे ज्यादा जीएसटी देने वाला बाजार है। इसके बावजूद यहां के कारोबारियों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इन समस्याओं की संबंधित विभागों में या नगर निगम में शिकायत के बाद भी कोई काम नहीं होता है। इस कारण कारोबारियों को अक्सर अपने पैसे से जरूरी काम कराने पड़ते हैं। यहां तक कि पार्किंग की संचालन करने वाले कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला तो वह पैसा भी स्थानीय व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मिलकर दिया। 2 लाख से ज्यादा रुपये खर्चकर कारोबारियों ने अपने पैसे से यहां बैरियर लगवाया। यहां करीब 200 कारोबारी हैं लेकिन नगर निगम और अन्य सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली से शायद ही कोई संतुष्ट होगा।
हालत यह है कि 15 साल से टाइलें टूटी पड़ी हैं। चूहे कई जगह जमीन को खोखला कर रहे है। बारिश का पानी बेसमेंट में जाता है जिसकी वजह से कारोबारियों का लाखों रुपये का सामान बर्बाद होता है। यहां के कारोबारियों ने आरोप लगाया कि बाजार में 50 से ज्यादा वेंडर अवैध दुकानें लगाते हैं। उनको नगर निगम और स्थानीय पुलिस का सहयोग प्राप्त है। यहां तक कि अतिक्रमण हटाओ अभियान की टीम आती है तो इन वेंडरों को पहले से पता चल जाता है और वे अपना सामान हटा लेते हैं।
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प्रमुख समस्याएं
- पार्किंग में अवैध वेंडर अपनी दुकान चलाते हैं। उनकी गाड़ियां भी यहीं खड़ी रहती हैं।
- बेसमेंट में पानी भरता है, इसकी वजह से कारोबारियों का लाखों रुपये का सामान बर्बाद हो जाता है
- टाइलें टूटी हुई है, कारोबारियों का आरोप है कि 15 साल से कोई काम नहीं हुआ है
- सफाई की स्थिति बहुत खराब है। कई जगह पर कूड़ा ऐसे ही पड़ा रहता है।
कारोबारियों से बातचीत
चंडीगढ़ के अंदर सबसे ज्यादा टैक्स देने वालों बाजारों में हमारा नंबर आता है लेकिन यहां बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलती है। -
गोपाल वाधवा
बाजार में अवैध वेंडरों की संख्या काफी है। उनकी गाड़ियां पार्किंग में खड़ी रहती हैं। नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं करता है।
- विक्रम निझावन
टाइलें टूटी हुई है। सफाई का बहुत बुरा हाल है। बारिश में पानी बेसमेंट में चला जाता है। समस्याएं बढ़ती जाती हैं।
- अनिल ढींगरा
पार्किंग की समस्या बहुत ज्यादा है। एंट्री पर टिकट लेने के बाद भी लोगों को गाड़ी खड़ी करने के लिए जगह नहीं मिलती है। - गुरुमी सिंह
अवैध वेंडर और पार्किंग बाजार की दो बड़ी समस्याएं है। नगर निगम अगर सख्ती करे तो समस्याओं का समाधान हो जाए। - सुमित कुमार
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इन समस्याओं की संबंधित विभागों में या नगर निगम में शिकायत के बाद भी कोई काम नहीं होता है। इस कारण कारोबारियों को अक्सर अपने पैसे से जरूरी काम कराने पड़ते हैं। यहां तक कि पार्किंग की संचालन करने वाले कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला तो वह पैसा भी स्थानीय व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मिलकर दिया। 2 लाख से ज्यादा रुपये खर्चकर कारोबारियों ने अपने पैसे से यहां बैरियर लगवाया। यहां करीब 200 कारोबारी हैं लेकिन नगर निगम और अन्य सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली से शायद ही कोई संतुष्ट होगा।
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हालत यह है कि 15 साल से टाइलें टूटी पड़ी हैं। चूहे कई जगह जमीन को खोखला कर रहे है। बारिश का पानी बेसमेंट में जाता है जिसकी वजह से कारोबारियों का लाखों रुपये का सामान बर्बाद होता है। यहां के कारोबारियों ने आरोप लगाया कि बाजार में 50 से ज्यादा वेंडर अवैध दुकानें लगाते हैं। उनको नगर निगम और स्थानीय पुलिस का सहयोग प्राप्त है। यहां तक कि अतिक्रमण हटाओ अभियान की टीम आती है तो इन वेंडरों को पहले से पता चल जाता है और वे अपना सामान हटा लेते हैं।
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प्रमुख समस्याएं
- पार्किंग में अवैध वेंडर अपनी दुकान चलाते हैं। उनकी गाड़ियां भी यहीं खड़ी रहती हैं।
- बेसमेंट में पानी भरता है, इसकी वजह से कारोबारियों का लाखों रुपये का सामान बर्बाद हो जाता है
- टाइलें टूटी हुई है, कारोबारियों का आरोप है कि 15 साल से कोई काम नहीं हुआ है
- सफाई की स्थिति बहुत खराब है। कई जगह पर कूड़ा ऐसे ही पड़ा रहता है।
कारोबारियों से बातचीत
चंडीगढ़ के अंदर सबसे ज्यादा टैक्स देने वालों बाजारों में हमारा नंबर आता है लेकिन यहां बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलती है। -
गोपाल वाधवा
बाजार में अवैध वेंडरों की संख्या काफी है। उनकी गाड़ियां पार्किंग में खड़ी रहती हैं। नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं करता है।
- विक्रम निझावन
टाइलें टूटी हुई है। सफाई का बहुत बुरा हाल है। बारिश में पानी बेसमेंट में चला जाता है। समस्याएं बढ़ती जाती हैं।
- अनिल ढींगरा
पार्किंग की समस्या बहुत ज्यादा है। एंट्री पर टिकट लेने के बाद भी लोगों को गाड़ी खड़ी करने के लिए जगह नहीं मिलती है। - गुरुमी सिंह
अवैध वेंडर और पार्किंग बाजार की दो बड़ी समस्याएं है। नगर निगम अगर सख्ती करे तो समस्याओं का समाधान हो जाए। - सुमित कुमार