भगवंत मान का दिल्ली दौरा: एक-दूसरे से सीखेंगे दिल्ली और पंजाब, नॉलेज शेयरिंग समझौता हुआ, दोनों सीएम ने किया एलान
ये समझौता शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर हुआ। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने संयुक्त रूप से इसकी जानकारी दी।
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पंजाब और दिल्ली की सरकारें अपने-अपने प्रदेश में होने वाले बेहतरीन कामों को एक-दूसरे से साझा कर सकेंगी। इसके लिए मंगलवार को राजधानी में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक समझौते पर दस्तखत किए। इस दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों ने माना कि इसके सहारे दोनों राज्य एक-दूसरे से ज्ञान का आदान-प्रदान करके तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ सकेंगे।
दिल्ली के एक होटल में समझौते से पहले दिल्ली सरकार के शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मान और उनकी टीम को प्रजेंटेशन से स्कूलों व अस्पतालों में हुए बदलावों की जानकारी दी। इस मौके पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और पंजाब के शिक्षा मंत्री गुरमीत सिंह मीत व स्वास्थ मंत्री डॉ. विजय सिंगला के साथ आला अधिकारी मौजूद रहे।
समझौता पंजाब व दिल्ली में जन कल्याण के लिए हुआ है। इसमें दोनों सरकारों अपने प्रदेश की जनता के हित में काम करने के लिए ज्ञान, अनुभव और कौशल को साझा करेंगी। वहीं, दोनों सरकारों के मंत्री, अधिकारी समेत अन्य कर्मी बगैर किसी अड़चन के सामाजिक कल्याण के लिए अपने ज्ञान, अनुभव और कौशल को सीखने के साथ एक-दूसरे से साझा कर सकेंगे।
यह ऐतिहासिक घटना: केजरीवाल
समझौते के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह भारत के इतिहास में बहुत ही अद्वितीय किस्म की घटना है कि सरकारें आपस में एक-दूसरे से सीखने के लिए समझौता कर रही हैं। उन्होंने माना कि यह कहना गलत होगा कि केवल उनकी सरकार ने ही अभी तक अच्छा काम किया। बीते 75 साल में अलग-अलग राज्यों की सरकारों ने बहुत अच्छे काम किए लेकिन कमी यह रह गई कि पूरे देश ने उनसे बड़े स्तर पर सीखकर आपस में काम नहीं किया।
कैलिफोर्निया व लंदन नहीं फिर से पंजाब बनाना है: मान
भगवंत मान ने कहा कि कैंसर पर आयोडेक्स लगाकर आप उसका इलाज नहीं कर सकते। कैंसर के लिए तो कीमोथेरेपी ही चाहिए। पंजाब में शिक्षा और स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि मकसद पंजाब को कैलिफोर्निया व लंदन नहीं फिर से पंजाब बनाना है। भगवंत मान के मुताबिक पंजाब में स्कूलों और ग्राम पंचायत की काफी जमीन है, जहां हम बहुत बड़े-बड़े खेल के मैदान बना सकते हैं। अभी पंजाब के स्कूल और अस्पतालों का बहुत बुरा हाल है। डॉक्टर भी हैं और शिक्षक भी हैं लेकिन इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं है, जबकि दिल्ली के राजीव गांधी अस्पताल का जनरल वार्ड भी आईसीयू से बढ़िया बना रखा है। कोई भी वहां इलाज करा सकता है।
एसवाईएल विवाद और प्रदूषण पर भी की बात
दोनों मुख्यमंत्रियों ने विवादित सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) और दिल्ली के वायु प्रदूषण पर भी बात की। केजरीवाल ने कहा कि एसवाईएल केंद्र सरकार के साथ पंजाब, हरियाणा व दिल्ली की सरकार के बीच का मसला है। इसमें कोर्ट भी एक पक्ष है। सभी पक्ष एक साथ बैठक इस मसले का हल करेंगे। यह मुद्दा मीडिया से बातचीत में हल नहीं सकता। वहीं, भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में फसलों के विविधीकरण पर जोर होगा। इससे भूजल की समस्या भी दूर होगी और प्रदूषण भी कम होगा।
भगवंत मान ने पंजाब के हित दिल्ली को बेचे: सुखबीर
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के हित दिल्ली को बेच दिए हैं। यह समझौता आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के उल्लंघन का मामला है। हम पंजाब के गवर्नर से संपर्क करेंगे और उनसे पंजाब विरोधी समझौते पर सहमति वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री को निर्देश देने का आग्रह करेंगे।
यह समझौता नहीं, सीधे तौर पर सरेंडर का दस्तावेज: राजा वड़िंग
पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने यह सिर्फ एक समझौता नहीं, बल्कि सीधे तौर पर सरेंडर का दस्तावेज है। इस तरह के समझौते के पीछे का उद्देश्य केजरीवाल द्वारा मान पर दबाव है, जिससे उन्हें ही नुकसान होगा।
दिल्ली का शिक्षा मॉडल
- 1068 स्कूलों में करीब 18 लाख बच्चे।
- यहां दो तरह के स्कूल चलते हैं, यूनिवर्सल और स्पेशलाइज्ड।
- यूनिवर्सल स्कूल दिल्ली के सभी बच्चे के लिए खुले हैं, जबकि स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस स्कूल कक्षा 9-12 के लिए है और यहां प्रवेश एक योग्यता परीक्षा के माध्यम से होता है।
- दिल्ली सरकार कुल बजट का करीब 25 फीसदी हर साल शिक्षा पर खर्च करती है।
- गुणवत्ता बुनियादी ढांचा, मजबूत स्कूल समुदाय, शिक्षकों की क्षमता का निर्माण, पाठ्यक्रम में सुधार शिक्षा मॉडल के स्तंभ हैं।
- शिक्षकों की क्षमता मजबूत करने के लिए आईआईएम के साथ-साथ सिंगापुर, फिनलैंड और कैंब्रिज में अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में दिल्ली के स्कूल के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के प्रशिक्षण को सुनिश्चित किया है।
- पाठ्यक्रम में सुधार कर बच्चों में समग्र दृष्टिकोण का विकास।
- आंत्रप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम से उद्यमिता का विकास।
- देशभक्ति करिकुलम से देशभक्ति का विकास।
- दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन का गठन।
- करीब 2 करोड़ की आबादी वाली दिल्ली में 13,500 व्यक्ति/वर्ग किमी के जनसंख्या घनत्व है।
- उच्च स्तरीय हेल्थकेयर प्रदान करने के लिए 12,603 बिस्तरों वाले 38 अस्पताल। इसमें से 34 एलोपैथी और 4 आयुष अस्पताल।
- कुल 30 पॉलीक्लीनिक और 414 औषधालय हैं।
- 28,862 बिस्तरों के साथ 1,068 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम।
- 519 मोहल्ला क्लीनिक और 20 स्कूल स्वास्थ्य क्लीनिक।
- आम आदमी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा।
- दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए फरिश्ते दिल्ली के योजना।
- सरकारी अस्पतालों में देरी होने पर फ्री सर्जरी।
- दिल्ली में हेल्थकेयर के कैपिटल बजट में 5.5 गुना बढ़ोतरी।
- पॉलीक्लीनिक दे रहे हैं समग्र उपचार।
- दिल्ली के लोगों को मिलेगी अस्पताल की लंबी कतारों से मुक्ति।
- पूरा सिस्टम होगा डिजिटल और क्लाउड आधारित।
- सेंट्रलाइज हेल्थ हेल्पलाइन के लिए बनेंगे कॉल सेंटर।