फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Second Day of Punjab Budget Session Bhagwant mann government presents white paper all update

Punjab Budget Session: पंजाब की कानून-व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने का एलान, मान ने बताए सरकार के पूरे हुए वादे और भविष्य की योजनाएं

Sat, 25 Jun 2022 12:16 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 25 Jun 2022 12:16 PM IST
सार

पंजाब सरकार के बजट सत्र 30 जून तक चलेगा। 27 जून को वित्तमंत्री हरपाल चीमा पेपरलेस बजट पेश करेंगे।  

विज्ञापन
Second Day of Punjab Budget Session Bhagwant mann government presents white paper all update
बजट सत्र के दौरान बोलते सीएम भगवंत मान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब से गैंगस्टरों का आतंक खत्म करने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति को और मजबूत करने के लिए व्यापक सुधार लाने का एलान किया। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में गैंगस्टरों की गतिविधियों पर नकेल कसना राज्य सरकार का कर्तव्य है। इस दिशा में कानून-व्यवस्था में व्यापक स्तर पर सुधार समय की मुख्य जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही विटनेस प्रोटेक्शन बिल (गवाह सुरक्षा बिल) लाएगी और जेलों को अति सुरक्षित रूप में अपग्रेड करेगी। इस दौरान सीएम ने अपनी सरकार के पूरे हुए वादे और भविष्य की योजनाएं बताईं।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस उद्देश्य के लिए पहले ही एडीजीपी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में गैंगस्टर विरोधी टास्क फोर्स का गठन किया है। इस टास्क फोर्स को गैंगस्टरों के साथ किसी तरह का लिहाज न बरतने के सख्त आदेश दिए हैं। इस फोर्स को आधुनिक सुविधाएं और साधन मुहैया करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरहद पार से नशा और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए एसटीएफ ने तकनीकी सहयोग के लिए जिला पुलिस, खुफिया विंग, बीएसएफ, एनसीबी और अन्य एजेंसियों के साथ तालमेल करके बड़ी कार्रवाई शुरू की है।
विज्ञापन


नशे के खिलाफ जंग का एलान करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी सरकार ने पुलिस को नशे के तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की हिदायत दी है कि नशा तस्करों के साथ साझेदारी करने वाला कोई भी व्यक्ति किसी भी सूरत में बख्शा न जाए। इसी तरह एसएसपीज/पुलिस कमिश्नरों को भी आदेश दिए हैं कि वह एसटीएफ के साथ मिलकर काम करें और नशा तस्करी में शामिल बड़ी मछलियों को पकड़ें। पुलिस अफसरों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि उनके कार्य क्षेत्र में नशे से निपटने में किसी भी तरह की ढिलाई के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं

अपनी सरकार की उपलब्धियां और भविष्य में किए जाने वाले कार्यों का खाका पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सपने को साकार करने का रास्ता आसान नहीं है। मैं पार्टी स्तर से ऊपर उठकर इस सदन के सभी सदस्यों से सहयोग की उम्मीद करता हूं, जिससे हम एकजुट होकर अपने सपनों के पंजाब के पुनर्निर्माण के लिए अथक मेहनत करके आगे बढ़ सकें।

ये उपलब्धियां गिनाईं 

  • मौजूदा सरकार ने ‘ओट’ सेंटरों की संख्या 280 से बढ़ाकर 500 कर दी है। इसका मुख्य मंतव्य नशे को जड़ से खत्म करना और मरीजों को मानक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाना है।
  • पूर्व विधायकों के लिए ‘एक विधायक के लिए एक पेंशन’ जैसा बेमिसाल कदम उठाया।
  • भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन जारी की, 29 केस दर्ज और 47 गिरफ्तारियां, अपने ही कैबिनेट मंत्री के खिलाफ कार्रवाई।
  • बच्चों को मानक शिक्षा के लिए न केवल सरकारी स्कूलों का कायाकल्प बल्कि प्राइवेट स्कूलों की फीस भी नियमबद्ध की।
  • स्कूल फीस एक्ट-2016 का उल्लंघन करने वालों की एनओसी रद्द होगी और एक लाख रुपये का जुर्माना लगेगा।
  • बच्चों के माता-पिता को किसी विशेष दुकान से किताबें और वर्दियां खरीदने की मजबूरी नहीं।
  • 5994 ईटीटी अध्यापकों और 8393 प्री-प्राइमरी अध्यापकों की भर्ती की प्रक्रिया जारी।
  • एक साल में तीसरी फसल के तौर पर मूंग को प्रोत्साहित किया, 7275 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी पर की खरीद।
  • धान की सीधी बिजाई के लिए भी 1500 रुपये प्रति एकड़ की सब्सिडी दी।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभार्थियों को घर तक आटे के वितरण के लिए मार्कफैड को नोडल एजेंसी बनाया।
  • शहीद जवानों के परिवारों का मान-भत्ता बढ़ाकर एक करोड़ रुपये किया गया।
  • सरकारी विभागों/ बोर्डों/कॉरपोरेशनों/एजेंसियों में खाली पड़े 25000 पदों का विज्ञापन जारी।
  • पहले 100 दिनों में ही पंजाब से दिल्ली हवाई अड्डे तक सीधी बसें चला दीं।
  • 6100 एकड़ पंचायती जमीन को अवैध कब्जे से छुड़वाया।
  • प्रत्येक कीमत के स्टांप पेपर जारी करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक स्टैंप प्रणाली लागू।
  • तहसील/सब तहसील के सभी गांवों के राजस्व रिकॉर्ड जैसे कि जमाबंदी, इंतकाल, रपट/रोजनामचा आदि का कंप्यूटरीकरण किया।
  • 172 फर्द केंद्र चालू किए गए और लगभग 13,098 राजस्व अस्टेट का रिकॉर्ड कंप्यूट्राइज्ड किया

बताईं भावी योजनाएं

  • कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों के अध्यापकों को जल्द ही यूजीसी के पे-स्केल दिए जाएंगे। 
  • नौजवानों को मानक तकनीकी शिक्षा के लिए 19 नई सरकारी आईटीआई खुलेंगी, 44 नए कोर्स भी विचाराधीन
  • सरकार शहरों में मोहल्ला क्लीनिक और ग्रामीण क्षेत्रों में गांव क्लीनिक खोलेगी।
  • स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ को मुख्य रखते हुए 75 मोहल्ला क्लीनिक खोले जाएंगे।
  • 7 नए जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य केंद्रों के गुरदासपुर, नाभा, पट्टी, रायकोट, मुक्तसर, तलवंडी साबो और डेराबस्सी में निर्माण को मंजूरी।
  • 2950 सब-सैंटरों को ‘तंदुरुस्त पंजाब स्वास्थ्य केन्द्रों’ के रूप में अपग्रेड करने का फैसला।
  • राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 25,000 मकान बनाने का प्रस्ताव।
  • दालें, मक्का, कपास और तेल के बीजों के अधीन क्षेत्रफल बढ़ाया जाएगा।
  • 2 सालों में 7000 नए डेयरी यूनिट स्थापित किए जाएंगे।
  • गिद्दड़बाहा में 150 टीपीडी की क्षमता वाला नया कैटल फीड प्लांट बनेगा।
  • फिरोजपुर, जालंधर, लुधियाना और गडवासू लुधियाना में नए दूध प्रोसेसिंग प्लांट लगेंगे।
  • साल 2022-23 के लिए अलग-अलग स्कीमों के अधीन 1.2 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाएंगे।
  • मोबाइल एप्लीकेशन के जरिये ई-गिरदावरी की डाटा एंट्री की प्रक्रिया शुरू होगी।

प्रवासी भारतीयों से सहयोग का आह्वान

प्रवासी भारतीयों के सहयोग की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी भारतीय औद्योगिक हब स्थापित करने के लिए आगे आएं और अपने गांवों में मॉडल स्कूलों और अस्पतालों के विकास में हिस्सेदार बनें। उन्होंने कहा कि स्कूली इमारतें, समाज सेवाओं, अस्पताल, पीने वाला पानी, सिवरेज, पखाने, स्ट्रीट लाइटों, स्टेडियम और अन्य प्रोजेक्टों जैसे बुनियादी निर्माण कार्यों में प्रवासी भारतीय 50 प्रतिशत तक योगदान दे सकते हैं और बाकी 50 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार की तरफ से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रवासी भारतीयों की और ज्यादा मदद करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। ऑनलाइन शिकायत निवारण करने वाली प्रणाली और विशेष शिकायत निवारण करने वाले अफसरों की नियुक्ति भी प्रवासी भारतीयों की शिकायतों का निर्णय करने में सहायक होगी। 
 

कम समय देने के विरोध में कांग्रेस का वॉकआउट

पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन शनिवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर समय न दिए जाने पर एतराज जताते हुए कांग्रेस के सदस्यों ने पहले तो सदन में हंगामा किया और उसके बाद कांग्रेसी सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए। इस पर सीएम मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तंज कसा कि कांग्रेस को सुनने की आदत नहीं है, ऐसा वह लोकसभा में भी देख चुके हैं।

कांग्रेसी सदस्यों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के हिमाचल में कार्यक्रम को देखते हुए सदन की कार्यवाही को समय से पहले स्थगित कर दिया गया। विधानसभा में शून्यकाल के दौरान जब विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हो रही थी, तब मुख्यमंत्री सदन में पहुंचे तो स्पीकर ने घोषणा की कि अब मुख्यमंत्री राज्यपाल के अभिभाषण पर जवाब देंगे। 

इस घोषणा के बाद कांग्रेस के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेसी सदस्यों का कहना था कि बिजनेस सलाहकार कमेटी की बैठक में तय हुआ था कि सदन की कार्यवाही दो बजे तक चलेगी, लेकिन मुख्यमंत्री के हिमाचल दौरे को देखते हुए बगैर चर्चा के ही राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी दी जा रही है।

नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि अभी कांग्रेस पार्टी की तरफ से तीन विधायकों का भाषण बाकी है। हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक सीटें छोड़कर खड़े हो गए, तब मुख्यमंत्री को अपना भाषण बीच में रोकना पड़ा। स्पीकर ने कहा कि विधायकों की संख्या के अनुसार धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए कांग्रेस के हिस्से 55 मिनट आए थे, लेकिन कांग्रेसी सदस्य 57 मिनट बोले। वहीं कांग्रेसी सदस्यों का कहना था कि 55 मिनट केवल एक दिन के थे, आज चर्चा बाकी है। प्रताप बाजवा ने कहा कि सरकार सदन में चर्चा से भाग रही है। राज्यपाल के भाषण पर बोलना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन सदन में स्पीकर केवल सरकार का ही पक्ष ले रहे हैं। हंगामे के बावजूद जब स्पीकर ने विपक्षी विधायकों को बोलने की मंजूरी नहीं दी तो कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए और बाद में सदन से वॉकआउट कर गए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेसी सदस्यों के रवैये पर टिप्पणी की कि वह लोकसभा में भी देख चुके हैं, कांग्रेस को सुनने की आदत नहीं है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सरकार की तरफ से जवाब दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed