{"_id":"43ec8a76102de5bf00645980bfb22c94","slug":"sdm-office-attached-property","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसडीएम कार्यालय की संपत्ति कुर्क ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसडीएम कार्यालय की संपत्ति कुर्क
अमर उजाला मोहाली
Updated Tue, 19 Nov 2013 12:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुछ किसानों को बकाया राशि का भुगतान न किए जाने के कारण जिला अदालत द्वारा एसडीएम कार्यालय की इमारत एवं सामान की कुर्की के आदेश दिए गए। इसके बाद अदालत से सोमवार को बैलफ (कुर्क अमीन) द्वारा एसडीएम कार्यालय में पहुंच कर कार्यालय का सारा सामान एवं बिल्डिंग को याचिकाकर्ताओं की मौजूदगी में कुर्क कर लिया गया। इसके बाद इसे सुपुर्दगी पर कार्यालय के ही वरिष्ठ सहायक को सौंप दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव नया शहर के पूर्व सरपंच संजीव कुमार एवं रजिंदरपाल, प्यारा सिंह, गांव खूनी माजरा निवासी नछत्तर सिंह, एवं गुरदीप सिंह ने बताया कि वर्ष 2004 में खरड़ रेलवे स्टेशन के लिए सड़क बनाने के वास्ते लिए उनकी जमीनें एक्वायर की गई थीं। इनकी जमीनों की एवज में लगभग ढाई करोड़ रुपये की अदायगी न किए जाने के कारण मोहाली के अतिरिक्त सैशन जज जसविंदर कौर सीमार की अदालत ने 11 नवंबर को एसडीएम कार्यालय की इमारत एवं सामान को कुर्क करने के आदेश जारी किए गए थे।
यह संपत्ति हुई कुर्क
वारंट जारी होने के बाद कुर्क अमीन सोमवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने याचिकाकर्ताओं की मौजूदगी में एसडीएम कार्यालय की इमारत, कार्यालय की 7 मेज, 50 कुर्सियां, फोटोस्टेट मशीन, सभी कंप्यूटर, सभी छत वाले पंखे, सभी एसी, सभी अल्मारियां एवं रैक एवं सरकारी जीप को कुर्क कर लिया गया।
विज्ञापन
क्या था मामला
याचिकाकर्ता संजीव कुमार एवं अन्य ने बताया कि इस सड़क के लिए गांव खूनी माजरा, नया शहर-बडाला की जमीन अधिग्रहीत हुई थी। इस जमीन के बनते मुआवजे की 80 प्रतिशत रकम वर्ष 2005 में किसानों को अदा कर दी गई। इसके बाद बकाया राशि के लिए याचिकर्ताओं ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अपील की। इस मामले में वर्ष 2011 में उन्हें पूरी रकम की अदायगी अदालती आदेशों के बाद कर दी गई। इसके बाद इन याचियों ने मुआवजें की रकम में बढ़ोत्तरी करने संबंधी एक अन्य याचिका दाखिल की गई। इस पर अप्रैल 2013 में अदालत द्वारा लगभग 23 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की रकम में बढ़ोत्तरी के साथ अदायगी के आदेश जारी कर दिए। बनती रकम लगभग ढाई करोड़ रुपये की अदायगी न होने के कारण इन किसानों ने एक याचिका जिला अदालत में दाखिल की, जिसमें एसडीएम खरड़ कम लैंड एक्वीजेशन कलेक्टर अधिकारी खरड़ को भी पार्टी बनाया गया। हाल ही में 11 नवंबर को इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने किसानों की उक्त रकम की रिकवरी के लिए एसडीएम कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने संबंधी वारंट जारी किए। इस मामले की अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी। वारंट जारी होने के बाद कुर्क अमीन ने उक्त कार्रवाई की।
कैप्शन।
1.एसडीएम कार्यालय की इमारत।
विज्ञापन
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव नया शहर के पूर्व सरपंच संजीव कुमार एवं रजिंदरपाल, प्यारा सिंह, गांव खूनी माजरा निवासी नछत्तर सिंह, एवं गुरदीप सिंह ने बताया कि वर्ष 2004 में खरड़ रेलवे स्टेशन के लिए सड़क बनाने के वास्ते लिए उनकी जमीनें एक्वायर की गई थीं। इनकी जमीनों की एवज में लगभग ढाई करोड़ रुपये की अदायगी न किए जाने के कारण मोहाली के अतिरिक्त सैशन जज जसविंदर कौर सीमार की अदालत ने 11 नवंबर को एसडीएम कार्यालय की इमारत एवं सामान को कुर्क करने के आदेश जारी किए गए थे।
विज्ञापन
यह संपत्ति हुई कुर्क
वारंट जारी होने के बाद कुर्क अमीन सोमवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने याचिकाकर्ताओं की मौजूदगी में एसडीएम कार्यालय की इमारत, कार्यालय की 7 मेज, 50 कुर्सियां, फोटोस्टेट मशीन, सभी कंप्यूटर, सभी छत वाले पंखे, सभी एसी, सभी अल्मारियां एवं रैक एवं सरकारी जीप को कुर्क कर लिया गया।
विज्ञापन
क्या था मामला
याचिकाकर्ता संजीव कुमार एवं अन्य ने बताया कि इस सड़क के लिए गांव खूनी माजरा, नया शहर-बडाला की जमीन अधिग्रहीत हुई थी। इस जमीन के बनते मुआवजे की 80 प्रतिशत रकम वर्ष 2005 में किसानों को अदा कर दी गई। इसके बाद बकाया राशि के लिए याचिकर्ताओं ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अपील की। इस मामले में वर्ष 2011 में उन्हें पूरी रकम की अदायगी अदालती आदेशों के बाद कर दी गई। इसके बाद इन याचियों ने मुआवजें की रकम में बढ़ोत्तरी करने संबंधी एक अन्य याचिका दाखिल की गई। इस पर अप्रैल 2013 में अदालत द्वारा लगभग 23 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की रकम में बढ़ोत्तरी के साथ अदायगी के आदेश जारी कर दिए। बनती रकम लगभग ढाई करोड़ रुपये की अदायगी न होने के कारण इन किसानों ने एक याचिका जिला अदालत में दाखिल की, जिसमें एसडीएम खरड़ कम लैंड एक्वीजेशन कलेक्टर अधिकारी खरड़ को भी पार्टी बनाया गया। हाल ही में 11 नवंबर को इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने किसानों की उक्त रकम की रिकवरी के लिए एसडीएम कार्यालय की संपत्ति कुर्क करने संबंधी वारंट जारी किए। इस मामले की अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी। वारंट जारी होने के बाद कुर्क अमीन ने उक्त कार्रवाई की।
कैप्शन।
1.एसडीएम कार्यालय की इमारत।