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प्राइवेट स्कूलों पर शिकंजा, रद्द हो सकती है कई स्कूलों की मान्यता

Mon, 18 Apr 2016 01:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 18 Apr 2016 01:30 AM IST
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Screws on private schools in chandigarh, may be revoked accreditation
भारी स्कूल बैग - फोटो : amar ujala

शहर के प्राइवेट स्कूलों में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस में शामिल करने की मनमानी करने वालों स्कूलों पर अब गाज गिरेगी। अभिभावकों की गाढ़ी कमाई लूटने वाले प्राइवेट स्कूलों की लैंड अलॉटमेंट से लेकर मान्यता तक रद्द हो सकती है। अभिभावकों के भारी दबाव और शिकायतों पर प्रशासन ने प्राइवेट स्कूलों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है।

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डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन ने शहर के सभी 85 प्राइवेट स्कूलों को नोटिस भेजने का आदेश शनिवार को ही जारी कर दिया है। सभी स्कूलों से चार दिन के भीतर सभी कक्षाओं में पढ़ाई जा रही प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें, रेट, कैंपस में बुकशॉप संबंधित पूरी जानकारी मांगी है।
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विभाग अब माइनॉरिटी स्टेटस की आड़ में ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिला नहीं देने वालों की भी खबर लेगा। सोमवार को शिक्षा विभाग इस्टेट ऑफिस को भी चिट्ठी लिखकर डिफॉल्टर स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा। विभाग की कार्रवाई में शहर के कई नामी स्कूलों पर गाज गिरनी लगभग तय है। इन स्कूलों के खिलाफ लगातार लिखित और व्हाट्सअप पर शिकायतें मिल रही हैं।
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सीबीएसई भी कार्रवाई की तैयारी में 
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी का मामला सीबीएसई तक पहुंच चुका है। शिक्षा विभाग की चिट्ठी के बाद सीबीएसई पंचकूला रीजनल डायरेक्टर ने भी प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ आ रही शिकायतों की रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार इस मामले में नई दिल्ली में सीबीएसई के उच्च अधिकारियों ने पूरे मामले में रीजनल दफ्तर से रिपोर्ट मांगी है। रीजनल डायरेक्टर आरजे खांडेराव ने कहा कि मामले में नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लेकिन अभी मामले में कुछ खुलासा करने से मना कर दिया।

आज मीटिंग में स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जाएगी

Screws on private schools in chandigarh, may be revoked accreditation
एडमिशन घोटाला - फोटो : demo pics

आज होगी मीटिंग: सोमवार कई दिनों की छुट्टी के बाद डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन का दफ्तर खुलेगे। जानकारी अनुसार पूरे मामले में लगातार शिक्षा विभाग की किरकिरी को देखते हुए सोमवार को अधिकारियों की अहम बैठक होने जा रही है। बैठक में नोटिस का जवाब नहीं देने वाले और नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

ईडब्ल्यूएस कोटे का रिकॉर्ड भी होगा तलब: शिक्षा विभाग इकोनॉमिकल वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) कोटे के तहत 2016 सत्र में दाखिला न देने वाले स्कूलों की भी खेरखबर लेने वाला है। अगले हफ्त तक सभी प्राइवेट स्कूलों का डाटा मांगा गया है। जानकारी के अनुसार अभी भी शहर के कई नामी प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस कोटे की सीटों को नहीं भरा गया है। ईडब्ल्यूएस कोटे की करीब 250 सीटें अभी खाली बताई गई हैं।

2009 में ही विभाग ने किए थे निर्देश: शिक्षा विभाग ने 2009 में ही प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबों और ड्रेस के लिए स्कूलों की मनमानी रोकने के निर्देश जारी किए थे। लेकिन विभाग के अधिकारी नियम न होने का हवाला देकर प्राइवेट स्कूलों पर कार्रवाई करने से बच रहे हैं। जानकारी के अनुसार स्कूलों को ड्रेस सैंपल और बुक्स सेट की पूरी जानकारी नोटिस बोर्ड पर लगाने के निर्देश जारी किए थे। लेकिन कुछ ही समय पर प्राइवेट स्कूलों ने विभाग के आदेशों की अनदेखी करनी शुरू कर दी। 2015 में कॉमन एडमिशन शेड्यूल के लिए जारी नियमों में फिर से सभी नियमों को शामिल किया गया था।

अमर उजाला हेल्पलाइन पर भेजें प्राइवेट स्कूलों की शिकायत: शहर के प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस, प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस में लगवाने, स्कूल कैंपस में बुक शॉप खोलने और प्राइवेट बुक शॉप के साथ टाइअप कर अभिभावकों को लूटने के खिलाफ अमर उजाला ने विशेष अभियान चलाया हुआ है। पूरे मामले को लेकर कई दिनों से अभिभावकों के दर्द अधिकारियों तक पहुंचाया है। अमर उजाला के लगातार अभियान पर आखिर शनिवार को शिक्षा विभाग ने शहर के सभी 85 प्राइवेट स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया है। अगर आप भी प्राइवेट स्कूलों की मनमानी से परेशान हैं तो मोबाइल नंबर- 7814197100 पर सिर्फ व्हाट्सएप या मैसेज से जानकारी दे सकते हैं। अभिभावकों की शिकायतों को यूटी प्रशासन के संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।

रुबिंदरजीत सिंह बराड़ ,डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़ ने ब‌ताया कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा निजी पब्लिशर्स की महंगी किताबें लागू करने के मामले को विभाग गंभीरता से ले रहा है। विभाग ने प्राइवेट स्कूलों से पूरे मामले में जवाब तलब किया है। इस संबंध में आगे की कार्रवाई शिक्षा सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग के बाद की जाएगी।

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