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Punjab: स्कूल स्टाफ को नहीं मिलेगा चाइल्ड केयर व विदेश यात्रा अवकाश, जनवरी से मार्च तक रहेगी रोक
Thu, 15 Dec 2022 09:07 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 15 Dec 2022 09:07 PM IST
सार
विभाग को यह फैसला इसलिए लेना पड़ा है कि क्योंकि कई टीचर साल के शुरू में अपनी छुट्टियां ले लेते हैं। जिससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो जाती है। साथ ही इसका असर परीक्षा परिणाम पर भी साफ दिखता है। इसके बाद स्कूलों में शिक्षा का स्तर गिरता है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
परीक्षाओं को ध्यान में रखकर शिक्षा विभाग टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ की छुट्टियों को लेकर सख्त हो गया। विभाग ने तय किया है कि जनवरी से लेकर मार्च तक स्टाफ को चाइल्ड केयर व विदेश यात्रा अवकाश नहीं दिया जाएगा। हालांकि किसी मुलाजिम का बच्चा अगर तीन साल से छोटा है या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो ऐसी स्थिति में सिविल सर्जन के सर्टिफिकेट या सिफारिश के आधार पर छुट्टी दी जा सकती है। वहीं, विदेश छुट्टी संबंधी फैसला भी विशेष स्थिति में दफ्तर स्तर पर लिया जाएगा।
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शिक्षा विभाग के मुताबिक जनवरी से लेकर मार्च का महीना स्कूलों के लिए काफी अहम होता है, क्योंकि इस समय परीक्षाओं का दौर शुरू हो जाता है। ऐसे में अध्यापकों को बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है, ताकि स्कूलों का रिजल्ट बढ़िया आए। साथ ही विद्यार्थियों की खामियों को सुधारा जा सके, उनकी विभिन्न विषयों पर पकड़ मजबूत बनाई जा सकें।
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बच्चों को पढ़ाई में स्कूल के नॉन टीचिंग स्टाफ की भूमिका भी काफी अहम रहती है। विभाग को यह फैसला इसलिए लेना पड़ा है कि क्योंकि कई टीचर साल के शुरू में अपनी छुट्टियां ले लेते हैं। जिससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो जाती है। साथ ही इसका असर परीक्षा परिणाम पर भी साफ दिखता है। इसके बाद स्कूलों में शिक्षा का स्तर गिरता है।
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याद रहे कि राज्य में 28 हजार के करीब स्कूल हैं। जिनमें हजारों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सात लाख के करीब विद्यार्थी हर साल दसवीं और 12वीं की परीक्षा देते हैं। बोर्ड की ओर से विद्यार्थियों की विभिन्न विषयों में पकड़ मजबूत बनाने के लिए विद्यक क्लब बनाए गए हैं। इसके अलावा शिक्षकों को टीचिंग लर्निंग मैटीरियल प्रयोग करने की हिदायत दी गई है।