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चंडीगढ़ में स्कूल पालिसी लागू, बस्ते का भार दस फीसदी से ज्यादा नहीं होगा

Sun, 10 Jan 2021 01:38 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 10 Jan 2021 01:38 AM IST
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School policy implemented in Chandigarh, the weight of baggage will not be more than ten percent
चंडीगढ़। विद्यार्थियों को जल्द ही स्कूल के बस्ते के बोझ से निजात मिल जाएगी। यूटी शिक्षा विभाग ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की स्कूल बैग पॉलिसी 2020 को लागू करने के निर्देश दे दिए हैं। इस पॉलिसी के तहत विद्यार्थियों के स्कूल बस्ते का भार उनके शारीरिक वजन के दस प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। साथ ही दूसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूल के लिए बैग की जरूरत नहीं होगी। अब जब भी विद्यार्थी स्कूल में आएंगे तो नई पॉलिसी के तहत उन्हें अपने बस्ते का भार रखना होगा। कोरोना की वजह से आठवीं के तक के विद्यार्थियों को नहीं बुलाया जा रहा है। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने पॉलिसी को लागू करवाने के लिए शिक्षकों से भी सुझाव मांगे हैं।
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यूटी शिक्षा निदेशक रुबिंदरजीत सिंह बराड़ ने बताया कि छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को भी स्कूल बुलाने के लिए योजना बनाई जा रही है। मंत्रालय के विद्यालय शिक्षा और साक्षरता विभाग की ओर से तैयार पॉलिसी में विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल बस्ते के न्यूनतम वजन से लेकर कक्षाओं में ही पाठ्यक्रम के अधिकतम हिस्से को कवर करवाने और गृह कार्य दिए जाने को लेकर सुझाव शामिल हैं। डॉक्यूमेंट के अनुसार विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम या कोर्स की योजना के समय ही सेल्फ-स्टडी या गृह कार्य दोनों को मिलाकर पढ़ाई के घंटों को ध्यान में रखा जाएगा।
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पॉलिसी के दस्तावेज के मुताबिक स्कूलों में दूसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों को गृह कार्य नहीं दिए जाने का जिक्र है। इसके साथ ही तीसरी से लेकर पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को हर हफ्ते अधिकतम 2 घंटे का गृह कार्य दिए जाने का प्रावधान है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के पॉलिसी डॉक्यूमेंट के अनुसार स्कूलों में मिडल कक्षाओं यानी छठी से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों को अधिकतम एक घंटे का गृह कार्य दिया जाएगा। इस प्रकार सप्ताह में गृह कार्य की अवधि 5 घंटे या 6 घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए। नौवीं से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए गृह कार्य की अवधि दो घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए। इन कक्षाओं में साप्ताहिक रूप से 10 से 12 घंटे तक का गृह कार्य स्कूल की तरफ से दिया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को स्कूल स्तर पर कम गृह कार्य की योजना घंटों के अनुसार बनाना होगा। नई पॉलिसी के अनुसार स्कूल वोकेशनल गतिविधियों को बढ़ावा देना होगा। इसके लिए विद्यार्थियों को मिट्टी के बर्तन बनाने, बागवानी, कढाई इत्यादि कलात्मक गतिविधियों में शामिल करना होगा।
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कक्षा शरीर भार किलो में बैग वजन किलो
प्री प्राइमरी 10 से 16 नो बैग
पहली 16 से 22 1.6 से 2.2
दूसरी 16 से 22 1.6 से 2.2
तीसरी 17 से 25 1.7 से 2.5
चौथी 17 से 25 1.7 से 2.5
पांचवीं 17 से 25 1.7 से 2.5
छठी 20 से 30 2 से 3
सातवीं 20 से 30 2 से 3
आठवीं 25 से 40 2 से 4.5
नौवीं 25 से 45 2.5 से 4.5
दसवीं 25 से 45 2.5 से 4.5
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