{"_id":"570fe7274f1c1ba63d4a6c7e","slug":"scam-in-admission-in-private-schools-under-ews-quota","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"प्राइवेट स्कूलों में EWS कोटे के तहत दाखिले में घोटाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राइवेट स्कूलों में EWS कोटे के तहत दाखिले में घोटाला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 15 Apr 2016 01:34 AM IST
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- फोटो : File
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शहर के प्राइवेट स्कूलों में एकोनॉमिक वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) के तहत दाखिले में बड़ा फर्जीवाड़ा हो रहा है। ऐसे कुछ मामले सामने भी आ चुके हैं। शिक्षा विभाग और यूटी प्रशासन पूरे मामले की जांच कराने में जुट गया है। गौरतलब है कि शहर के नामी स्कूलों में रिजर्व कोटे के तहत दाखिले के लिए फर्जी प्रमाण पत्र जमा करवाया हैं।
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सेक्टर-33 स्थित एक प्राइवेट स्कूल द्वारा प्रशासन के पास इस संबंध में शिकायत दर्ज कराने के बाद मामले का खुलासा हुआ। मामले में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। कई अन्य मामलों में अभी डीसी के आदेशों पर संबंधित एसडीएम जांच कर रहे हैं।
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एंट्री लेवल पर दाखिले की मारामारी के कारण कई अभिभावकों ने फर्जी सालाना आय और रेसिडेंट प्रूफ जमा करवाकर बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिया। प्राइवेट स्कूल प्रबंधन द्वारा सार्टिफिकेट्स की जब जांच कराई गई तो वह मामला उजागर हुआ। मामला सामने आने के बाद यूटी प्रशासन के अधिकारियों के भी होश उड़ गए। मामले को चंडीगढ़ के डीसी अजीत बालाजी जोशी देख रहे हैं। इस मामले में कई शिकायतें उनको भी मिली हैं। इन शिकायतों की अभी जांच जारी है। माना जा रहा है कि ईडब्ल्यूएस के लिए बने प्रमाण पत्रों में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का खेल सामने आ सकता है।
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झूठे प्रमाण पत्र तैयार करवाने वाला रैकेट
प्राइवेट स्कूलों में एंट्री लेवल (नर्सरी-केजी) स्तर पर कुल सीटों की 25 फीदसी सीटें ईडब्ल्यूएस कोटे में रिजर्व हैं। इन सीटों पर परिवार की सालाना आय 1.5 लाख से कम होने पर ही आवेदन किया जा सकता है। संबंधित जोन के एसडीएम से इनकम प्रमाण पत्र बनवाना अनिवार्य है। ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिला होने पर नर्सरी से आठवीं तक पढ़ाई पूरी तरह निशुल्क होने के कारण कई अभिभावकों ने झूठे प्रमाण पत्र बनवाने शुरू कर दिए। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने में किसी रैकेट का हाथ होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
शिक्षा विभाग ने मांगी पूरी जानकारी
कैग की रिपोर्ट ने सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर पहले भी सवाल उठाए हैं।
- फोटो : demo pic
प्राइवेट स्कूलों में फर्जी प्रमाण पत्र पर दाखिले के मामले में अब शिक्षा विभाग के अधिकारियों की नींद खुली है। सूत्रों के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने सभी प्राइवेट स्कूलों को ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिला पाने वाले विद्यार्थियों के सभी मूल प्रमाण पत्रों की जांच के बाद रिपोर्ट देने को कहा है। विभाग के पास ईडब्ल्यूएस कोटे के प्रत्येक स्टूडेंट का रिकार्ड रखा जाता है। शिक्षा विभाग ही प्राइवेट स्कूलों को ईडब्ल्यूएस कोटे पर दाखिल बच्चों की पढ़ाई का खर्च प्राइवेट स्कूलों को देता है।
माइनारिटी स्टेटस लेकर बचे कई स्कूल
आरटीई-2009 के तहत शहर के 80 से अधिक स्कूलों को ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत एंट्री लेवल पर 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को दाखिला देना था। माइनोरिटी स्टेटस वाले स्कूलों को केंद्र सरकार द्वारा इस नियम से छूट मिली थी। ऐसे में शहर के अन्य स्कूलों ने भी ईडब्ल्यूएस कोटे से बचने के लिए माइनारिटी स्टेटस के लिए चक्कर लगाने शुरू कर दिए। 2010 तक करीब 7-8 स्कूल ही माइनारिटी स्टेटस में शामिल थे। लेकिन इस समय शहर के करीब 20 स्कूल इस लिस्ट में शामिल हो चुके हैं। सेक्टर-38 स्थित विवेक हाई स्कूल, सेंट कबीर जैसेे प्रतिष्ठित स्कूलों ने भी माइनारिटी स्टेटस ले लिया है।
स्वर्ण सिंह कंबोज, प्रेसिडेंट यूटी कैडर एजुकेशनल इम्पलाइज यूनियन चंडीगढ़ ने बताया कि काफी लोग सालाना आय का गलत प्रमाण पत्र बनवाकर ईडब्ल्यूएस कोटे में एडमिशन करवा रहे हैं। ऐसे मामलों में यूटी प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में भी कई अभिभावक पसंद के स्कूल में दाखिले के लिए गलत रेजिडेंस सर्टिफिकेट जमा करवा देते हैं।
रूबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़ ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस सीटों पर सिर्फ सही प्रमाण पत्र वाले बच्चों को ही दाखिला दिया जाएगा। गलत एफिडेविट देकर दाखिला लेने की कुछ जानकारी जरूर मिली है। लेकिन अभी लिखित में मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। विभाग पूरे मामले में जांच करेगा।
माइनारिटी स्टेटस लेकर बचे कई स्कूल
आरटीई-2009 के तहत शहर के 80 से अधिक स्कूलों को ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत एंट्री लेवल पर 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को दाखिला देना था। माइनोरिटी स्टेटस वाले स्कूलों को केंद्र सरकार द्वारा इस नियम से छूट मिली थी। ऐसे में शहर के अन्य स्कूलों ने भी ईडब्ल्यूएस कोटे से बचने के लिए माइनारिटी स्टेटस के लिए चक्कर लगाने शुरू कर दिए। 2010 तक करीब 7-8 स्कूल ही माइनारिटी स्टेटस में शामिल थे। लेकिन इस समय शहर के करीब 20 स्कूल इस लिस्ट में शामिल हो चुके हैं। सेक्टर-38 स्थित विवेक हाई स्कूल, सेंट कबीर जैसेे प्रतिष्ठित स्कूलों ने भी माइनारिटी स्टेटस ले लिया है।
स्वर्ण सिंह कंबोज, प्रेसिडेंट यूटी कैडर एजुकेशनल इम्पलाइज यूनियन चंडीगढ़ ने बताया कि काफी लोग सालाना आय का गलत प्रमाण पत्र बनवाकर ईडब्ल्यूएस कोटे में एडमिशन करवा रहे हैं। ऐसे मामलों में यूटी प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में भी कई अभिभावक पसंद के स्कूल में दाखिले के लिए गलत रेजिडेंस सर्टिफिकेट जमा करवा देते हैं।
रूबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़ ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस सीटों पर सिर्फ सही प्रमाण पत्र वाले बच्चों को ही दाखिला दिया जाएगा। गलत एफिडेविट देकर दाखिला लेने की कुछ जानकारी जरूर मिली है। लेकिन अभी लिखित में मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। विभाग पूरे मामले में जांच करेगा।