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घोटालाः कोविड 19 फंड में से खरीदी चीजों के दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल, यह है नियम
Wed, 24 Jun 2020 10:02 AM IST
खुशबू गोयल
अनिल कुमार, फिरोजपुर
अनिल कुमार, फिरोजपुर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 24 Jun 2020 10:02 AM IST
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रेल डिवीजन फिरोजपुर को मिले कोविड-19 फंड में से खरीदी वस्तुओं के दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। कई अधिकारियों ने फंड में से सप्लायरों से ऐनकें, सैनिटाइजर, मास्क और डस्टबीन खरीदे हैं, जिनके दाम आसमान को छू रहे हैं। जानकारी के अनुसार दस्तावेज में जो डस्टबीन रेलवे अस्पताल फिरोजपुर को सप्लाई किए गए हैं, इनका दाम लगभग 3415 रुपये प्रति पीस है।
सबसे बढ़िया कंपनी के डस्टबीन भी 1500 रुपये के हैं। इसी तरह ऐनकें दो सौ रुपये से अधिक प्रति पीस सप्लाई की गई है। सप्लायरों ने पचास रुपये प्रति पीस मास्क दिया है। इसी तरह सैनिटाइजर का दाम बाजार से डबल है। चाइनीज थर्मामीटर के दाम भी बहुत ज्यादा हैं। डिस्इंफेक्टेंट का दाम भी बाजार के दाम से डबल है।
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सबसे बढ़िया कंपनी के डस्टबीन भी 1500 रुपये के हैं। इसी तरह ऐनकें दो सौ रुपये से अधिक प्रति पीस सप्लाई की गई है। सप्लायरों ने पचास रुपये प्रति पीस मास्क दिया है। इसी तरह सैनिटाइजर का दाम बाजार से डबल है। चाइनीज थर्मामीटर के दाम भी बहुत ज्यादा हैं। डिस्इंफेक्टेंट का दाम भी बाजार के दाम से डबल है।
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यह है नियम
नियम है कि जिस विभाग को कोई सामान लेना होता है, वह पहले मार्केट से उसका दाम पूछता है। फिर अपनी मांग बनाकर सीनियर डीएमएम के पास भेजता है। इसके बाद सीनियर डीएमएम अपने विभाग के मुलाजिमों को बाजार में भेज कर उक्त वस्तुओं का दाम चेक करवाता है। उसके बाद सप्लायरों से रेट मांगे जाते हैं। जो सबसे कम देगा, उसी को आर्डर मिलता है।
कई सप्लायरों ने बनाई हुई है तीन से चार फर्में
सूत्रों के मुताबिक कई सप्लायरों ने तीन से चार फर्में बनाई हुई हैं। ये इसलिए बनाई है ताकि हर हाल में आर्डर लिया जा सके। इसलिए एक कोटेशन पर रेट कम और दो पर रेट ज्यादा अंकित किया जाता है।
कई सप्लायरों ने बनाई हुई है तीन से चार फर्में
सूत्रों के मुताबिक कई सप्लायरों ने तीन से चार फर्में बनाई हुई हैं। ये इसलिए बनाई है ताकि हर हाल में आर्डर लिया जा सके। इसलिए एक कोटेशन पर रेट कम और दो पर रेट ज्यादा अंकित किया जाता है।