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Chandigarh News: गर्दन की मुख्य धमनी बंद होने पर दूसरा रास्ता ढूंढ बचा लीं पांच जिंदगियां

Wed, 06 Dec 2023 02:10 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Dec 2023 02:10 AM IST
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Saved five lives by finding another way when the main artery of the neck was closed.
चंडीगढ़। पीजीआई के रेडियोडाइग्नोसिस विभाग के विशेषज्ञ ने एन्यूरिज्म के मरीजों के दिमाग तक जाने वाली मुख्य धमनी के बंद होने पर दूसरे रास्ते से सर्जरी का तरीका तलाशकर नौ माह के बच्चे समेत पांच लोगों का जीवन बचा लिया। इससे जहां ट्रॉमा के केस में एन्यूरिज्म वाले मरीजों को जीवनदान देना संभव हो पा गया है, वहीं इलाज की कड़ी में एक नई उपलब्धि पीजीआई के हिस्से में जुड़ गई। इस उपलब्धि के लिए पीजीआई के विशेषज्ञ की विश्वभर में सराहना हो रही है। पीजीआई में किए गए इस शोध को इंटरवेंशन न्यूरोरेडियोलॉजी जनरल में प्रकाशित किया गया है।
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नए तरीके से इलाज की राह ढूंढने वाले रेडियोडाइग्नोसिस विभाग के डॉ. चिराग आहूजा ने बताया कि मरीज के गर्दन की मुख्य धमनी से कैथेटर को ब्रेन के अंदर ले जाकर इस सर्जरी को किया जाता है लेकिन ट्रॉमा के कारण कई मरीजों में मुख्य मार्ग बंद हो जाता है। इससे सर्जरी फेल हो जाती है। अनजाने में डॉक्टर ऐसे मरीजों में ट्रॉमा का इलाज करने के चक्कर में नस को बंद कर देते हैं। जैसे आंख में चोट लगने पर की गई सर्जरी से ब्रेन को जाने वाली नस का रास्ता बंद हो जाता है। ठीक ऐसे ही आंखों के कुछ गंभीर मर्ज में भी इलाज के दौरान यह गलती होती है। ऐसे मामले में ओपन सर्जरी करना संभव नहीं होता क्योंकि दिमाग की हड्डी बहुत पतली होती है।
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एक रास्ता बंद तो दूसरा तलाश लिया
डॉ. चिराग ने बताया कि इस स्थिति में सर्जरी के लिए हम ब्रेन में दूसरी तरफ से गए। ब्रेन की आर्टरीज जो एक-दूसरे को क्रॉस करती हैं, जिन्हें कम्युनिकेटिंग आर्टरीज कहते हैं, उनके अंदर से रिवर्स जाकर मेन टारगेट तक पहुंचकर फटे हुए नस को बंद किया। सामान्य की तुलना में इस सर्जरी को करने में दोगुना समय लगता है। पीजीआई ने इस मर्ज से ग्रस्त नौ माह के बच्चे समेत पांच मरीजों की सफल सर्जरी कर जान बचाई, जिससे विदेशी विशेषज्ञों भी चकित हैं।
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इसलिए जरूरी है खून का बहाव बंद करना
एन्यूरिज्म नसों या मस्तिष्क के ऊतकों पर दबाव डाल सकती है। यह फट भी सकता है, जिससे आसपास के ऊतकों में रक्त फैल सकता है। एक टूटा हुआ एन्यूरिज्म रक्तस्रावी स्ट्रोक, मस्तिष्क क्षति, कोमा और यहां तक कि मृत्यु का भी कारण बन सकता है।


सामान्य तौर पर ऐसे होता है इलाज
मस्तिष्क की एन्यूरिज्मों का उपचार सर्जरी द्वारा किया जाता है, जिसमें एन्यूरिज्म को धातु के क्लिप से बंद किया जाता है या गर्दन की एक धमनी के माध्यम से एक छोटी सी नली के जरिए एन्यूरिज्म में धातु का एक लच्छा रखा जाता है जिससे खून का बहाव बंद हो जाता है।
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