9 दिन... 55 करोड़ खर्च... तब जाकर मिले रामपाल
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एक बाबा को पकड़ने के लिए प्रदेश सरकार ने अब तक 55 करोड़ रुपये खर्च कर डाले हैं। जो धन प्रदेश के विकास के लिए खर्च किया जाना चाहिए था, वह संत रामपाल जैसे बाबा को पकड़ने के लिए बर्बाद हुआ।
प्रशासन को रोजाना बाबा की घेराबंदी पर करीब छह करोड़ रुपये रोजाना का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इसमें 25 हजार जवानों के खाने-पीने से लेकर उनके रहने और रोडवेज की 120 बसों की नौ दिनों से बुकिंग शामिल है।
जवानों के ठहरने के लिए सरकार को धर्मशालाओं से लेकर होटल तक बुक कराने पड़ गए। इसके अलावा पुलिस के वाहनों का रोजाना का पेट्रोल का खर्चा, अस्पताल में घायलों के इलाज के दौरान होने वाला खर्च, जेसीबी मशीनें, एंबुलेंस का खर्च आदि शामिल हैं।
पुलिस की ओर से की गई ये तैयारियां
- पुलिस के 30000 जवान संत के आश्रम के बाहर घेराबंदी किए रहे। इन जवानों की ड्यूटी शिफ्ट के हिसाब से लगती है।
- 25 आईपीएस अधिकारी, 60 डीएसपी, 150 इंस्पेक्टर, 350 सब इंस्पेक्टर बाबा को पकड़ने के लिए स्पेशल बुलाए गए। सीआरपीएफ और बीएसएफ की 35 कंपनियां हिसार में तैनात की गईं।
- प्रशासन ने 100 वज्र वाहन, दंगा नियंत्रक वाहन, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को बाबा पर काबू पाने के लिए लगाया।
- प्रशासन को बाबा के समर्थकों को बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन तक पहुंचाने के लिए करीब 120 रोडवेज बसें लगानी पड़ी हैं। रोडवेज की एक बस एक दिन में करीब 20 हजार रुपये का कारोबार करती है, जिससे अकेले परिवहन विभाग को एक दिन में करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा पूरे दस दिन का पेट्रोल का खर्चा भी इसमें शामिल किया जा सकता है। रोडवेज का घाटा इसमें अलग से शामिल है। रोडवेज के 500 से ज्यादा कर्मचारी भी बसों के साथ रोडवेज ने भेजे हुए हैं।
- प्रशासन की ओर से 20 जेसीबी का इंतजाम किया गया है। ये सब मशीनें किराए पर ली गई हैं।
- सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी वार्डों की बुकिंग के अलावा 500 डॉक्टरों को स्पेशल लगाया हुआ है। अस्पतालों में बेड और बिस्तरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। इन पर खर्चा किया गया है।
- बाबा की घेराबंदी में लगे 30 हजार जवानों में एक जवान का एक दिन का खर्च हजार रुपये है। इस हिसाब से कुल खर्च तीन करोड़ रुपये होता है।
- इसके अलावा 25 आईपीएस अधिकारी, 60 डीएसपी रैंक के अधिकारियों का खर्चा एक दिन का 25 हजार रुपये है।
- इस प्रकार एक अनुमान के मुताबिक इस ऑपरेशन में 55 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।