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सतलोक आश्रम के सामान की होगी नीलामी

Wed, 26 Nov 2014 01:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Wed, 26 Nov 2014 01:31 AM IST
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satlok ashram goods sale at auction

रामपाल के आश्रम में रखी खाद्य सामग्री, गैस सिलेंडर, बर्तनों व तेल के टैंकर की नीलामी होगी। कोर्ट ने इसकी अनुमति दे दी है। इसके साथ ही खराब खाद्य सामग्री को नष्ट किया जाएगा इस पर रामपाल ने कोर्ट के सामने खुद सहमति जताई है। निलामी से आने वाली रकम सरकार के ट्रेजरी अकाउंट में जमा होगी।

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कोर्ट के समक्ष पुलिस की तरफ से पैरवी कर रहे वकील ने जज के समक्ष कहा कि खराब खाद्य सामग्री को नष्ट किया जाए ताकि उससे कोई नुकसान न हो। इस पर कोर्ट ने अनुमति दे दी। इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि आश्रम में रखे करीब 200 गैस सिलेंडर व बर्तनों तथा सूखी खाद्य सामग्री की निलामी करवाई जाए। जिसके लिए एसडीएम को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया जाए।
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इस पर कोर्ट ने रामपाल से पूछा की क्या वह इस बात से सहमत है। इस पर रामपाल की तरफ से जवाब पेश किया गया कि इस कमेटी में उनके वकील को भी लिया जाए। कोर्ट ने इस पर मुहर लगा दी।

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200 सिलेंडर का रिकॉर्ड नहीं दे पाया रामपाल

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रामपाल की तरफ से पैरवी कर रहे वकील ने कहा कि सामान की नीलामी से आने वाले रुपये रामपाल के खाते में जमा होनी चाहिए। इस पर पुलिस की तरफ से पैरवी कर रहे वकील ने कहा ऐसा क्यों तो रामपाल के वकील ने कहा कि यह हमारी व्यक्तिगत प्रॉपर्टी है।

सामने वाले वकील ने कहा कि अगर यह रामपाल की व्यक्तिगत प्रॉपर्टी है तो इन सिलेंडरों का रिकॉर्ड ले आओ। गैस सिलेंडर इनके पास इतने कैसे आ गए जब एक व्यक्ति को एक गैस सिलेंडर जारी होता है तो व्यक्तिगत प्रॉपर्टी कैसे हो गई। जिरह सुनने के बाद कोर्ट ने नीलामी के रुपये सरकार के खाते में जमा करवाने के निर्देश दिए।

गांवों से तमाशबीन पहुंच रहे सतलोक आश्रम

satlok ashram goods sale at auction

संत रामपाल की ओर से खड़े किए गए तथाकथित आलिशान आश्रम की एक झलक देखने के लिए हर कोई बेताब है। आसपास के गांवों से अनेक युवा और बुजुर्ग आश्रम देखने की तमन्ना लिए बरवाला पहुंच रहे हैं। हालांकि फिलहाल रामपाल के इस साम्राज्य पर सीआरपी और पुलिस का कब्जा होने के कारण लोगों को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है, जिसके कारण थोड़ी मायूसी भी है। फिर भी लोग आश्रम के चारों तरफ चक्कर लगाकर नजारा देखने से नहीं चूकते।

यू तो पूरा किल्ला बणा राख्या सै..
टोहाना के नजदीकी गांव लोहचब से आए 83 वर्षीय बुजुर्ग कपूर सिंह भी केवल आश्रम देखने के लिए इतने दूर चलकर आए। कपूर सिंह ने आश्रम के चारों ओर घूमकर दीवारों और रामपाल के महल को दूर से देखा। देखकर सुस्ताते हुए बोले, ‘यू तो पूरा किल्ला बणा राख्या सै, इस रामपाल नै, ठीक करया बच्चू न पुलिस पकड़ लेगी, नहीं तो बेरा नां कै करदा’। इस दौरान कपूर सिंह आश्रम के आसपास रहने वाले किसानों से भी उसके बारे में पूछताछ करते देखे गए।

अंदर तो पूरा ही बड़ा गड़बड़झाला

satlok ashram goods sale at auction

कपूर सिंह के ही साथ आए गांव डोभी निवासी नफेसिंह ने बताया कि टेलीविजन और अखबारों में रामपाल के आश्रम को लेकर तरह-तरह की बातें सुन और देख रहे थे। इतना सब सुनने के बाद आश्रम को देखने की मन में आई।

आश्रम पहुंचे तो पुलिस ने अंदर तो नहीं जाने दिया, लेकिन वहां दूर से देखकर ही अनुमान लगा लिया कि अंदर तो पूरा ही बड़ा गड़बड़झाला है। पुलिस और आसपास के लोगों ने भी जो बताया, उससे रामपाल के आश्रम की कई परतें उनके सामने आईं।

देखें तो सही क्या है अंदर...

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आसपास के कई गांवों के युवा भी टोलियां बनाकर आश्रम देखने पहुंच रहे हैं। बालसमंद के कृष्ण कुमार, जाखोद खेड़ा के विपिन कुमार, सदलपुर के ललित कुमार ने बताया कि बार-बार सुन रहे थे कि पुलिस ने रामपाल के आश्रम से आश्चर्यजनक सामान निकाला है। उसका आश्रम नहीं महल और बंकर है।

ऐसे में इस आश्रम को देखने की तमन्ना हुई तो साथियों का ग्रुप बनाकर देखने पहुंच गए, लेकिन पुलिस ने अंदर नहीं जाने दिया। बाहर से ही बड़ी-बड़ी दीवारें देखने से ही पता चल जाता है कि यहां किस तरह की कारगुजारी की गई है।

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