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संत रामपाल बनाम सरकार, 5 साइड इफेक्ट

Tue, 18 Nov 2014 12:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Tue, 18 Nov 2014 12:16 PM IST
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Sant Rampal Vs Khattar Govt, 5 Side Effects

संत रामपाल की गिरफ्तारी प्रशासन के लिए चुनौती तो बनी ही हुई है, लेकिन इसकी सजा सतलोक आश्रम के आसपास की ढाणियों में रह रहे लोगों को भुगतनी पड़ रही है।

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आश्रम के साथ लगती इन ढाणियों में रह रहे करीब ढाई सौ घरों में बिजली-पानी का कनेक्शन कटा हुआ है। इन घरों में पिछले चार दिनों से अंधेरा है।

जब से जिला प्रशासन ने सतलोक आश्रम का बिजली-पानी का कनेक्शन काटा है, इनके घरों में बिजली-पानी की सप्लाई रुक गई है।

पुलिस और जिला प्रशासन ने इन्हें भी एक तरह से नजरबंद किया हुआ है। मजबूरन लोग जमीन का खारा पानी पीने को मजबूर हैं। इनके घरों में भी राशन-पानी की व्यवस्था गड़बड़ा गई है।

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बाजारों में दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में

Sant Rampal Vs Khattar Govt, 5 Side Effects

बरवाला शहर के बाजार पिछले चार दिनों से एकदम खाली नजर आ रहे हैं। बाजारों की रौनक समाप्त हो गई है। पुलिस द्वारा इस मामले के बाद अहतियात के तौर पर बाजारों को बंद करवाया जा रहा है। चोरी-छिपे जिन दुकानदारों ने दुकानें खोली हुई हैं, वे ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं।

अस्पतालों में नहीं किए जा रहे मरीज दाखिल
अस्पतालों में गंभीर बीमारी वाले मरीजों को दाखिल नहीं किया जा रहा। जिन लोगों को कुछ आराम है, उन्हें छुट्टी देकर घर भेजा जा रहा है। जिला प्रशासन से सरकारी और निजी अस्पतालों के डॉक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे आपातकालीन स्थिति में हर आने वाले घायल को प्राथमिक उपचार जरूर दें।

किसान को पानी लगाने से रोका

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65 वर्षीय किसान चुन्नीलाल अपनी 21 एकड़ की गेहूं व सरसों की फसल में पानी लगा रहा था। इसकी सूचना पुलिस को मिलते ही पुलिस ने वहां पहुंचकर उसको पानी लगाने से रोक दिया।

एसपी सतेंद्र गुप्ता ने स्वयं वहां जाकर किसान को चेतावनी दी कि अगर 10 मिनट में पानी लगाना बंद नहीं किया तो उसका ट्यूबवेल कनेक्शन काट दिया जाएगा। बाद में किसान ने काफी गुहार लगाई लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी।

काम-काज भी ठप
ढाणियों में रह रहे लोगों का कहना है कि बिना बिजली और डीजल तेल के ट्यूबवेल भी नहीं चल रहे हैं और न ही ट्रैक्टर चल पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं बिजाई का समय है, उनका पूरा काम-काज ठप पड़ा है।

गेहूं की बिजाई लगातार लेट होती जा रही है। आश्रम को घेरने के इरादे से की गई नाकेबंदी के कारण उपमंडल में सभी सरकारी कार्यालयों में काम-काज पूरी तरह से ठप है।

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स्कूल-कॉलेज सहित शिक्षण संस्थान बंद

Sant Rampal Vs Khattar Govt, 5 Side Effects

सतलोक आश्रम के आसपास करीब ढाई सौ ढाणियों में रहे से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे। उनका तो घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। इसके अलावा बरवाला शहर के स्कूल-कॉलेज और शिक्षण संस्थान बंद हैं।

बरवाला में करीब 10 सरकारी स्कूल, 20 निजी स्कूल, एक कॉलेज, एक जेबीटी कॉलेज और अन्य कोचिंग सेंटर सहित सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं। हजारों बच्चों की पढ़ाई बाधित है।

जनता हाई स्कूल के विद्यार्थी मोनू और डॉक्टर बलदेव स्कूल के छात्र राजू का कहना है कि जब से संत रामपाल की गिरफ्तारी को लेकर जिला प्रशासन ने प्रयास शुरू किए, तब से स्कूल नहीं पहुंच पा रहे।

उनका कहना है कि उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है और आगे कितने दिनों तक यह स्थिति रहेगी, इसका अभी तक कोई अंदाजा नहीं है।

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