सतलोक आश्रम के अंदर बसा है 'शहर', देखेंगे क्या?
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हिसार जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर और बरवाला शहर से करीब चार किलोमीटर दूर सतलोक आश्रम का बोर्ड लगा है। यहां बने रोडवेज के बस स्टैंड पर उतरते ही कुछ खास होने का अहसास होता है। बृहस्पतिवार को बस स्टैंड से लेकर आश्रम के मुख्य गेट तक पुलिस व सीआरपीएफ के जवान तैनात थे।
जवानों के इस घेरे को पार करते हुए अमर उजाला की टीम आश्रम के मुख्य गेट पर पहुंची, जो इस समय टूटा फूटा पड़ा हुआ है। बाहर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है..काफी जांच पड़ताल के बाद ही किसी को अंदर जाने दिया जा रहा है। अमर उजाला की टीम भी इसी प्रक्रिया से गुजरकर आश्रम के अंदर प्रवेश करती है। अब हम आपको आश्रम के अंदर के हालात दिखाते हैं...
किले की तर्ज पर बना यह आश्रम
16 एकड़ जमीन पर किसी किले की तर्ज पर बना यह आश्रम हर किसी को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करता है। शाही द्वार जिसमें ट्रक, बस जैसी बड़ी गाड़ियां बिना किसी रुकावट के अंदर प्रवेश कर जाएं। आश्रम में तीन स्तर की दीवारें हैं। जिसमें पहली करीब 10 मीटर ऊंची, दूसरी 15 मीटर और तीसरी दीवार सत्संग हाल के चारों ओर बनी, जिसकी ऊंचाई करीब 50 फीट है।
आश्रम की खिड़कियों में भी लोहे की मोटी जालियां लगाई गई हैं। आश्रम की यह सुरक्षा हर किसी को यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि क्या यह किला किसी के आक्रमण से बचने के लिए बनाया गया है। आश्रम के पहले गेट पर घुसते ही एक ओर जूता घर बना है। जिसमें हजारों की संख्या में बैग रखे हैं। इसके साथ ही एक भंडार बना है, जिसमें प्रचार सामग्री रखी है।
यहां जजों के खिलाफ प्रकाशित की गई हजारों किताबें, पंपलेट सहित अन्य सामग्री भी रखी थी। करीब 20 मीटर आगे बढ़ने पर दूसरा भव्य गेट मिला। रामपाल की व्यवस्था के अनुसार इस गेट से पहले ही हर अनुयायी को तलाशी देनी पड़ती है। जिसमें महिलाओं व पुरुषों की तलाशी के लिए अलग अलग गेट बने हैं। यहां करीब 6 हैंड मेटल डिटेक्टर रखे हैं, इनसे जांच के बाद ही लोग आगे जा सकते हैं।
हॉल करीब दस एकड़ में बना है
दूसरे गेट को पार करने के बाद जब हम मेन हॉल में घुसते हैं तो आंखें खुली रह जाती हैं। यह हॉल करीब दस एकड़ में बना है और यहां 50 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इस हाल के एक हिस्से में महिलाओं के बैठने का प्रबंध था। दूसरी ओर पुरुषों के बैठने की व्यवस्था है। बीच से एक रास्ता सीधा संत रामपाल की कुर्सी तक पहुंचता है।
सामने करीब दस मीटर की ऊंचाई पर शीशे का भव्य केबिन है। जिसके दोनों ओर विशालकाय प्रोजेक्टर लगे हैं। प्रवचन के समय इन प्रोजेक्टर पर सीधा प्रसारण दिखता है। संत की कुर्सी से करीब 30 मीटर की दूरी पर डी बनाई गई है। इस डी के पहले हिस्से में संत रामपाल, संत गरीबदास, संत कबीरदास के बड़े बड़े पोस्टर लगे हैं। यहां महिलाआें व पुरुषों के लिए रामपाल को नमन करने के लिए दो हिस्से बनाए हैं। इन फोटो में दिन भर लाइट जलती है। अनुयायी इन तस्वीरों के सामने लेट कर दंडवत प्रणाम करते हैं।
लिफ्ट से आते हैं रामपाल
हॉल के सामने बने 20 मीटर के भव्य केबिन में रामपाल लिफ्ट से प्रकट होते हैं। यह नीचे बने तहखाने से आती है। बताया जा रहा है कि आश्रम में तीन बड़े-बड़ी तहखाने बने हैं। जिसकी व्यवस्था रामपाल और उनके कुछ करीबियों के ही हाथ में है।
यहां हर किसी को जाने की अनुमति नहीं है। व्यवस्था के अनुसार रामपाल से करीब 20 मीटर दूरी पर हर किसी को रोक लिया जाता है। यहां दो बडे़ होर्डिंग्स पर सूचना लिखी है। एक सूचना में लिखा है जगतगुरु संत रामपाल से प्रार्थना करने के लिए इन नंबरों पर संपर्क करें। जिसमें चार मोबाइल नंबर दिए गए हैं। दूसरी सूचना में लिखा है कि पैसे केवल सद्गुरु को ही दान दें।
खास अनुयायियों की अलग व्यवस्था
संत रामपाल के कक्ष के साथ ही दो अन्य कक्ष बने हैं। यह खास अनुयायियों के लिए हैं। इन कक्ष में चुनिंदा लोगों के अलावा किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं है। यहां कुछ अलमारियां भी रखी हैं। जिसमें कुछ सेक्स वर्द्धक दवाइयां रखी हुई थीं।
यह देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह आधुनिक सुख सुविधाओं वाला कक्ष है। इन कक्षों के पास कुछ खाली हिस्सा है, जिसमें एक लग्जरी बस खड़ी है। करीब आधा एकड़ में अंडरग्राउंड वाटर टैंक बना है। साथ में एक बिजली के उपकरणों का स्टोर रूम है। उसके पिछले हिस्से में पुरुषों के लिए दो मंजिल में करीब 500 टॉयलेट बनाए गए हैं।
रामपाल का स्वीमिंग पुल वाला भवन
आश्रम के पूर्वी हिस्से में रामपाल का महल है, जिसमें घुसते ही इसके लग्जरी होने का अंदाज लगाया जा सकता है। करीब एक एकड़ का यह महल पांच मंजिला है। जिसमें पहली दो मंजिल बाहर से आने वाले खास लोगों से मिलने के लिए आरक्षित हैं।
यहां एक निजी स्वीमिंग पुल है। इस महल में करीब 30 कमरे हैं। पहली दूसरी मंजिल सीसीटीवी व साउंड सिस्टम से लैस हैं। दूसरी मंजिल पर आश्रम के निजी कमांडो तैनात थे। यहां पेट्रोल बम, डीजल बम, पत्थर, सैकड़ों खाली बोतल, खतरनाक केमिकल सहित अन्य सामान पड़ा था।
तीसरी मंजिल पर रामपाल का सुपर डीलक्स आशियाना
तीसरी मंजिल पर रामपाल का आशियाना है। यह सुपर डीलक्स है, जिसमें बाथरूम भी एयर कंडीशनर है। दर्जनों ड्रेस, दर्जनों सैंडिल, टावल, एक अलमारी बेडशीट सहित अन्य सामान यहां उपलब्ध है।
यहां करीब 72 ईंच का एलईडी, कंप्यूटर सहित अन्य चीजें उपलब्ध हैं। रामपाल के आशियाने के एक हिस्से में क्लीनिक सी है जिसमें आयुर्वेदिक सेक्सवर्धक दवाएं, कुछ एलोपैथिक और कुछ अन्य बीमारियों की आयुर्वेदिक दवाइयां रखी थीं। चौथी मंजिल खाली थी। जिसमें कमांडो पोजीशन में होने के सुबूत मिले। यहां रजाइयां, खाने के लिए बाल्टी , बर्तन, कुछ लाठियां भी रखी थीं।
आश्रम में अस्पताल
कल खुल सकती है इलेक्ट्रानिक्स तिजोरियां
आश्रम में रामपाल की कोठी में इलेक्ट्रॉनिक्स तिजोरियां भी बनी हुई हैं। इन तिजोरियों को अभी तक खोला नहीं गया है। संभावना जताई जा रही है कि इनमें करोड़ों का सोना चांदी व नकदी हो सकता है। प्रशासन इन तिजोरियों को शुक्रवार को खोल सकता है।