फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   sansational truth behind businessman karan arora kidnapping case

30 करोड़ का कर्ज न चुकाने को रची किडनैपिंग की साजिश

Tue, 08 Dec 2015 11:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली।
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली। Updated Tue, 08 Dec 2015 11:58 AM IST
विज्ञापन
sansational truth behind businessman karan arora kidnapping case

बिजनेसमैन करण अरोड़ा करोड़ों रुपये के कर्ज में डूबा हुआ था। कर्ज चुकाने से बचने के लिए उसने किडनैपिंग का ड्रामा रचा था। यह बात पुलिस जांच में सामने आई है।

विज्ञापन


वहीं, करण के परिवार ने इस मामले में सोमवार को पुलिस को एक पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि वह किडनैपिंग केस में कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। वहीं, पुलिस ने बलौंगी थाने में करण के परिवार की शिकायत पर धारा-364 के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने उसे कैंसिल करनेे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
विज्ञापन


पुलिस के सीनियर अफसरों ने बताया कि जब करण से पूछताछ की गई तो शुरुआत में उसने बताया कि मुझे तीन लोगों ने अगवा किया था। हादसे वाली रात तीन लोग सड़क पर जा रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनमें दो लोगों ने एक को कंधे पर उठा रखा था। तीनों ने कार रोकने के लिए इशारा किया। फिर कार के ड्राइवर सीट वाला शीशा तोड़ा। इसके बाद तीनों ने कार से उसका अपहरण कर लिया। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो करण ने स्वीकार कर लिया कि उसने खुद शहर छोड़ा था। वह तनाव में था।

ऐसे रचा था किडनैपिंग का ड्रामा
पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात 12:45 पर करण ने अपने दोस्त पुलिस इंस्पेक्टर रविंदर पाल सिंह को उसके घर छोड़ा था। इसके बाद निराशा में डूबे करण ने भागने की तैयारी शुरू कर दी। उसने कार घर से 500 मीटर की दूरी पर खड़ी करके उसका ड्राइवर साइड वाला शीशा तोड़ा। उसके बाद वह पानीपत के लिए निकल गया। वहां से ट्रेन के जरिए यूपी पहुंच गया। हालांकि, पानीपत कैसे पहुंचा, पुलिस को करण की इस कहानी पर संदेह है। सूत्रों की माने तो पुलिस को संदेह है कि इस मामले में करण के पारिवारिक सदस्य और दोस्त जरूर शामिल रहे होंगे।

30 करोड़ से अधिक की देनदारी
जांच में पता चला है कि करण अरोड़ा पूरी तरह कर्ज में डूबा हुआ था। उसने करीब 30 करोड़ रुपये कर्ज ले रखा था। इसमें 10 करोड़ उसने आढ़तियों से ले रखे थे। वह उक्त राशि को चुका नहीं पा रहा था। ऐसे में उसने गायब होने की साजिश रची थी। उसने अमृतसर के आढ़ती से पांच करोड़, इसके अलावा कपूरथला और तरनतारन के आढ़तियों से भी कर्ज लिया हुआ था।


क्या कहते हैं अधिकारी
करण का अपहरण नहीं किया गया था। वह तनाव में था। इसलिए उसने खुद ही शहर छोड़ दिया था। मेडिकल रिपोर्ट में उसके तनाव में होने की पुष्टि हुई है। वहीं, करण के परिवार ने उन्हें लिखित में दिया है कि वह इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
- गुरप्रीत सिंह भुल्लर, एसएसपी मोहाली

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed