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Hindi News ›   Chandigarh ›   Sanjay Singh resigns as AAP's Punjab in-charge

विवादों से घिरा रहा 'आप' नेताओं का कार्यकाल, देखिए कैसे बदला माहौल?

Fri, 28 Apr 2017 09:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 28 Apr 2017 09:36 AM IST
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Sanjay Singh resigns as AAP's Punjab in-charge
आप नेता संजय सिंह - फोटो : फाइल फोटो
आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी संजय सिंह और सह-प्रभारी दुर्गेश पाठक का कार्यकाल विवादों से घिरा रहा। इन पर पैसे लेकर टिकट बांटने जैसे गंभीर आरोप लगे। पार्टी का एक बड़ा वर्ग सूबे में हार के लिए इन्हें जिम्मेदार मानता है।
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आप कनवीनर अरविंद केजरीवाल ने संजय सिंह को पंजाब का प्रभारी बनाया। संगठन विस्तार प्रमुख दुर्गेश पाठक को संगठन खड़ा करने की जिम्मेदारी सौंपी। दोनों नेेताओं ने कड़ी मशक्कत से जमीनी स्तर पर संगठन खड़ा किया। सुच्चा सिंह छोटेपुर को सूबा कनवीनर बनाया गया, लेकिन जैसे-जैसे आप का ग्राफ बढ़ना शुरू हुआ, संजय और दुर्गेश की ताकत बढ़ती गई। इन्होंने किसी भी विरोधी सुर को बर्दाश्त नहीं किया।
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माना जाता है कि छोटेपुर को पद से हटाना इनकी सबसे बड़ी गलती बनी। टिकट वितरण शुरू हो गया था, यहीं पर छोटेपुर का इनसे टकराव हुआ। कुछ टिकटों पर छोटेपुर ने आपत्ति जताई। साथ ही छोटेपुर का रिश्वत लेते हुए स्टिंग बाहर आ गया। 
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किसी भी विरोधी सुर को नहीं किया बर्दाश्त

Sanjay Singh resigns as AAP's Punjab in-charge
संजय सिंह - फोटो : File Photo
दिल्ली लॉबी को लगा कि वोट तो केजरीवाल के नाम पर पड़ने हैं, छोटेपुर को हटा देने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यहीं, उनसे चूक हो गई। छोटेपुर के पार्टी छोड़ते ही बड़ी संख्या में और नेता भी गए। पार्टी वॉलंटियरों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो गई।

इसके बाद तो इन पर कई बार पैसे लेकर टिकट बांटने के आरोप लगे। पार्टी सिद्धांतों को दरकिनार कर इन्होंने दागी नेताओं को टिकट दिए। आप के वॉलंटियरों को दरकिनार कर दूसरी पार्टियों से आए नेताओं को टिकट दिए, जिससे विरोध बढ़ता ही गया।

दिल्ली के नेताओं ने पंजाब में सिर्फ येस-मैन खड़े किए। संजय और दुर्गेश की हां में हां मिलाने वालों को ही आगे बढ़ाया गया। बाकियों केपर कतर दिए गए, जिससे इनके खिलाफ काफी असंतोष पैदा हो गया। पार्टी का एक बड़ा वर्ग मानता है कि इनकी गलत नीतियों और गलत टिकट वितरण से सत्ता हाथ से निकल गई।
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