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स्मृति ईरानी के बारे में ये क्या बोल गईं किरण खेर

Sun, 14 Sep 2014 05:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 14 Sep 2014 05:34 PM IST
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Samriti Irani and Kiran Kher in Chandigarh

सांसद किरण खेर ने कहा कि वे स्मृति ईरानी को तब से जानती हैं जब उन्होंने ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ सीरियल शुरू किया था। खेर ने कहा कि स्मृति पार्टी के लिए बेहद गंभीर रहती हैं।

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हमेशा वे पार्टी वर्क के लिए एक शहर से दूसरे शहर जाती रहती हैं। इसलिए हर बार उनकी एयरपोर्ट पर मुलाकात हो ही जाती है। खेर ने कहा कि स्मृति ने पार्टी के लिए 10 साल कड़ी मेहनत की है।
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मैंने सैलरी डोनेट की, आप भी करें
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने श्रीनगर बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष में अपनी एक महीने की सैलरी डोनेट की है। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा कि वे भी बाढ़ पीड़ितों के लिए बढ़-चढ़कर धनराशि जुटाएं। शनिवार को स्मृति ईरानी भाजपा कार्यालय कमलम में कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंची।
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उन्होंने कहा कि उन्हें चंडीगढ़ की समस्याओं की पूरी जानकारी है। शहर की सांसद किरण खेर उनसे कई बार शहर के मसलों को लेकर मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वे शहर की समस्याओं का हल करने की पूरी कोशिश करेंगी।

ज्ञापन देने वालों की भीड़

Samriti Irani and Kiran Kher in Chandigarh

भाजपा कार्यालय में स्मृति ईरानी को ज्ञापन देने वालों की भी खूब भीड़ नजर आई। कई प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपल और सरकारी स्कूलों के शिक्षक अपनी मांगों को लेकर उनसे मिलने पहुंचे। वहीं पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ सोई के नेता भी यहां पहुंचे। सोई के नेताओं ने पंजाब यूनिवर्सिटी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने की मांग की।

एल्युमनी नेटवर्क को मजबूत करें केंद्रीय विश्वविद्यालय

देश के सभी केंद्रीय विश्वविद्यालय अब अपने पूर्व विद्यार्थियों का डाटाबेस तैयार करेंगे ताकि विश्वविद्यालयों के विकास में अनुभवी पूर्व विद्यार्थियों का सहयोग लिया जा सके।

सेक्टर-10 स्थित होटल माउंटव्यू में केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपति की कांफ्रेंस के दूसरे और अंतिम दिन केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कुलपतियों से कहा कि जिस तरह से आईआईटी या आईआईएम जैसे संस्थानों ने एल्युमनी के अनुभव का लाभ लेते हुए अपने संस्थानों की डेवलपमेंट की है उसी तरह से केंद्रीय विश्वविद्यालयों को भी मजबूत एल्युमी नेटवर्क बनाना होगा।

पूर्व छात्रों का अगर डाटाबेस विश्वविद्यालयों के पास होगा तो उनकी विशेषज्ञता के अनुसार जरूरत पड़ने पर उनका सहयोग लिया जा सकता है। यूजीसी के चेयरमैन प्रो.वेद प्रकाश ने भी अपने व्याख्या में एल्युमनी नेटवर्क को मजबूत करते हुए विश्वविद्यालयों की डेवलपमेंट में पूर्व छात्रों के सहयोग को अहम बताया।

कुलपतियों ने गिनाई दिक्कतें

Samriti Irani and Kiran Kher in Chandigarh

कांफ्रेंस के दूसरे दिन सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपति को पांच पांच मिनट की प्रेजेंटेशन देने का मौका दिया गया। इस दौरान कुलपतियों ने जहां विश्वविद्यालय को लेकर तैयार किए गए विजन के बारे में बताया वहीं अपनी दिक्कतें भी गिनाईं। सबसे बड़ी दिक्कत विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को लेकर आ रही है।

शिक्षकों के रिक्त पद भरे नहीं जा रहे हैं। इसके साथ ही समय पर ग्रांट न मिलने से भी दिक्कत आ रही है। स्मृति ईरानी ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों को अब इस तरह की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

कॉमन वेब पोर्टल बनेगा
कांफ्रेंस में केंद्रीय विश्वविद्यालयों का कॉमन वेब पोर्टल बनाए जाने को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान कुलपतियों को बताया गया कि एनआईसी कॉमन पोर्टल बना रहा है, जिससे केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए आपसी तालमेल आसान हो जाएगा। इस वेब पोर्टल के जरिए केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपति सीधा एमएचआरडी के अधिकारियों से भी संपर्क कर पाएंगे।

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