समझौता ब्लास्ट केस में गवाह का चौंकाने वाला बयान
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बहुचिर्चत समझौता ब्लास्ट मामले में शनिवार को पांच गवाहों के बयान एनआईए की विशेष अदालत में दर्ज हुए। मामले के मुख्य आरोपी स्वामी असीमानंद सहित सभी आरोपियों को जस्टिस आरके सोंधी की अदालत में पेश किया गया।
मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने छह और सात फरवरी की तारीख तय की है। आरोपी कमल चौहान की जमानत की अर्जी भी दाखिल की गई। समझौता ब्लास्ट मामले में पेश गवाह अशरफ अली ने अपनी रिश्तेदार अरशिया के शव की शिनाख्त की थी। जिन्होंने अदालत में अपनी गवाही दी।
गवाह अफाक हुसैन ने धमाके के बाद सूचना मिलते ही अपने रिश्तेदार रजिया सुल्तान व उसके पति इजहार अली, अशरफ जहान व उसके पति सईद अख्तयार अली, भतीजा सईद हुसैन अली व भतीजी महक के शवों की पानीपत स्थित सामान्य अस्पताल में जाकर शिनाख्त की थी।
ट्रेन के यात्री ने बताया यह सच
यात्री इस्तकार अली ने बताया कि उन्होंने धमाके की आवाज सुनने के बाद बोगी के बाहर जाकर देखा तो पिछली बोगियों में आग लगी हुई थी। फिर उन बोगियों को अलग कर दिया गया और बाकि बोगियों को अंबाला के बाद फिर अटारी के लिए भेज दिया गया।
हादसे में अपने माता-पिता को खो चुके मोहम्मद जाकिर ने बताया कि वह भी घायल हो गए थे। जिन्हें घायल अवस्था में सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में मां के शव की ही शिनाख्त कर सके।
तत्कालीन मालखाना इंचार्ज सुरेश कुमार ने मालखाने से दिए गए सामान के बारे में ऐफिडेविट पेश किया और इस संबंध में दी गई एंट्रियों के बारे में जानकारी दी। वकील आरके हांडा ने बताया कि अगली सुनवाई छह और सात फरवरी को होगी।