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समझौता ब्लास्टः पाक नागरिक को मुआवजा
ब्यूरो/अमर उजाला, पानीपत
Updated Fri, 12 Dec 2014 10:25 AM IST
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समझौता बम ब्लास्ट मामले में पाकिस्तान के एक नागरिक को मुआवजा मिल गया है। रेलवे न्यायालय ने उसको चार लाख रुपये और छह रुपये प्रतिशत के हिसाब से ब्याज समेत देने का फैसला दिया है। एडवोकेट मोमिन मलिक ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।
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गौरतलब है कि 18 फरवरी 2007 को दिल्ली से लाहौर जाने वाली समझौता एक्सप्रेस में दीवाना के पास बम धमाका हो गया था। जिसमें करीब 68 लोगों की जान चली गई थी और कई दर्जन घायल हो गए थे।
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इन घायलों में पाकिस्तान का एक बच्चा अनिल समी एक था। अनिल समी अपने पिता सफीक अहमद और भाई हरीश मोहम्मद के साथ पाकिस्तान से अपने पैतृक शहर कानपुर में आया हुआ था और उस दिन समझौता एक्सप्रेस से पाकिस्तान वापस जा रहा था।
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इस धमाके में उसके पिता अनिल सेमी व भाई हरीश मोहम्मद की मौत हो गई थी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसको पानीपत के सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज को दाखिल कराया था। यहां से उसको स्पेशल विमान से लाहौर ले जाया गया और वहां के एक अस्पताल में दाखिल कराया था।
इस अस्पताल से इलाज पूरा होने के बाद दिल्ली के एक अस्पताल में अपने चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी कराई। वहीं उसके घायलावस्था के चलते दोनों हाथ तक काटने पड़े थे। उसको इस हादसे में 50 हजार रुपये मुआवजा मिला था।
मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं एडवोकेट मोमिन मलिक ने उसकी पैरवी की और रेलवे न्यायालय चंडीगढ़ में मुआवजे की याचिका दायर की। रेलवे न्यायालय ने दो साल की सुनवाई के बाद बच्चे के हक में रेलवे के खिलाफ आदेश पारित किया और चार लाख रुपये छह रुपये प्रतिशत के हिसाब से बयाज के साथ देने के आदेश दिए।
एडवोकेट मोमिन मलिक ने बताया कि यह राशि करीब साढ़े चार लाख रुपये बनेंगे और पाकिस्तानी करेंसी के हिसाब से करीब नौ लाख रुपये बनती है।