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कोच ने दिया ऐसा क्या मूलमंत्र जोकि 10 सेकंड में साक्षी ने पलट दी बाजी

Wed, 24 Aug 2016 11:10 AM IST
विजेंद्र कौशिक/अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
विजेंद्र कौशिक/अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा) Updated Wed, 24 Aug 2016 11:10 AM IST
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sakshi malik wins bronze medal in rio olympic in 10 seconds due to secret tips of coach
साक्षी मलिक - फोटो : PTI
रियो ओलंपिक में देश को पहला मेडल दिलाने वाली साक्षी मलिक ने 10 सेकेंड में बाजी पलट दी थी और इसके पीछे था कोच का मूलमंत्र। साक्षी, तुम किसी से कम नहीं, बल्कि मजबूत हो। विरोधी पहलवान को परास्त कर सकती हो। बुधवार की रात को रियो में कांस्य पदक के मुकाबले में साक्षी मलिक के कोच कुलदीप मलिक ने यह मूलमंत्र दिया था।
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साक्षी ने भी अपने कोच के मंत्र को सही साबित करते हुए ओलंपिक में मेडल के सूखे को खत्म किया। रियो से अमर उजाला के साथ बातचीत में कोच कुलदीप मलिक ने यह खुलासा किया। गोहाना के नजदीकी गांव खानपुर निवासी कुलदीप मलिक ने बताया कि 2011 में वे महिला कुश्ती टीम के कोच बने तो सबसे पहले महिला पहलवानों को मानसिक तौर पर तैयार किया। इंटरनेशनल स्तर पर खेल रही महिला पहलवानों की कुश्ती की वीडियो रिकार्डिंग दिखाई।
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इतना ही नहीं, देश-विदेश में प्रैक्टिस के दौरान साक्षी को उसके प्लस व माइनस प्वाइंट बताए। नतीजा यह हुआ कि मेडल की दौड़ से बाहर होने के बाद भी साक्षी ने हौसला नहीं खोया और रिपचेज राउंड में विरोधी पहलवान को शिकस्त देकर मेडल जीत लिया। जीत के पीछे कोचिंग के साथ-साथ साक्षी की मेहनत, उसके परिवार व देशवासियों की दुआएं अहम रही।
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विनेश का मेडल था पक्का, छह माह में वापसी करेगी

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साक्षी मलिक - फोटो : PTI
मलिक ने बताया कि विनेश टीम की सबसे तेज महिला पहलवान है। पहले मुकाबले में शानदार जीत दर्ज कर उसने साबित भी कर दिया था। चीन की पहलवान के साथ मुकाबले में उसके घुटने में चोट आई।

डाक्टरी जांच में पता चला है कि घुटने का लैगामेंट टूटा है, हड्डी में कोई फ्रैक्चर नहीं है। छह माह में वह पूरी तरह ठीक होकर दोबारा वापसी करेगी। लेकिन इस बात का जिंदगी भर मलाल रहेगा कि विनेश को अगर चोट नहीं लगती तो वह जरूर मेडल जीतती।

ओलंपिक रवाना होते समय किया था वादा, रियो में दिखाएंगे दमखम
तीनों महिला पहलवानों ने 19 जुलाई से 4 अगस्त तक बहालगढ़ स्थित उसी सांई सेंटर में प्रैक्टिस की थी, जहां नरसिंह यादव का कथित डोप टेस्ट प्रकरण सामने आया था। चार अगस्त को साई सेंटर में प्रैक्टिस के आखिरी सत्र में किशोर पहलवानों से मुकाबला कर अपनी तैयारियों का जायजा लिया था।

साथ ही रवाना होने से पहले कोच कुलदीप मलिक व तीनों महिला पहलवानों ने रियो में दमखम दिखाने का वादा किया था। महिला पहलवानों ने रियो में शानदार प्रदर्शन कर अपने वादे को पूरा किया।
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