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Chandigarh News: सैनी सरकार ने रिटायर्ड आईएएस खुल्लर को दिया वफादारी का इनाम

Sat, 19 Oct 2024 03:18 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 19 Oct 2024 03:18 AM IST
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Saini government rewarded retired IAS Khullar for his loyalty
सीएम के मुख्य प्रधान सचिव नियुक्त, मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा
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सैनी सरकार के 56 दिन में 126 फैसले लेने की रूपरेखा खुल्लर ने ही की थी तैयार

किसान, आंगनबाड़ी, डॉक्टर और कर्मचारियों के मुद्दे को खत्म करने में निभाई अहम भूमिका



आशीष वर्मा

चंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राजेश खुल्लर को उनकी वफादारी का इनाम दिया है। उन्हें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मुख्य प्रधान सचिव (सीपीएस) नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है। यह पहली बार है जब सीपीएस को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया हो। लोकसभा चुनाव के बाद सैनी सरकार ने 56 दिन में जो 126 फैसले लिए थे, उसकी रूपरेखा खुल्लर ने ही तैयार की थी। परदे के पीछे रहकर खुल्लर ने हरियाणा के आंदोलनकारी किसान, आंगनबाड़ी वर्कर्स, डाॅक्टर्स और कर्मचारियों के मुद्दे को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई थी। नॉन स्टॉप हरियाणा के स्लोगन के पीछे भी खुल्लर का नाम बताया जा रहा है।
खुल्लर की गिनती मनोहर लाल के विश्वासपात्रों में होती है। 2023 में खुल्लर के रिटायर होने पर मनोहर लाल ने उन्हें अपना मुख्य प्रधान सचिव नियुक्त किया था, मगर कैबिनेट रैंक का दर्जा नहीं था। मार्च में जब नायब सैनी को सीएम बनाया गया था तो उन्हें सीपीएस नियुक्त किया गया था। खुल्लर की साफ व बेदाग छवि है। भाजपा सरकार ने उनकी वफादारी और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए कैबिनेट मंत्री का रैंक दिया है।
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एक आईएएस अधिकारी ने बताया कि पांच जून के बाद नायब सिंह सैनी ने जो अभूतपूर्व फैसले लिए हैं, उनकी रूपरेखा खुल्लर ने ही तैयार की थी। चुनाव से ठीक पहले राज्य में आंदोलन और प्रदर्शनों का दौर बढ़ा था। इससे सरकार की छवि प्रभावित होने लगी थी और सरकार के खिलाफ माहौल बनने लगा था। उस दौरान भी खुल्लर सरकार के संकटमोचक बने और एक-एक सभी प्रदर्शनकारियों को बुलाकर बातचीत की और उनकी समस्याओं का समाधान करवाया। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना और सभी फसलों पर एमएसपी देने के फैसले के पीछे खुल्लर ही थे।
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वरिष्ठ एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि दिसंबर, 2018 में केंद्र सरकार द्वारा हरियाणा के लिए निर्धारित और स्वीकृत आईएएस कैडर पदों में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, विशेष प्रधान सचिव, अतिरिक्त प्रधान सचिव और उप प्रधान सचिव का एक- एक पद तो शामिल है, मगर मुख्य प्रधान सचिव का नहीं था। पड़ोसी राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब कैडर के एक रिटायर्ड आईएएस सुरेश कुमार को उनका मुख्य प्रधान सचिव नियुक्त किया था। उसके बाद हरियाणा में यह पद सृजित किया गया। हालांकि उनकी नियुक्ति हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच के समक्ष लंबित रही। बहरहाल, अप्रैल, 2022 में हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच ने रिटायर्ड आईएएस सुरेश कुमार की मुख्यमंत्री पंजाब के मुख्य प्रधान सचिव पद पर नियुक्ति को वैध ठहराया था।
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