जाखड़ बोले- दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई, शिअद ने की हाईकोर्ट के जज से जांच कराने की मांग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा अमृतसर, बटाला और तरनतारन में नकली शराब से हुई मौतों की डिवीजनल कमिश्नर स्तर की जांच के आदेश को खारिज करने और मामले की पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की।
शिअद के प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री को न केवल इस हादसे की जांच की जिम्मेदारी हाईकोर्ट को सौंपनी चाहिए, बल्कि 5600 करोड़ रुपये के आबकारी राजस्व नुकसान तथा अवैध शराब की बिक्री, कांग्रेसी नेताओं द्वारा संरक्षण प्राप्त अवैध डिस्टिलरी और बॉटलिंग प्लांटों से नकली शराब की बिक्री और न्यायिक जांच के दायरे में अंतरराज्यीय शराब तस्करी को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि दोषी के खिलाफ केस दर्ज करने के अलावा अवैध शराब उद्योग को समाप्त करने का यही एक तरीका है।
डॉ. चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा डिवीजनल कमिश्नर स्तर की जांच के आदेश बड़ी देर से दिए गए। इससे कुछ नही होगा। प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चला है कि नकली शराब की व्यापक आपूर्ति कई जिलों में हुई है तथा एक स्वतंत्र एजेंसी द्वारा गहन जांच की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए वर्तमान जांच के आदेश में भी वास्तविक दोषियों पर केस करने के लए अपेक्षित विचारार्थ विषय नहीं थे। ऐसी स्थिति में शराब तस्करी और नकली शराब की बिक्री को संरक्षण देने वाले कांग्रेसी नेताओं को पकड़ने की किसी अधिकारी की हिम्मत नहीं होगी।
सुधारात्मक उपाय में देरी नहीं हो
डॉ. चीमा ने कहा कि ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति न हो यह सुनिश्चित करने के लिए सुधारात्मक उपाय करने में देर नहीं की जानी चाहिए। सरकार को लोगों की शिकायतों पर भी कार्रवाई करनी चाहिए, जिसमें यह सुझाव दिया गया है कि मुच्छल में नकली शराब की बिक्री की शिकायतों के बावजूद पुलिस कार्रवाई करने में विफल रही है।
सीएम के सलाहकार के परिवार पर उठाई अंगुली
उन्होंने मुख्यमंत्री से अवैध शराब की बिक्री से संबंधित सभी मामलों पर कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा ही एक मामला मुख्यमंत्री के सलाहकार परमजीत सिंह सरना के परिवार से संबंधित है, जिनकी शुगर मिल से अवैध शराब का एक ट्रक बरामद किया गया था। उन्होंने कहा कि इस मामले को रफा दफा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इसी तरह राजपुरा अवैध शराब के कारखाने को संरक्षण देने के लिए जिम्मेदार कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। खन्ना और लुधियाना में अवैध शराब कारखाने कम बॉटलिंग प्लांट के मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
नकली शराब के दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई: जाखड़
सुनील जाखड़ ने तीन जिलों में नकली शराब से हुई मौतों पर गहरा दुख प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से अपील की है कि इस अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ जल्द जांच पूरी करके सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। शुक्रवार को जारी एक बयान में जाखड़ ने मृतकों के परिवारों के प्रति हमदर्दी व्यक्त करते हुए कहा कि इस जुर्म में शामिल लोगों को कांग्रेस सरकार बख्शेगी नहीं। इस केस की न्यायिक जांच के आदेश मुख्यमंत्री ने दिए हैं।
यह जांच जल्द और समयबद्ध तरीके से पूरी होनी चाहिए। इस केस में दोषियों का ऐसी सजा मिलनी चाहिए कि दोबारा कोई व्यक्ति किसी के जीवन से खिलवाड़ न कर सके। जाखड़ ने कहा कि शराब माफिया न केवल लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है, बल्कि यह राज्य को बहुत बड़ा नुकसान भी पहुंचा रहा है। शराब तस्करी और नकली शराब बनाने वालों के खिलाफ सख्ती करते हुए उन पर तुरंत नकेल कसी जाए।