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शिरोमणि अकाली दल लौंगोवाल के कांग्रेस में विलय की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 29 Jan 2016 08:11 PM IST
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पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब (पीपीपी) के बाद अब शिरोमणि अकाली दल लौंगोवाल के भी कांग्रेस में विलय की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस संबंध में पहल की थी।
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इसके बाद शिअद लोंगोवाल मंथन में जुट गई है। पार्टी ने फैसले के सभी अधिकार पार्टी प्रधान सुरजीत कौर बरनाला को सौंप दिए हैं। वहीं, पीपीपी के प्रधान मनप्रीत बादल भी इस विलय केलिए पूरी कोशिशें कर रहे हैं।
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कैप्टन ने पहले ही साफ कर दिया था कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी बिहार की तर्ज पर यहां भी महागठबंधन खड़ा करेगी। इसकी शुरुआत पीपीपी के कांग्रेस में विलय से हुई है। जानकारी के मुताबिक कैप्टन की ओर से पहल केबाद शिअद लौंगोवाल की बैठक में इस पर विचार किया गया। इसके बाद विलय या समझौते पर फैसले के अधिकार सुरजीत कौर बरनाला को सौंप दिए गए हैं।
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पार्टी के सीनियर नेता बलदेव मान ने माना कि कैप्टन ने इस संबंध में पहल की थी। जल्द ही सुरजीत कौर बरनाला विलय या समझौते पर कोई फैसला लेंगी। कैप्टन के शिअद लौंगोवाल के संस्थापक सुरजीत सिंह बरनाला से नजदीकी रिश्ते रहे हैं। वह सुरजीत सिंह बरनाला की कैबिनेट में मंत्री भी रहे थे।
वहीं, सूत्र बताते हैं कि मनप्रीत बादल भी इस महागठबंधन पर गंभीरता से काम कर रहे हैं। पीपीपी का पहले शिअद लौंगोवाल के साथ गठबंधन रहा है। अब मनप्रीत शिअद लौंगोवाल को भी कांग्रेस में विलय करवाने की कोशिश कर रहे हैं।
सिमर प्रताप लड़ चुके हैं कांग्रेस टिकट पर चुनाव
कांग्रेस और शिअद लौंगोवाल के एक साथ आने में किसी रुकावट की उम्मीद नहीं की जा रही है। पिछले साल हुए धूरी विधानसभा उपचुनाव में सुरजीत सिंह बरनाला के पौत्र सिमर प्रताप ने कांग्रेस केटिकट पर चुनाव लड़ा था। वह सांझा मोर्चा के उम्मीदवार थे, लेकिन चुनाव चिन्ह कांग्रेस का था।
उस समय तत्कालीन प्रदेश प्रधान प्रताप बाजवा ने इसमें भूमिका निभाई थी। लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह भी बरनाला के साथ रिश्तों के चलते अपनी टीम के साथ हलके में प्रचार के लिए गए थे।