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Punjab: राज्यपाल से मिला शिअद का प्रतिनिधिमंडल, सुखबीर बादल ने उठाई ये मांगें
Sat, 26 Nov 2022 10:55 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 26 Nov 2022 10:55 PM IST
सार
अकाली दल ने राज्यपाल को बताया कि आप सरकार की ओर से जुमला मुश्तरका मालिकान जमीनों को पंचायतों को जबरन हस्तांतरित किया जा रहा है। इस फैसले से किसानों में अशांति पैदा हो गई है और आप सरकार को तुरंत फैसले को वापस लेने का निर्देश दिया जाना चाहिए।
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राज्यपाल से मिला शिअद का प्रतिनिधिमंडल।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर बादल की अगुवाई में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से आग्रह किया कि हरियाणा सरकार का चंडीगढ़ में अलग विधानसभा बनाने के लिए जमीन की अदला-बदली का आवेदन संविधान के अनुच्छेद तीन का उल्लंघन है। इसे तुरंत खारिज किया जाए। उन्होंने राज्यपाल से मांग की है कि हरियाणा को अपने राज्य की सीमा के भीतर ही नई विधानसभा स्थापित करने को कहा जाना चाहिए।
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प्रतिनिधिमंडल में सुखबीर बादल के साथ बलविंदर सिंह भूंदड़, प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा और डॉ. दलजीत सिंह चीमा शामिल थे। शिअद नेताओं ने राज्यपाल को जानकारी दी कि चंडीगढ़ पर पंजाब का पूर्ण अधिकार है, जिसे केंद्र सरकारों द्वारा दोहराया जाता रहा है और संसद द्वारा भी पुष्टि की गई है। उन्होंने कहा कि पंजाबी भावनात्मक रूप से चंडीगढ़ से जुड़े हैं और राज्य में हरियाणा को कोई जमीन नहीं देने देंगे।
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पंजाब के गृह मंत्री को बर्खास्त करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए गृहमंत्री भगवंत मान को तुरंत बर्खास्त करने की मांग भी की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सूबा सिद्धू मूसेवाला जैसी सनसनीखेज हत्याओं के अलावा हत्याओं, जबरन वसूली और गुंडाराज की चपेट में है। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं से रोजाना मौतें हो रही हैं और राज्य से पूंजी का पलायन हुआ है। मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल ने दो महीने गुजरात में प्रचार करके पंजाबियों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। राज्य में स्थिति बिगती जा रही है।
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जुमला मुश्तरका जमीन संबंधी फैसला वापस लेने की मांग
अकाली दल ने राज्यपाल को बताया कि आप सरकार की ओर से जुमला मुश्तरका मालिकान जमीनों को पंचायतों को जबरन हस्तांतरित किया जा रहा है। इस फैसले से किसानों में अशांति पैदा हो गई है और आप सरकार को तुरंत फैसले को वापस लेने का निर्देश दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘जुमला मुश्तरका मालिकान’ का मालिकाना हक जमीन के मालिकों के नाम पर रहना चाहिए और राज्य सरकार को इन जमीनों के मालिकाना हक को पंचायतों को हस्तांतरित करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।