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Punjab: शिअद ने की गुरुद्वारा श्री अकाल बुंगा साहिब घटना की CBI जांच की मांग, राज्यपाल से मिले सुखबीर बादल

Fri, 01 Dec 2023 10:01 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 01 Dec 2023 10:01 PM IST
सार

सुखबीर बादल ने इस बात पर हैरानी जताई कि बलजीत सिंह दादूवाल, ध्यान सिंह मंड, पंथप्रीत सिंह और यहां तक कि सांसद सिमरनजीत सिंह मान जैसे पंथक नेताओं ने इस घटना के बारे चुप्पी क्यों साधी हुई है? उन्होंने कहा कि ‘इस घटना ने उनकी आपसी मिलीभगत का पर्दाफाश कर दिया है।'

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SAD delegation meets Governor regarding Sultanpur Lodhi incident
राज्यपाल से मिला शिअद का प्रतिनिधिमंडल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिरोमणी अकाली दल (शिअद) ने शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित से मिलकर गत 23 नवंबर को सुल्तानपुर लोधी में गुरुद्वारा श्री अकाल बुंगा साहिब पर सशस्त्र हमले और बेअदबी के मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। शिअद ने इस मामले के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान को दोषी ठहराया। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री मान ने गुरुद्वारे पर हमले का आदेश दिया। इससे दुनिया भर की सिख संगत की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

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शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा। राजभवन के बाहर पत्रकारों को जानकारी देते हुए बादल ने कहा कि सुबह चार बजे जब संगत शांतिपूर्ण गुरबाणी का पाठ कर रही थी तब संगत पर हमले ने 1984 में अमृतसर में श्री दरबार साहिब पर हुए हमले की याद ताजा कर दी। दुनिया भर के सिख इस हमले से गुस्से में हैं और वे इस जघन्य कृत्य के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
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बादल ने कहा कि सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने कपूरथला पुलिस को निहंग सिंहों के एक गुट को गुरुद्वारा श्री अकाल बुंगा साहिब से हटाने का आदेश दिया था ताकि उनके करीबी दोस्त व निहंगों के एक प्रतिद्धंदी गुट के प्रमुख इस पर कब्जा कर सके। उन्होंने कहा कि ‘यह और भी घृणित है कि मुख्यमंत्री ने यह आदेश कथित तौर पर रात में दिया। इस कारण कपूरथला पुलिस सुबह-सुबह पूरी लड़ाकू वर्दी में अॅसाल्ट राइफलों के साथ गुरुद्वारा परिसर में घुस गई और अंधाधुंध फायरिंग की।’ उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा गया है।
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बादल की अगुवाई में सीनियर नेता बलविंदर सिंह भूंदड़, प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा और डॉ. दलजीत सिंह चीमा के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर अपने अपराध को और बढ़ा दिया है। एसआईटी का प्रमुख उसी अधिकारी को बनाया, जिसने मुख्यमंत्री के आदेश का पालन किया था। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में केवल सीबीआई जांच से ही पूरी साजिश बेनकाब हो सकती है और मुख्यमंत्री के साथ-साथ इस भयानक घटना के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या के अलावा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज कर सकती है।

बादल ने पंथक नेताओं को लिया निशाने पर

सुखबीर बादल ने इस बात पर हैरानी जताई कि बलजीत सिंह दादूवाल, ध्यान सिंह मंड, पंथप्रीत सिंह और यहां तक कि सांसद सिमरनजीत सिंह मान जैसे पंथक नेताओं ने इस घटना के बारे चुप्पी क्यों साधी हुई है? उन्होंने कहा कि ‘इस घटना ने उनकी आपसी मिलीभगत का पर्दाफाश कर दिया है।'

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