फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Rules made for the recruitment of teachers were not coming to the higher authorities, pressure was being made

शिक्षकों की भर्तियों के लिए बनाए नियम उच्च अधिकारियों को नहीं आ रहे थे रास, बनाया जा रहा था दबाव

Thu, 24 Dec 2020 02:05 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 24 Dec 2020 02:05 AM IST
विज्ञापन
Rules made for the recruitment of teachers were not coming to the higher authorities, pressure was being made
चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी (पेक) के निदेशक प्रो. धीरज सांघी के अचानक इस्तीफा देने के कई कारण माने जा रहे हैं। बताया जाता है कि वह पेक को एनआईटी बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे थे। साथ ही शिक्षकों की नियुक्तियों आदि में भी नियम बनाए जा रहे थे। माना जा रहा है कि यही चीजें कुछ उच्चाधिकारियों को रास नहीं आ रही थी। उन पर दबाव बनाया जा रहा था। सूत्रों का कहना है कि इसी को लेकर यह निर्णय लेना पड़ा। हालांकि प्रो. सांघी ने इस्तीफे के कारण अपने व्यक्तिगत बताए हैं।
विज्ञापन

प्रस्तावों पर उच्चाधिकारी नहीं दे रहे थे अधिक ध्यान
पेक निदेशक ने जनवरी 2019 में यहां तैनाती ली थी। उसके बाद उन्होंने सोचा था कि पेक को एनआईटी बनाया जाए या सेंट्रल इंस्टीट्यूट का दर्जा पेक को मिल सके। इसी को लेकर वह तेजी से काम कर रहे थे। उन्होंने एक साल के अंदर एनआईटी के लिए बेहतरीन प्लान तैयार किया और उसे यूटी प्रशासन के अधिकारियों को सौंप दिया। इसको लेकर बैठक होने वाली थी कि अचानक कोरोना की दस्तक हो गई और प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। अब फिर से उन्होंने अपडेट प्रस्ताव तैयार किया था। इस प्रस्ताव पर प्रस्तुतिकरण कर पेक को यूटी के अधिकारियों को दिखाना था। सूत्रों का कहना है कि इसको लेकर प्रस्तुतिकरण अब तक नहीं हो पाया। लगातार इस कार्य में देरी हो रही थी। इसी बीच उन्होंने 50 स्थायी शिक्षकों की भर्तियों के लिए नियम बनाए। उन्होंने कहा कि पेक के अभ्यर्थियों को इसमें मौका नहीं मिलेगा, क्योंकि वह चाहते थे कि नए विचार के शिक्षक पेक में आएंगे तो वह और बेहतर जानकारी दे पाएंगे। साथ ही शिक्षकों की योग्यता के लिए काफी जोर लगाकर उन्होंने पीएचडी अनिवार्य करवाई।
विज्ञापन

शिक्षकों की भर्तियां होंगी या नहीं अब असमंजस
सूत्रों का कहना है कि कई अन्य प्रस्ताव भी उन्होंने तैयार किए थे। इन प्रस्तावों के जरिए पेक का नियंत्रण सीधे केंद्र सरकार के अधीन आ जाता। बताया जाता है कि यही बात स्थानीय अफसर नहीं पचा पाए। अब प्रो. सांघी के जाने के बाद एनआईटी के प्रस्ताव को कौन आगे बढ़ाएगा? या यह प्रस्ताव फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा। यदि पेक एनआईटी बनता है तो कई गुना लाभ चंडीगढ़ व आसपास के विद्यार्थियों को मिलता। साथ ही पैसे का संकट भी दूर हो जाता। प्रो. सांघी का इस्तीफा यूटी प्रशासन के अफसरों ने स्वीकार कर लिया है। वह 31 मार्च तक ही काम करेंगे। अब सवाल उठता है कि क्या स्थायी शिक्षकों की नियुक्तियां होंगी या नहीं? माना जा रहा है कि अब प्रो. सांघी नियुक्तियां नहीं कर पाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed