मानसून सत्र : हरियाणा विधानसभा में विपक्ष का जमकर हंगामा, कांग्रेस का सदन से वॉकआउट
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नए कृषि कानूनों के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा में खूब हंगामा किया। कानूनों के खिलाफ दिए प्रस्ताव पर चर्चा न कराने व निरस्त करने पर कांग्रेस विधायक वेल में पहुंच गए। स्पीकर व संसदीय कार्य मंत्री ने अनेक तर्क दिए पर कांग्रेसी संतुष्ट नहीं हुए और वाक आउट कर दिया। हालांकि, कुछ देर बाद वे वापस सदन में लौट आए।
शून्यकाल शुरू होते ही नए कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस ने हल्ला बोल दिया। कमान नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने संभाली। उन्होंने कहा कि नए कृषि कानून किसान विरोधी हैं। ये किसानों को बर्बाद कर देंगे, इन्हें रद्द किया जाए। कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने कहा कि उन्होंने कानूनों के विरोध में तीन प्रस्ताव दिए हैं। उन पर चर्चा कराई जाए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कंवर पाल ने कहा कि कानून सौ फीसदी किसान हित हैं। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए कानूनों पर किसानों को गुमराह कर रहे हैं।
स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार के बनाए कानूनों को विधानसभा में प्रस्ताव लाकर रद्द नहीं किया जा सकता। पंजाब में कांग्रेस सत्ता में है, वहीं ऐसा कर सकती है। यहां संभव नहीं है, एलआर व महाधिवक्ता की कानूनी राय के बाद तीनों प्रस्ताव रद्द कर दिए गए हैं। इस पर कांग्रेस विधायकों ने शोरशराबा शुरू कर दिया।
सरकार की तरफ से सीएम मनोहर लाल ने कहा कि प्रस्तावों की शुरुआती तीन लाइन को पढ़ें, जब प्रस्ताव की शुरुआत ही निंदा से होगी तो उन्हें कौन स्वीकार करेगा। इसका एक ही तरीका है कि कांग्रेस अल्पावधि चर्चा नोटिस दे ताकि कानूनों पर बहस हो सके।
यह सब जानते हैं कि आप विरोध में हैं और हम पक्ष में। स्पीकर ने सदन को बताया कि कांग्रेस का अल्पावधि नोटिस मिल गया है, नए कृषि कानूनों पर शुक्रवार को सदन में चर्चा कराई जाएगी। इनेलो विधायक अभय चौटाला व निर्दलीय बलराज कुंडू ने भी किसानों के मुद्दे पर सरकार की घेराबंदी की। अभय व कुंडू की स्पीकर के साथ गर्मागर्म बहस भी हुई।
चौथा कानून बनाकर एमएसपी की गारंटी दें : हुड्डा
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चौथा कानून बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की गारंटी दे। अगर कहीं पर एमएसपी से कम खरीद होती है तो उसके ऊपर सजा का प्रावधान होना चाहिए। सरकार के आलू, प्याज पर स्टॉक सीमा खत्म करने के बाद रेट आसमान को छूने लगे हैं और महंगाई की मार आम आदमी पर पड़ रही है। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ शुक्रवार को चंडीगढ़ में कांग्रेस की तरफ से विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। हाईकोर्ट चौक से कांग्रेस विधायक पैदल मार्च करेंगे।
मेडिकल फीस बढ़ाने पर हुड्डा ने घेरा
हुड्डा ने कहा कि सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों की फीस दस लाख करने का मसौदा तैयार किया है। यह गलत है। इससे सरकारी व निजी कॉलेजों में कोई अंतर नहीं रह जाएगा। गरीब छात्रों से मेडिकल शिक्षा दूर हो जाएगी। सरकार इस मसौदे को तुरंत प्रभाव से रद्द करे।
जहरीली शराब पर गरमाई सियासत
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने जहरीली शराब से हुई मौतों पर सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने विधानसभा में कहा कि प्रदेश में शराब माफिया बेखौफ है। उसके इशारे पर ही विभाग काम कर रहा। जहरीली शराब से लोगों की मौत हुई। इसकी उच्च स्तरीय जांच हो। शराब घोटाले की तरह इस मामले में भी लीपापोती नहीं होनी चाहिए।