{"_id":"5f4e960c8ebc3e532d6a642c","slug":"rti-activist-badnaur-regarding-lack-officers-administration-chandigarh-news-pkl386533640","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरटीआई कार्यकर्ता ने प्रशासन में अफसरों की कमी को लेकर बदनौर को लिखा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरटीआई कार्यकर्ता ने प्रशासन में अफसरों की कमी को लेकर बदनौर को लिखा पत्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन में अफसरों की हो रही कमी को लेकर मंगलवार को आरटीआई कार्यकर्ता आरके गर्ग ने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को पत्र लिखकर उन्हें मामले से अवगत कराया है। आरके गर्ग ने अपने पत्र में लिखा है कि बीते कुछ समय में चंडीगढ़ प्रशासन के सात वरिष्ठ अधिकारी या तो रिटायर हो चुके हैं या फिर कार्यकाल खत्म होने के बाद चंडीगढ़ से जा चुके हैं लेकिन अभी तक उनकी जगह पर नए अधिकारियों ने ज्वाइन नहीं किया है।
बता दें कि अमर उजाला ने एक सितंबर के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। अपने पत्र में आरके गर्ग ने लिखा है कि मार्च 2018 में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन का पद खाली हो गया था लेकिन आज तक केंद्रीय गृह मंत्रालय को उस पद के लिए आवश्यकता नहीं भेजी गई। इसके अलावा वर्ष 2019 के आखिर में शिक्षा सचिव रहे बीएल शर्मा व ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी रिटायर हो गए लेकिन अभी तक उनके बदले नए अधिकारियों को ज्वाइन नहीं कराया गया, बल्कि पहले से ही कई विभाग संभाल रहे अधिकारियों को उनके विभागों का चार्ज दे दिया गया। हाल ही में दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एसएसपी निलांबरी जगदले और ट्रैफिक एसएसपी शशांक आनंद का कार्यकाल पूरा होने की वजह से वह शहर से जा चुके हैं लेकिन अभी तक उनके पदों पर भी केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से किसी अधिकारी का नाम नहीं भेजा गया है। आरके गर्ग ने लिखा है कि उन्होंने इस मामले को एमएचए के सामने भी उठाया है लेकिन अब तक इस पर कुछ नहीं किया गया है। उन्होंने मांग की है कि किसी भी अधिकारी से जाने से एक साल पहले उसकी जगह नए अधिकारी को भेजने की प्रक्रिया को शुरू कर देना चाहिए।
विज्ञापन
बता दें कि अमर उजाला ने एक सितंबर के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। अपने पत्र में आरके गर्ग ने लिखा है कि मार्च 2018 में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन का पद खाली हो गया था लेकिन आज तक केंद्रीय गृह मंत्रालय को उस पद के लिए आवश्यकता नहीं भेजी गई। इसके अलावा वर्ष 2019 के आखिर में शिक्षा सचिव रहे बीएल शर्मा व ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी रिटायर हो गए लेकिन अभी तक उनके बदले नए अधिकारियों को ज्वाइन नहीं कराया गया, बल्कि पहले से ही कई विभाग संभाल रहे अधिकारियों को उनके विभागों का चार्ज दे दिया गया। हाल ही में दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एसएसपी निलांबरी जगदले और ट्रैफिक एसएसपी शशांक आनंद का कार्यकाल पूरा होने की वजह से वह शहर से जा चुके हैं लेकिन अभी तक उनके पदों पर भी केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से किसी अधिकारी का नाम नहीं भेजा गया है। आरके गर्ग ने लिखा है कि उन्होंने इस मामले को एमएचए के सामने भी उठाया है लेकिन अब तक इस पर कुछ नहीं किया गया है। उन्होंने मांग की है कि किसी भी अधिकारी से जाने से एक साल पहले उसकी जगह नए अधिकारी को भेजने की प्रक्रिया को शुरू कर देना चाहिए।
विज्ञापन