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RSS नेता रविंदर गोसाईं मर्डर केस में चार्जशीट पेश, 172 गवाह...चौंकाने वाले खुलासे
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली(पंजाब)
Updated Sat, 05 May 2018 11:28 AM IST
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RSS कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या
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लुधियाना में हुई आरएसएस नेता रविंदर गोसाईं की हत्या के मामले एनआईए ने चार्जशीट पेश कर दी है, जिसमें 172 गवाह बनाए गए हैं। मामले की जांच कर रही नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा में स्पेशल कोर्ट में मामले की चार्जशीट दाखिल कर दी।
यह पंजाब का पहला केस है, जिसमें 28 लोगों को प्रोटेक्टिव गवाह बनाया गया है। वहीं मामले में कुल 172 गवाह हैं। मामले की सुनवाई 22 मई को होगी। एनआईए ने चार्जशीट में बताया है कि टारगेट किलिंग का प्लान पाकिस्तान से भेजा जाता था। वहीं बैठा हैंडलर हरमीत सिंह उर्फ पीएचडी सिग्नल एप के जरिए बताता था कि किसे निशाना बनाना है।
इन हत्याओं के पीछे पंजाब में अशांति फैलाने की मंशा थी। एनआईए ने शुक्रवार को अदालत में 15 लोगों के खिलाफ चालान पेश किया। हालांकि एक आरोपी की मौत होने के चलते उसे अवेट कर दिया गया। बाकी आरोपियों पर आईपीसी, आतंकी गतिविधियों व आर्म्स एक्ट के तहत चालान पेश किया है।
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वहीं, एक आरोपी का रोल साफ न होने के चलते उसे केस से डिस्चार्ज करने की एप्लीकेशन लगाई है। जिन लोगों के खिलाफ चालान पेश किया गया, उनमें से चार लोग अभी एनआईए की पकड़ से बाहर हैं। उनके पाकिस्तान, आस्ट्रेलिया व यूके में बैठे होने का संदेह है।
उन्हें काबू करने के लिए आने वाले समय में एनआईए इंटरपोल व अन्य संस्थाओं की सहायता लेगी। एनआईए के सीनियर प्रॉसीक्यूटर सुरिंदर सिंह ने कहा कि केस में आरोपियों के खिलाफ अहम सबूत हैं।
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यह पंजाब का पहला केस है, जिसमें 28 लोगों को प्रोटेक्टिव गवाह बनाया गया है। वहीं मामले में कुल 172 गवाह हैं। मामले की सुनवाई 22 मई को होगी। एनआईए ने चार्जशीट में बताया है कि टारगेट किलिंग का प्लान पाकिस्तान से भेजा जाता था। वहीं बैठा हैंडलर हरमीत सिंह उर्फ पीएचडी सिग्नल एप के जरिए बताता था कि किसे निशाना बनाना है।
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इन हत्याओं के पीछे पंजाब में अशांति फैलाने की मंशा थी। एनआईए ने शुक्रवार को अदालत में 15 लोगों के खिलाफ चालान पेश किया। हालांकि एक आरोपी की मौत होने के चलते उसे अवेट कर दिया गया। बाकी आरोपियों पर आईपीसी, आतंकी गतिविधियों व आर्म्स एक्ट के तहत चालान पेश किया है।
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वहीं, एक आरोपी का रोल साफ न होने के चलते उसे केस से डिस्चार्ज करने की एप्लीकेशन लगाई है। जिन लोगों के खिलाफ चालान पेश किया गया, उनमें से चार लोग अभी एनआईए की पकड़ से बाहर हैं। उनके पाकिस्तान, आस्ट्रेलिया व यूके में बैठे होने का संदेह है।
उन्हें काबू करने के लिए आने वाले समय में एनआईए इंटरपोल व अन्य संस्थाओं की सहायता लेगी। एनआईए के सीनियर प्रॉसीक्यूटर सुरिंदर सिंह ने कहा कि केस में आरोपियों के खिलाफ अहम सबूत हैं।