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फिर मिलने का वादा कर रोज फेस्टिवल ने ली विदाई
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 24 Feb 2014 01:08 AM IST
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देश की विभिन्न संस्कृति के दर्शन, लोकनृत्य, उल्लास और अंत में पंजाब तड़के के साथ रोज फेस्टिवल ने विदाई ली।
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रविवार को छुट्टी होने के कारण हजारों की संख्या में लोग फूलों के इस त्योहार में शामिल होने पहुंचे।
अंतिम दिन देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने अपनी संस्कृति से लोगों को सराबोर किया। इसके गवाह बने हजारों लोग भी इससे अभिभूत नजर आए।
रविवार को रोज फेस्टिवल का आखिरी दिन होने की वजह से रोज गार्डन-16 में भारी भीड़ देखने को मिली। 42वें रोज फेस्टिवल के अंतिम दिन हरियाणा के कलाकारों ने ढोल नगाड़ों से लोगों का स्वागत किया।
इसके बाद की-बोर्ड के साथ सेक्सोफोन पर पुराने गीतों पर तराने गूंजे। इसका भी लोगों ने खूब आनंद उठाया।
आठ राज्य के कलाकारों ने एक के बाद एक शानदार लोक प्रस्त़ुतियों से लोगों को अपनी जगह से हिलने तक नहीं दिया। शाम को ‘ओल्ज इज गोल्ड’ कार्यक्रम में पुराने गीतों ने कलाकारों ने समा बांधा।
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