फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Role of British military officers in first Infiltration into Kashmir

अंग्रेजों ने कश्मीर में कराई थी पहली घुसपैठ, चीन ने भी दिया दखल, पढ़ें कुछ अनसुने सच

Sun, 15 Dec 2019 06:51 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 15 Dec 2019 06:51 PM IST
विज्ञापन
Role of British military officers in first Infiltration into Kashmir
मिलिट्री लिटरेचर फेस्ट में पहुंचे रक्षा विशेषज्ञ।

आजादी के बाद ब्रिटिश साम्राज्य ने कश्मीर में भारत के खिलाफ भावनाओं को भड़काने में बड़ा योगदान रहा है। यहीं नहीं, स्वतंत्रता के बाद कश्मीर में पहली घुसपैठ भी अंग्रेज फौजी अफसरों की रणनीति का हिस्सा था, जिसके तहत उन्होंने भारतीय फौज को जम्मू कश्मीर से बाहर जाने का आदेश दिया। यह बात कहते हुए मशहूर इतिहासकार व रक्षा माहिर मारूफ रजा ने अपनी किताब ‘कश्मीर-द अनटोलड स्टोरी-डिक्लासीफाइड’ ने कश्मीर समस्या पर विस्तृत जानकारी देते हुए समस्या की जड़ पर प्रकाश डाला। 

विज्ञापन


शनिवार को मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल के दूसरे दिन किताब पर चर्चा पत्रकार रमेश विनायक, सेवामुक्त जनरल जगतवीर सिंह ने की। मशहूर रक्षा माहिर मारूफ रजा ने स्वतंत्रता के बाद कश्मीर की समस्या के उभरने के कारणों संबंधी चर्चा करते हुए कहा कि इस समस्या को उभारने में पाकिस्तान, चीन और यहाँ तक कि अंग्रेजी साम्राज्य का योगदान रहा है।

विज्ञापन

उन्होंने कहा कि कश्मीर के राजनैतिक नेतृत्व अपने निजी हितों के कारण बहुकोणी राजनीति खेलते रहे हैं, जिससे यह समस्या गहरी हुई है। उन्होंने कहा कि कश्मीर समस्या दिल्ली सरकार की नीतियों की असफलता को भी दर्शाता है, जिस कारण पाकिस्तान को यहां अपनी गंदी राजनीति करने का मौका मिला। 

उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों ने अपने आप को भारत सरकार के आंखों के तारे राजनीतिज्ञों के साथ अपनी निजी हितों की पूर्ति के लिए जुड़ने का मौका भी दिया। पाकिस्तान के अलावा चीन ने भी इस समस्या को उलझाने में बड़ा योगदान डाला है। उन्होंने कहा कि चीन ने पाकिस्तान के द्वारा कश्मीर समस्या में अपना दखल दिया, क्योंकि चीन यहां के ताजे पानी में अपने निजी हित देखता था, क्योंकि इसमें से सिलीकॉन चिप से लेकर सैटेलाइट का निर्माण करके दुनिया पर अपनी धाक जमाना चाहता है। 

उन्होंने कहा कि कश्मीर के मसले पर जहां पाकिस्तान चीन की कठपुतली है वहां जेहादी आतंकवाद पाकिस्तान की कठपुतली है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में पारसी, रूसी और चीनी सभ्यताओं का बहुत प्रभाव पाया जाता है, रणनीतिक तौर पर बड़ी अहमियत रखता है। कश्मीर में पहली बार पाकिस्तानी झंडा 31 अक्तूबर, 1947 को एक अंग्रेज फौजी अफसर के नेतृत्व अधीन लहराया गया था, जिसको बाद में पाकिस्तान ने इस काम के लिए देश का बड़ा सम्मान दिया। इस मौके पर सेवामुक्त ब्रिगेडियर प्रदीप शर्मा ने संचालक की भूमिका निभाई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed