हरियाणाः रोहतास कंवर यादव बने पीजीआई रोहतक के निदेशक, रेवाड़ी के रहने वाले हैं
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हरियाणा सरकार ने 12 डॉक्टरों का साक्षात्कार करने के बाद पीजीआईएमएस के नियमित निदेशक के रूप में डॉ. रोहतास कंवर यादव के नाम पर मुहर लगा दी है। बतौर कार्यकारी निदेशक की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. यादव संस्थान के 32वें निदेशक बन गए हैं। शुक्रवार देर शाम उन्हें नियमित निदेशक की जिम्मेदारी मिल गई। वह संस्थान में बतौर रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष और डीन अकेडमिक अफेयर भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
सामान्य परिवार से संबंध रखने वाले डॉ. यादव मूल रूप से रेवाड़ी के गांव पाली गोठड़ा निवासी हैं। उन्होंने 1979 में इसी संस्थान से एमबीबीएस और 1983 में एमडी रेडियोलॉजी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पीजीआईएमएस रोहतक में रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली। 2005 व 2006 में उन्होंने संस्थान में चिकित्सा अधीक्षक का पद संभाला। संस्थान में निदेशक की सीट को सबसे हॉट माना जाता है।
इसके लिए हाल ही में 12 डॉक्टरों ने साक्षात्कार दिया था। इनमें सात डॉक्टर पीजीआईएमएस रोहतक, तीन खानपुर मेडिकल कॉलेज और दो दिल्ली से शामिल थे। इस सीट को लेकर स्वयं सरकार भी असमंजस में रही कि वह इसे समाप्त करे या अधिकारी की नियुक्ति करे। हालांकि, लंबी प्रतीक्षा के बाद सरकार ने डॉ. यादव को यह जिम्मेदारी सौंप दी।
1962 से 2019 तक पीजीआईएमएस को मिले 32 निदेशक
1962 में शुरू हुए मेडिकल कॉलेज में प्रिंसिपल पद की जिम्मेदारी डॉ. इंद्रजीत दिवान ने संभाली और वह दो साल इस पर बने रहे। इसके बाद यह पद छह साल डॉ. प्रेम चंद्रा ने संभाला। फिर इस पद को डायरेक्टर प्रिंसिपल में बदल दिया गया। इस पद पर डॉ. केएन नारंग, डॉ. जीसी मेहरोत्रा, डॉ. केएन गर्ग, डॉ. जेसी मेहरोत्रा, डॉ. सी प्रकाश ने 1976 से 1988 की अवधि में काम संभाला।
1989 से 2001 के बीच डॉ. आरके केसवानी, डॉ. एएल जैन, डॉ. जेपी सिंह, डॉ. एसएस सैनी, डॉ. सुशीला राठी, डॉ. एसएस यादव, डॉ. एसबी सिवाच, डॉ. डीएस दुबे ने यह पद संभाला। सात दिन के लिए अमित चौधरी आईएएस अधिकारी ने इस पद को संभाला और फिर यह सीट डॉक्टर को मिल गई। 2001 में डॉ. डीआर यादव के पास यह जिम्मेदारी रही।
इसके बाद 2002 से 2005 तक डॉ. मेजर जरनल पूनिया इस पद पर नियुक्त रहे। मेजर पूनिया के बाद डॉ. एनसी वधवा आईएएस अधिकारी ने इस पद पर कार्य किया और बाद में यह जिम्मेदारी फिर डॉ. डीआर यादव को मिल गई। 2006 से 2009 तक यह पद फिर डॉ. एसएस सांगवान के पास रहा और वह बाद में मेडिकल कॉलेज के हेल्थ विवि बनाए जाने पर कुलपति बन गए।
डॉ. सांगवान के स्थान पर डॉ. चांद सिंह ढुल को निदेशक पद की जिम्मेदारी दी गई और उन्होंने 2009 से 2015 तक यह पद संभाला। इसके बाद 2015 से 2018 तक डॉ. रोहतास कंवर यादव, डॉ. केबी गुप्ता, डॉ. आरके गुप्ता, डॉ. रोहतास कंवर यादव, डॉ. एमसी गुप्ता, डॉ. नित्यानंद शर्मा ने यह जिम्मेदारी संभाली। उसके बाद बतौर कार्यकारी निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव काम देख रहे थे।