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MBBS पूरी होने वाली थी, बन जाता डॉक्टर, पर मौत को लगा लिया गले...4 दिन बाद खुलासा
Sun, 06 Jan 2019 10:08 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 06 Jan 2019 10:08 AM IST
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एमबीबीएस पूरी होने वाली थी, डॉक्टर बनने में कुछ ही दिन बाकी थे कि छात्र ने फंदा लगाकर जिंदगी खत्म कर ली। चार दिन बाद मौत का खुलासा हुआ। रोहतक पीजीआई के स्टूडेंट ने हॉस्टल में ही फंदा लगाया। वह फोर्थ प्रोब का छात्र था और कुछ दिन बाद उसकी इंटर्नशिप शुरू होने वाली थी। इसके बाद उसे एमबीबीएस की डिग्री मिल जाती। वह समाज सेवा करता, लेकिन उससे पहले ही वह जिंदगी से हार गया।
छात्र की मौत का खुलासा चार दिन बाद उस समय हुआ जब शव की बदबू हॉस्टल में फैलने लगी। घटना की जानकारी मिलने पर मृतक के पिता व भाई मौके पर पहुंचे और संस्थान ने शव पोस्टमार्टम के लिए शव गृह में रखवा दिया है। बताया गया कि प्रंशात ने पहले भी हाथ की नस काट कर आत्महत्या करने का प्रयास किया था।
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छात्र की मौत का खुलासा चार दिन बाद उस समय हुआ जब शव की बदबू हॉस्टल में फैलने लगी। घटना की जानकारी मिलने पर मृतक के पिता व भाई मौके पर पहुंचे और संस्थान ने शव पोस्टमार्टम के लिए शव गृह में रखवा दिया है। बताया गया कि प्रंशात ने पहले भी हाथ की नस काट कर आत्महत्या करने का प्रयास किया था।
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मां की मौत के बाद अकसर परेशान रहता था
हिसार के सुभाष नगर निवासी प्रशांत चौहान ने अपने हॉस्टल के स्वामी विवेकानंद ब्लॅक के कमरा नंबर 658 में अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। प्रशांत एमबीबीएस 2014 बैच का छात्र था। छात्र ने कब इस घटना को अंजाम दिया किसी को पता नहीं है। मृतक के बडे़ भाई हेमंत ने बताया कि वह फोन कर प्रशांत से बात करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन फोन नहीं मिल रहा था।
उन्होंने उसके साथी को फोन करके पूछा तो उन्हें स्थिति का पता चला। वहीं मृतक के पिता मुकेश ने बताया कि वह शिक्षक हैं, प्रशांत ने उनसे फोन कर 5000 रुपये मांगे थे, जो उन्होंने उसके अकाउंट में डलवा दिये थे। प्रशांत की मां अब इस दुनिया में नहीं हैं और वह अकसर परेशान रहता था।
प्रशांत की मौत पर संस्थान को बेहद अफसोस है। यह एक अपूरणीय क्षति है। क्योंकि प्रशांत एमबीबीएस फोर्थ प्रोब का छात्र था, इसके बाद उसे संस्थान में इंटर्नशिप करनी थी और वह डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करता। छात्र ने आत्महत्या क्यों की और कैसे की है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद हो सकता है।
- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस
उन्होंने उसके साथी को फोन करके पूछा तो उन्हें स्थिति का पता चला। वहीं मृतक के पिता मुकेश ने बताया कि वह शिक्षक हैं, प्रशांत ने उनसे फोन कर 5000 रुपये मांगे थे, जो उन्होंने उसके अकाउंट में डलवा दिये थे। प्रशांत की मां अब इस दुनिया में नहीं हैं और वह अकसर परेशान रहता था।
प्रशांत की मौत पर संस्थान को बेहद अफसोस है। यह एक अपूरणीय क्षति है। क्योंकि प्रशांत एमबीबीएस फोर्थ प्रोब का छात्र था, इसके बाद उसे संस्थान में इंटर्नशिप करनी थी और वह डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करता। छात्र ने आत्महत्या क्यों की और कैसे की है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद हो सकता है।
- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस