अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस : कुंडली बॉर्डर पर आज आधी आबादी के हाथों में रहेगी धरने की कमान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुंडली बॉर्डर पर चल रहे धरने पर सोमवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला किसान दिवस मनाया जाएगा। धरने की कमान महिलाओं के हाथों में रहेगी। मंच पर सिर्फ महिलाएं रहेंगी और संचालन करने के साथ संबोधन भी करेंगी। इसके लिए हरियाणा व पंजाब से ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को कुंडली बॉर्डर पर पहुंचने का आह्वान किया गया है।
इधर, किसान आंदोलन की वजह से 27 जनवरी से लगातार बंद चल रहे हरियाणा-दिल्ली के झाड़ोदा बॉर्डर को दिल्ली पुलिस ने रविवार को खोल दिया। इससे राहगीरों को बहुत राहत मिली है। इधर, टीकरी बॉर्डर पर हरियाणा के एक किसान ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली, जबकि पंजाब के एक बुजुर्ग किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
कृषि कानूनों के खिलाफ साइकिल यात्रा शुरू
कृषि कानूनों के खिलाफ रविवार को साइकिल यात्रा की शुरुआत की गई। यह यात्रा कन्याकुमारी से कश्मीर तक जाएगी। रविवार को साइकिल यात्रा को सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने कुंडली बॉर्डर के मंच से रवाना किया।
टीकरी बॉर्डर के पड़ाव में दो किसानों की मौत
बाईपास पर कसार मोड़ के निकट हिसार के सिसाय गांव के किसान राजबीर (47) ने पेड़ से रस्सी बांधकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। किसान आंदोलन और लंगर सेवा में किसान राजबीर लगातार सेवाएं दे रहा था। इसके अलावा टीकरी बॉर्डर पर पंजाब के सुनाम के गडूआं गांव निवासी बुजुर्ग किसान जनक सिंह (70) की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
महिला किसान आज शंभू बॉर्डर पर करेंगी कीर्तन
अंबाला स्थित शंभू बॉर्डर पर महिला दिवस के मौके पर सोमवार सुबह महिला किसान कीर्तन करेंगी। साथ ही सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जल्द से जल्द कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करेंगी। भाकियू के जिला उप प्रधान गुलाब सिंह ने कहा कि इस आंदोलन में महिलाओं की भी अहम भूमिका है। इसी कड़ी में उन्होंने शंभू बॉर्डर पर महिलाओं को बुलाने का निर्णय लिया है।
आज महिला विधायक संभालेंगी विधानसभा की कमान
महिला दिवस के मौके पर पहली बार हरियाणा विधानसभा में स्पीकर की कुर्सी महिला विधायक संभालेंगी। सदर की पूरी कार्यवाही महिलाओं के हाथों में होगी और उन पर ही निर्भर करेगा कि वे कैसे सदन की कार्यवाही को चलाएं। पांच महिला विधायकों बड़खल विधायक सीमा त्रिखा, बाढ़ड़ा विधायक नैना सिंह चौटाला, गन्नौर से विधायक निर्मल रानी, झज्जर विधायक गीता भुक्कल व तोशाम विधायक किरण चौधरी को इसके लिए अधिकृत किया गया है।
सभी को सदन चलाने के लिए 45-45 मिनट का समय दिया जाएगा। देश में यह पहला मौका होगा जब सदन महिला विधायकों के हवाले होगा। हरियाणा के अलावा, इससे पहले किसी प्रदेश में इस तरह की पहल नहीं हुई है।
सोमवार को सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे प्रश्नकाल से शुरू होगी। इसकी शुरुआत अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता करेंगे, कुछ ही देर के बाद वे कुर्सी महिला विधायकों को सौंप देंगे। प्रश्नकाल की आगे की कार्यवाही महिलाएं चलाएंगी। इसके बाद शून्यकाल और अभिभाषण पर चर्चा का फैसला भी महिलाएं ही करेंगे। सदन की कार्यवाही शाम 6 बजे तक चलेगी।
पांचों महिला विधायकों को 45-45 मिनट का समय हाउस चलाने के लिए दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता का कहना है कि हमारा प्रयास रहेगा कि सदन में सबसे पहले महिलाओं को ही बुलवाया जाए। हालांकि, ये अधिकार कुर्सी पर बैठने वाली महिला विधायक के पास होगा कि वे किस मुद्दे पर चर्चा चाहती हैं और किस पर नहीं।