{"_id":"5919c9f24f1c1bdc088b4591","slug":"rohtak-gangrape-victim-family-get-financial-assistance","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रोहतक की 'निर्भया' के परिवार को सरकार का मरहम, मां का छलका दर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोहतक की 'निर्भया' के परिवार को सरकार का मरहम, मां का छलका दर्द
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
Updated Tue, 16 May 2017 09:22 AM IST
विज्ञापन
रोहतक की 'निर्भया' के परिवार को मुआवजा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोहतक की निर्भया ने सबको झकझोर दिया है। लोगों में गुस्सा है तो परिवार की आंखों में आंसू, सरकार ने मरहम लगाया तो मां वो बोल पड़ी, जिसे सुनकर सबकी आंख एक बार फिर भीग गई। आरोपियों की दरिंदगी का शिकार हुई युवती के परिजनों को प्रशासन ने आर्थिक मदद दी है। युवती की मां को प्रशासन से आर्थिक मदद के रूप में फिलहाल दो लाख रुपये का चेक दिया गया है। युवती के परिजनों ने बताया कि वह नौकरी अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करने व परिवार की आर्थिक मदद करने के लिए करती थी।
युवती से सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी नृशंस हत्या करने के मामले में प्रशासन ने परिवार के सदस्यों को आर्थिक मदद देने की बात कही थी। सोमवार को दो लाख रुपये का चेक दिया गया। युवती के मामा ने बताया कि प्रशासन ने साढ़े दास लाख रुपये देने की बात कही थी, जिसमें पहली मदद के रूप में दो लाख रुपये का चेक उसकी बहन के नाम बनाकर दिया गया है। परिजनों ने साथ ही बताया कि उन्हें सुरक्षा के लिए भी पुलिस की तरफ से सभी कदम उठाए गए हैं। पुलिस के जवान उनकी सुरक्षा में लगातार तैनात हैं।
विज्ञापन
युवती से सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी नृशंस हत्या करने के मामले में प्रशासन ने परिवार के सदस्यों को आर्थिक मदद देने की बात कही थी। सोमवार को दो लाख रुपये का चेक दिया गया। युवती के मामा ने बताया कि प्रशासन ने साढ़े दास लाख रुपये देने की बात कही थी, जिसमें पहली मदद के रूप में दो लाख रुपये का चेक उसकी बहन के नाम बनाकर दिया गया है। परिजनों ने साथ ही बताया कि उन्हें सुरक्षा के लिए भी पुलिस की तरफ से सभी कदम उठाए गए हैं। पुलिस के जवान उनकी सुरक्षा में लगातार तैनात हैं।
विज्ञापन
आगे पढ़ना चाहती थी बेटी- मां
बेटी को याद कर रो गई मां
युवती के मामा ने बताया कि उसकी भांजी अपनी आगे की पढ़ाई भी पूरी करना चाहती थी। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते ही उसने दसवीं कक्षा में पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी। अब वह कालूपुर चुंगी क्षेत्र की दवा कंपनी में पैकेजिंग का काम करती थी।
इसकी एवज में वह हर माह छह हजार तक कमा लेती थी। वह कहती थी कि पैसे जोड़कर वह अपनी आगे की पढ़ाई को फिर से शुरू करेगी, जिससे आगे चलकर वह अपने पैरों पर खड़ी हो सके। दवा कंपनी में वह पैकेजिंग का काम करती थी, जिसके चलते ही वह महीने भर में महज 15 दिन ही नौकरी पर जाती थी।
इसकी एवज में वह हर माह छह हजार तक कमा लेती थी। वह कहती थी कि पैसे जोड़कर वह अपनी आगे की पढ़ाई को फिर से शुरू करेगी, जिससे आगे चलकर वह अपने पैरों पर खड़ी हो सके। दवा कंपनी में वह पैकेजिंग का काम करती थी, जिसके चलते ही वह महीने भर में महज 15 दिन ही नौकरी पर जाती थी।