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राइट्स ने सौंपी रिपोर्ट: चंडीगढ़ में मेट्रो चलाने की सिफारिश, फैसला लेने के लिए 16 को बुलाई बैठक
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चंडीगढ़। रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा (राइट्स) ने मोबिलिटी प्लान को लेकर किए जा रहे सर्वे की रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है। राइट्स ने चंडीगढ़ में मेट्रो चलाने का सुझाव दिया है। साथ ही कई अन्य विकल्प भी बताए हैं। इस पर प्रशासन ने 16 नवंबर को एक अहम बैठक बुलाई है।
राइट्स ने ट्राइसिटी में दो चरणों में 64 किमी के नेटवर्क में मेट्रो चलाने की बात कही है। पहले चरण में सिर्फ चंडीगढ़ और दूसरे चरण में मोहाली व पंचकूला को भी साथ जोड़ने की बात कही गई है। पहले चरण के तहत चंडीगढ़ में तीन कॉरिडोर के साथ 44.8 किमी के क्षेत्र में मेट्रो चलाई जानी चाहिए, जिसमें 16 किमी के क्षेत्र में भूमिगत जबकि 28.8 किमी के क्षेत्र में मेट्रो एलिवेटेड होगी। इसी तरह दूसरे चरण में मोहाली के 13 किमी के क्षेत्र में मेट्रो लाइन आगे बढ़ाने की बात की गई है जबकि पंचकूला में 6.5 किमी के क्षेत्र में मेट्रो चलाने की सिफारिश की गई है जो पूरी तरह से एलिवेटेड होगी। रिपोर्ट के अनुसार, मेट्रो के चलने से लोगों को सुविधा मिलेगी और ट्रैफिक समस्या भी कम हो जाएगी।
प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर
रिपोर्ट में प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के बारे में भी जानकारी दी गई है जो मध्य मार्ग पर सारंगपुर, खुड्डा लाहौरा, हाउसिंग बोर्ड मनीमाजरा और आईटी पार्क को साथ में जोड़ेगा। हिमालय मार्ग पर सेक्टर-1 से लेकर 17 और 51 तक, पूर्वी मार्ग पर आईटी पार्क व सेक्टर-26, विकास मार्ग पर सेक्टर-38 वेस्ट व डड्डूमाजरा को जोड़ा जाएगा। दूसरे चरण में पंचकूला-ढिल्लों सिनेमा चौक से सेक्टर-21 पंचकूला और मोहाली में सेक्टर-51 से 62 मोहाली सीसी-सेक्टर 104 बस टर्मिनल को जोड़ा जाएगा।
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वर्ष 2009 में शुरू हुआ था काम, किरण खेर ने बंद कराई थी परियोजना
पूर्व सांसद पवन कुमार बंसल ने शहर में मेट्रो चलाने को लेकर काम शुरू किया था। राइट्स से वर्ष 2009 में सर्वे भी कराया गया। मेट्रो के लिए रूट भी तय हो गए थे लेकिन सांसद किरण को यह प्रोजेक्ट पसंद नहीं था इसलिए उन्होंने काम को बंद करवा दिया। उन्होंने मोनो रेल चलाने की बात कही लेकिन उस पर भी कोई काम नहीं हुआ। प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने चंडीगढ़ आने के बाद उन फाइलों को दोबारा खुलवाया और राइट्स से फिर सर्वे कराया जिसकी रिपोर्ट प्रशासन को मिल गई है और उन्होंने मेट्रो चलाने की बात कही है।
ये हैं शहर के छह सबसे व्यस्त रूट
राइट्स ने शहर के छह सबसे व्यस्त रूटों की पहचान की है, जिन पर बसों को आने-जाने में अधिक समय लगता है इसलिए स्टॉपेज को कम करने की बात कही है। ट्राइसिटी में कुल 101 किलोमीटर की लंबाई के साथ छह सबसे व्यस्त बस रूट शामिल हैं। इन रूट पर ट्रैफिक भी ज्यादा है और स्टॉपेज भी अधिक हैं। इसके चलते बसें समय पर नहीं पहुंचती हैं। जाम में फंसने के कारण यात्रियों को भी देर होती है।
व्यस्त कॉरिडोर लंबाई (किलोमीटर)
आईएसबीटी-43 से न्यू चंडीगढ़ 21
आईएसबीटी-43 से मनसा देवी 16
आईएसबीटी-43 से पंचकूला बस स्टैंड 16
आईएसबीटी-17 बस स्टैंड से खरड़ बस स्टैंड 19
पीजीआई से जीरकपुर बस स्टैंड 17
पीजीआई से पंचकूला बस स्टैंड 12
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राइट्स ने ट्राइसिटी में दो चरणों में 64 किमी के नेटवर्क में मेट्रो चलाने की बात कही है। पहले चरण में सिर्फ चंडीगढ़ और दूसरे चरण में मोहाली व पंचकूला को भी साथ जोड़ने की बात कही गई है। पहले चरण के तहत चंडीगढ़ में तीन कॉरिडोर के साथ 44.8 किमी के क्षेत्र में मेट्रो चलाई जानी चाहिए, जिसमें 16 किमी के क्षेत्र में भूमिगत जबकि 28.8 किमी के क्षेत्र में मेट्रो एलिवेटेड होगी। इसी तरह दूसरे चरण में मोहाली के 13 किमी के क्षेत्र में मेट्रो लाइन आगे बढ़ाने की बात की गई है जबकि पंचकूला में 6.5 किमी के क्षेत्र में मेट्रो चलाने की सिफारिश की गई है जो पूरी तरह से एलिवेटेड होगी। रिपोर्ट के अनुसार, मेट्रो के चलने से लोगों को सुविधा मिलेगी और ट्रैफिक समस्या भी कम हो जाएगी।
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प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर
रिपोर्ट में प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के बारे में भी जानकारी दी गई है जो मध्य मार्ग पर सारंगपुर, खुड्डा लाहौरा, हाउसिंग बोर्ड मनीमाजरा और आईटी पार्क को साथ में जोड़ेगा। हिमालय मार्ग पर सेक्टर-1 से लेकर 17 और 51 तक, पूर्वी मार्ग पर आईटी पार्क व सेक्टर-26, विकास मार्ग पर सेक्टर-38 वेस्ट व डड्डूमाजरा को जोड़ा जाएगा। दूसरे चरण में पंचकूला-ढिल्लों सिनेमा चौक से सेक्टर-21 पंचकूला और मोहाली में सेक्टर-51 से 62 मोहाली सीसी-सेक्टर 104 बस टर्मिनल को जोड़ा जाएगा।
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वर्ष 2009 में शुरू हुआ था काम, किरण खेर ने बंद कराई थी परियोजना
पूर्व सांसद पवन कुमार बंसल ने शहर में मेट्रो चलाने को लेकर काम शुरू किया था। राइट्स से वर्ष 2009 में सर्वे भी कराया गया। मेट्रो के लिए रूट भी तय हो गए थे लेकिन सांसद किरण को यह प्रोजेक्ट पसंद नहीं था इसलिए उन्होंने काम को बंद करवा दिया। उन्होंने मोनो रेल चलाने की बात कही लेकिन उस पर भी कोई काम नहीं हुआ। प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने चंडीगढ़ आने के बाद उन फाइलों को दोबारा खुलवाया और राइट्स से फिर सर्वे कराया जिसकी रिपोर्ट प्रशासन को मिल गई है और उन्होंने मेट्रो चलाने की बात कही है।
ये हैं शहर के छह सबसे व्यस्त रूट
राइट्स ने शहर के छह सबसे व्यस्त रूटों की पहचान की है, जिन पर बसों को आने-जाने में अधिक समय लगता है इसलिए स्टॉपेज को कम करने की बात कही है। ट्राइसिटी में कुल 101 किलोमीटर की लंबाई के साथ छह सबसे व्यस्त बस रूट शामिल हैं। इन रूट पर ट्रैफिक भी ज्यादा है और स्टॉपेज भी अधिक हैं। इसके चलते बसें समय पर नहीं पहुंचती हैं। जाम में फंसने के कारण यात्रियों को भी देर होती है।
व्यस्त कॉरिडोर लंबाई (किलोमीटर)
आईएसबीटी-43 से न्यू चंडीगढ़ 21
आईएसबीटी-43 से मनसा देवी 16
आईएसबीटी-43 से पंचकूला बस स्टैंड 16
आईएसबीटी-17 बस स्टैंड से खरड़ बस स्टैंड 19
पीजीआई से जीरकपुर बस स्टैंड 17
पीजीआई से पंचकूला बस स्टैंड 12