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Haryana News: बाढ़ के बाद बीमारियों का खतरा बढ़ा, बुखार के 1312 व पेट दर्द के 202 मामले
Sun, 16 Jul 2023 12:20 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sun, 16 Jul 2023 12:20 PM IST
सार
सिविल सर्जनों को जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही कहा गया है कि (ओआरएस), आईवी फ्लूड व सिरिंज, जिंक टेबलेट, क्लोरीन टेबलेट और एंटीबायोटिक अस्पताल में जरूर हों।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : istock
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विस्तार
बाढ़ के बाद बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। मौजूदा स्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी व अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि ये एक आपातकालीन स्थिति है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन के साथ सामंजस्य बैठाकर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। इसके अलावा नॉन क्लीनिकल स्टाफ 24 घंटे तैनात रहेगा।
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लेबर रूम, इमरजेंसी, एसएनसीयू और ओपीडी एरिया को लेकर भी तमाम जरूरी प्रबंध सुनिश्चित करने का भी निर्देश जारी किया गया है। सिविल सर्जनों को जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही कहा गया है कि (ओआरएस), आईवी फ्लूड व सिरिंज, जिंक टेबलेट, क्लोरीन टेबलेट और एंटीबायोटिक अस्पताल में जरूर हों।
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इस सीजन में स्नैक बाइट के भी केस बढ़ते हैं। ऐसे में हर अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता जरूर हो। स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद व्यक्तियों को प्राथमिक चिकित्सा, चिकित्सा शिविरों का आयोजन, दवाओं का वितरण, घर-घर का दौरा, ओआरएस पैकेट का वितरण, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और घायलों के लिए रेफरल परिवहन सेवा, क्लोरीन टेबलेट का वितरण, फॉगिंग, मच्छरों के प्रजनन की जांच करना और पीने के पानी की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए जल परीक्षण संबंधित गतिविधियां जारी हैं। चिकित्सा टीमों ने शनिवार को 416 गांवों व शहरी क्षेत्र के 32 वार्ड का दौरा किया। अब तक 703 शिविर लगाए जा चुके हैं। इनमें अब तक 12680 मरीजों की जांच की जा चुकी है।
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किसके कितने केस
| बुखार | 1312 |
| पेट दर्द | 202 |
| दस्त | 27 |
| स्नैक बाइट | 16 |
| आई फ्लू | 53 |
| त्वचा रोग | 1247 |
| अन्य रोग | 4857 |