फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Rewari gangrape Case Hearing in Court, All Five Accused Appeared

रेवाड़ी गैंगरेपः दो आरोपियों के बारे में कई सच आए सामने, वकील बोला- आरोप बनते ही नहीं है

Sat, 27 Oct 2018 02:10 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा) Updated Sat, 27 Oct 2018 02:10 PM IST
विज्ञापन
Rewari gangrape Case Hearing in Court, All Five Accused Appeared
रेवाड़ी गैंगरेप
बहुचर्चित रेवाड़ी गैंगरेप केस की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार की कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें आरोपियों के बारे में कई सच सामने आए। पुलिस ने पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जिसके बाद कोर्ट में आरोपी दीनदयाल व डॉ. संजीव पर लगे आरोपों पर बहस हुई। पुलिस ने केस डायरी कोर्ट के सामने रखी।
विज्ञापन


इसके बाद दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें दी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। मामले में सुनवाई 31 अक्तूबर को होगी। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी निशु, पंकज फौजी, मनीष, कोठड़े का मालिक दीनदयाल व डॉ. संजीव को कोर्ट में पेश किया। इसके अलावा जमानत पर चल रहे निक्कू उर्फ नवीन, मंजीत व अभिषेक भी कोर्ट में उपस्थित रहे।
विज्ञापन


कनीना थाने के तत्कालीन एसएचओ अनिरुद्ध ने कोर्ट के सामने केस डायरी रखी। जिसके बाद दोनों पर लगे आरोपों को तय करने पर बहस शुरू हुई। आरोपी दीनदयाल के वकील राकेश लांबा व डॉक्टर संजीव के वकील अरविंद यादव ने दोनों पर लगे आरोपों का विरोध किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

आईपीसी की धारा 118 के तहत आरोप नहीं बनते

Rewari gangrape Case Hearing in Court, All Five Accused Appeared
रेवाड़ी गैंगरेप
वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि दोनों पर आईपीसी की धारा 118 के तहत आरोप नहीं बनते। वकील राकेश लांबा ने दलील दी कि कोठड़ा दीनदयाल के नाम पर नहीं है। कोठड़े के चाबी भी पुलिस जांच में बरामद नहीं हुई है। मौके पर दीनदयाल नहीं था। इसलिए उसके ऊपर आरोप नहीं बनते।

वकील अरविंद यादव ने दलील दी कि डाक्टर ने तो पीड़िता की मदद की। इसकी जानकारी गांव के लोगों को दी थी। जिसका सरकारी वकील जोगमणी ने विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि दोनों को मामले की जानकारी थी लेकिन पुलिस को जानकारी न देकर दोनों ने आरोपियों की मदद की। ऐसे में दोनों पर आरोप बनते हैं।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अधिवक्ता राकेश लांबा ने बताया कि डॉ संजीव व दीनदयाल पर आईपीसी की धारा 118 के तहत आरोप नहीं बनते हैं। वहीं, जांच अधिकारी ने चार्जशीट में लगे आरोपों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली और 31 अक्तूबर को फैसला सुनाएगी।

ये है मामला
बता दें कि 12 सितंबर को कनीना में छात्रा से तीन युवकों ने गैंगरेप किया था। एसआईटी ने इस मामले में आठ आरोपियों को अरेस्ट किया था। जिसमें मुख्य आरोपी निशु, पंकज फौजी व मनीष शामिल है। इसके अलावा दीनदयाल, डॉ. संजीव, निक्कू उर्फ नवीन, अभिषेक व मंजीत भी आरोपी है। मामले में आरोपी नवीन, मंजीत व अभिषेक को जमानत मिल चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed