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चंडीगढ़ में रिटायर्ड अफसरों से खाली कराए गए 400 सरकारी मकान, कई के लिए राहत भरी खबर
Fri, 30 Aug 2019 01:29 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क,/अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क,/अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 30 Aug 2019 01:29 PM IST
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फाइल फोटो
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चंडीगढ़ प्रशासन के हाउस अलॉटमेंट डिपार्टमेंट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के रिटायर्ड अफसरों से मकान खाली करा लिए हैं। यूटी प्रशासन को 400 मकान मिल गए हैं। इनमें कुछ मकानों का रेनोवेशन भी कराया गया है। ये मकान उन्हीं अफसरों को दिए जाएंगे, जो हॉल ही में अन्य जगहों से ट्रांसफर होकर आए हैं। प्रशासन के कई विभागों के अफसरों को आवास नहीं मिल पाया है, जिसके चलते ये अफसर बीते कई महीनों से किराये पर रह रहे हैं। अब इन मकानों के मिलने से अफसरों को राहत मिलेगी।
यूटी प्रशासन का हाउस अलॉटमेंट इस वक्त प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। पिछले साल से विभाग का पूरा ब्यौरा कंप्यूटराइज करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इससे यह पता चलने लगा कि कितने मकान कहां और किस अफसर के नाम पर अलॉट है। इसमें खासकर जो भी अधिकारी रिटायर होने वाले हैं या फिर हो गए हैं, उसके मकान खाली होने का ब्यौरा ऑनलाइन हो गया है। यही वजह है कि यूटी प्रशासन ने रिटायर कर्मचारियों से मकानों को खाली करा लिया है। इसके लिए समय सयम पर उनके घर जाकर एक ड्राइव भी चलाई गई।
हाउस अलॉटमेंट सेक्रेटरी डॉ. अजय कुमार सिंगला का कहना है कि नए मकान 400 मकान इंजीनियरिंग विभाग को मिल गए हैं। इनमें कुछ मकान बदहाल पड़े थे, जिन्हें ठीक कराया गया है। अब ये मकान बाहर से आने वाले अफसरों को अलॉट किए जाएंगे।
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हर साल तीन हजार कर्मचारी करते हैं डिमांड
हर साल 3 हजार से ज्यादा नए कर्मचारी मकान के लिए अलॉटमेंट मांगते हैं, इसलिए नए मकानों को लेकर अफसरों और कर्मचारियों में अक्सर डिमांड बनी रहती है। यही वजह है कि चंडीगढ़ प्रशासन ने हॉल ही में पंजाब और हरियाणा के साथ मिलकर रिटायर अफसरों से मकान खाली कराने के लिए पॉलिसी तैयार की थी। उसी के मुताबिक रिटायर होने के बाद भी कुंडली मारकर बैठे अफसरों से मकान खाली कराए जा रहे हैं।
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यूटी प्रशासन का हाउस अलॉटमेंट इस वक्त प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। पिछले साल से विभाग का पूरा ब्यौरा कंप्यूटराइज करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इससे यह पता चलने लगा कि कितने मकान कहां और किस अफसर के नाम पर अलॉट है। इसमें खासकर जो भी अधिकारी रिटायर होने वाले हैं या फिर हो गए हैं, उसके मकान खाली होने का ब्यौरा ऑनलाइन हो गया है। यही वजह है कि यूटी प्रशासन ने रिटायर कर्मचारियों से मकानों को खाली करा लिया है। इसके लिए समय सयम पर उनके घर जाकर एक ड्राइव भी चलाई गई।
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हाउस अलॉटमेंट सेक्रेटरी डॉ. अजय कुमार सिंगला का कहना है कि नए मकान 400 मकान इंजीनियरिंग विभाग को मिल गए हैं। इनमें कुछ मकान बदहाल पड़े थे, जिन्हें ठीक कराया गया है। अब ये मकान बाहर से आने वाले अफसरों को अलॉट किए जाएंगे।
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हर साल तीन हजार कर्मचारी करते हैं डिमांड
हर साल 3 हजार से ज्यादा नए कर्मचारी मकान के लिए अलॉटमेंट मांगते हैं, इसलिए नए मकानों को लेकर अफसरों और कर्मचारियों में अक्सर डिमांड बनी रहती है। यही वजह है कि चंडीगढ़ प्रशासन ने हॉल ही में पंजाब और हरियाणा के साथ मिलकर रिटायर अफसरों से मकान खाली कराने के लिए पॉलिसी तैयार की थी। उसी के मुताबिक रिटायर होने के बाद भी कुंडली मारकर बैठे अफसरों से मकान खाली कराए जा रहे हैं।