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सिटको के फैसले के खिलाफ कोर्ट जाएंगे सेवानिवृत्त मैनेजर
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चंडीगढ़। फिक्सड डिपॉजिट रिसिप्ट (एफडीआर) मामले में रिकवरी के आदेश को सिटको के सेवानिवृत्त मैनेजर ने कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। पूर्व मैनेजर रजनीश दीवान पर सिटको के 7.25 करोड़ रुपये के एफडीआर में लाखों की ठगी का आरोप है। जांच में दोषी पाए जाने पर दीवान के पर्सनल फंड से 8.70 लाख रुपये रिकवरी के ऑर्डर सिटको ने जारी किए हैं।
बता दें कि सिटको के होटल माउंट व्यू के पूर्व मैनेजर रजनीश दीवान ने वर्ष 2017 में सिटको के 7.25 करोड़ रुपये बैंक में एफडीआर के तौर पर जमा कराए थे। आरोप है कि बैंक एफडीआर पर 6.70 प्रतिशत की ब्याज देने को तैयार थे लेकिन दीवान ने 5.50 प्रतिशत सालाना ब्याज देने वाली बैंक में यह राशि एक साल के लिए जमा करा दी। गोपनीय जांच में यह बात सामने आई। ब्याज दर में आए अंतर से सिटको को एक साल में 8.70 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसकी भरपाई अब रिकवरी के तौर पर पूर्व मैनेजर के पर्सनल फंड से की जाएगी।
तीन साल में पूरी हुई जांच
लाखों के इस घोटाले की जांच वर्ष 2017 में शुरू हुई थी, जो तीन साल के बाद 2020 में पूरी हुई। आपको बता दें कि पूर्व मैनेजर रजनीश दीवान सिटको से 2020 के मार्च में ही सेवानिवृत्त हुए हैं। इस मामले में सिटको ने रिकवरी के साथ ही दो इंक्रीमेंट पर भी रोक लगाई है।
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कोट
यह सिटको की एकतरफा कार्रवाई है। जांच में कहीं भी मुझे शामिल नहीं किया गया, जो सरासर गलत है। मैं सिटको प्रबंधन के इस फैसले को न्यायालय में चुनौती दूंगा।
-रजनीश दीवान, पूर्व मैनेजर, सिटको
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बता दें कि सिटको के होटल माउंट व्यू के पूर्व मैनेजर रजनीश दीवान ने वर्ष 2017 में सिटको के 7.25 करोड़ रुपये बैंक में एफडीआर के तौर पर जमा कराए थे। आरोप है कि बैंक एफडीआर पर 6.70 प्रतिशत की ब्याज देने को तैयार थे लेकिन दीवान ने 5.50 प्रतिशत सालाना ब्याज देने वाली बैंक में यह राशि एक साल के लिए जमा करा दी। गोपनीय जांच में यह बात सामने आई। ब्याज दर में आए अंतर से सिटको को एक साल में 8.70 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसकी भरपाई अब रिकवरी के तौर पर पूर्व मैनेजर के पर्सनल फंड से की जाएगी।
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तीन साल में पूरी हुई जांच
लाखों के इस घोटाले की जांच वर्ष 2017 में शुरू हुई थी, जो तीन साल के बाद 2020 में पूरी हुई। आपको बता दें कि पूर्व मैनेजर रजनीश दीवान सिटको से 2020 के मार्च में ही सेवानिवृत्त हुए हैं। इस मामले में सिटको ने रिकवरी के साथ ही दो इंक्रीमेंट पर भी रोक लगाई है।
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यह सिटको की एकतरफा कार्रवाई है। जांच में कहीं भी मुझे शामिल नहीं किया गया, जो सरासर गलत है। मैं सिटको प्रबंधन के इस फैसले को न्यायालय में चुनौती दूंगा।
-रजनीश दीवान, पूर्व मैनेजर, सिटको