मनीमाजरा। माॅडर्न कांप्लेक्स से लेकर मनीमाजरा पुरानी आबादी के घरों में चार दिन से नलों में पानी नहीं आया है। इसके चलते मजबूरन लोगों को पानी की आपूर्ति वाटर टैंकरों से करनी पड़ रही है। इन टैंकरों पर भी इतनी भीड़ जमा हो जाती है कि लोगों तो पीने का पानी कैंपर में ही भर कर काम चलता पड़ता है। बाकी कामों के लिए पानी से बहुत सारे लोग वंचित रह जाते हैं। नगर निगम का पब्लिक हेल्थ विंग क्षमता के अनुसार अलग अलग इलाके में पानी के टैंकर भेज रहा है, लेकिन इतनी बड़ी आबादी में रहने वाले लोगों का निगम का पानी नहीं पहुंच रहा है। इसके चलते लोगों को मजबूरन बाहर से वाटर टैंकर मंगवाने पड़े रहे हैं। इन प्राइवेट टैंकरों के रेट दो दिन आसमान को छूने लगे। आम दिन जो पानी का टैंकर 500 रुपये का मिलता था। वह इन दिनों 1500 से लेकर 2000 रुपये में मिल रहा है। आम दिन में 3000 लीटर वाला टैंकर पांच रुपये का मिलता था। अब इन टैंकरों की कीमत 2000 रुपये पहुंच गई है।
समाजसेवी लंबरदार मनजीत सिंह बावा का कहना कि उनके पास जब सरकारी टैंकर नहीं आया तो उन्होंने मजबूरन दो हजार रुपये देकर पानी का टैंकर मंगवाया है। उनका कहना कि ऐसे ही बहुत सारा दुकानदारों से लेकर घरों में रहने वाले लोगों को मजूबरी में दो हजार रुपये देकर पानी का टैंकर मंगवाना पड़ रहा है। वहीं, जिला कांग्रेस के प्रधान सुरजीत सिंह ढिल्लो, प्रदेश सचिव संजय भजनी, केआर महाजन, ब्लॉक प्रधान संजीव गाबा, मतलूब खान मत्ता और मनीमाजरा व्यापार मंडल के प्रधान मलकीत सिंह का कहना कि एक तो नगर निगम बेबस होकर बैठा है क्योंकि न तो उनसे पाइप लाइन जल्दी ठीक हो रही है और न ही वह सभी लोगों तक सरकारी टैंकरों तक पानी मुहैया करवा रहे है दूसरा प्राइवेट टैंकर वालों लोगों की मजबूरी देखकर पानी के टैंकरों के रेट तीन गुना बढ़ा दिए हैं। जल्द से जल्द पानी का इंतजाम होना चाहिए।