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Chandigarh News: ढकोली के बरसाती नाले से लोग बेहाल, आश्वासन के बाद भी नहीं हो रहा समाधान
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जीरकपुर। ढकोली क्षेत्र से गुजरने वाला बरसाती नाला फैक्टरियों के केमिकल सीवर की गंदगी से आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। बदबू, बारिश में घरों में गंदगी घुसने, मच्छर और मक्खियों की वजह से लोग विभागों और अधिकारियों से गुहार लगाकर थक चुके हैं।यूनिफाइड रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ढकोली ने प्रशासन और नगर परिषद पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। इस मौके यूनिफाइड रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा के अलावा डॉक्टर अजय यादव, सतीश कुमार आदि का कहना है कि पिछले सात से आठ वर्षों से वे इस समस्या को लेकर संबंधित विभागों को लगातार पत्राचार कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। हर बार केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया जाता है।
उरवा ग्रुप के अनुसार पंचकूला की ओर से आने वाला फैक्टरियों का केमिकल और आसपास की कई रिहायशी सोसाइटी का ड्रेनेज का गंदा पानी सीधे इसी बरसाती नाले में छोड़ा जा रहा है। इससे नाला पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है और आसपास के इलाके में दुर्गंध फैल रही है। लोगों का कहना है कि यह स्थिति न केवल पर्यावरण के लिए घातक है, बल्कि क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा बन चुकी है।
बरसात के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं, जब नाला ओवरफ्लो होकर सड़कों और घरों के आसपास गंदा पानी फैला देता है। इससे मच्छरों और कीटों का प्रकोप बढ़ गया है और डेंगू, मलेरिया व त्वचा रोगों का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ड्रेनेज विभाग और नगर परिषद एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
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उरवा ग्रुप और क्षेत्रवासियों ने नाले की नियमित सफाई, अनट्रीटेड पानी की निकासी पर रोक और नाले के दोनों ओर आठ फीट ऊंची जाली लगाने की मांग की है। ग्रुप ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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उरवा ग्रुप के अनुसार पंचकूला की ओर से आने वाला फैक्टरियों का केमिकल और आसपास की कई रिहायशी सोसाइटी का ड्रेनेज का गंदा पानी सीधे इसी बरसाती नाले में छोड़ा जा रहा है। इससे नाला पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है और आसपास के इलाके में दुर्गंध फैल रही है। लोगों का कहना है कि यह स्थिति न केवल पर्यावरण के लिए घातक है, बल्कि क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा बन चुकी है।
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बरसात के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं, जब नाला ओवरफ्लो होकर सड़कों और घरों के आसपास गंदा पानी फैला देता है। इससे मच्छरों और कीटों का प्रकोप बढ़ गया है और डेंगू, मलेरिया व त्वचा रोगों का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ड्रेनेज विभाग और नगर परिषद एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
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उरवा ग्रुप और क्षेत्रवासियों ने नाले की नियमित सफाई, अनट्रीटेड पानी की निकासी पर रोक और नाले के दोनों ओर आठ फीट ऊंची जाली लगाने की मांग की है। ग्रुप ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।