विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने धर्मनगरी में किया ध्वजारोहण, सरकाई की उपलब्धियां भी गिनाईं
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हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर प्रदेश वासियों को संदेश देते हुए कहा कि देश के अमर शहीदों, क्रांतिकारियों का उदेश्य केवल राजनैतिक स्वंतत्रता प्राप्त करना ही नहीं था बल्कि एक ऐसे भारत का सपना देखा था जहां पर गरीबी, भूखमरी, आर्थिक विषमता और अशिक्षा के लिए कोई स्थान न हो।
शहीदों के इन सपनों को साकार करने के लिए सरकार लगातार आगे बढ़ रही है।
विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता रविवार को जिला प्रशासन द्वारा अनाज मंडी थानेसर के प्रांगण में आयोजित जिलास्तरीय भव्य गणतंत्र दिवस समारोह में बोल रहे थे। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, उपायुक्त धीरेन्द्र खडगटा, पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी ने लघु सचिवालय के परिसर में शहीदी स्मारक पर पुष्पचक्र भेंटकर शहीदों को नमन किया और श्रृद्धाजंलि अर्पित की।
इसके उपरांत विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने मुख्य कार्यक्रम स्थल अनाज मंडी थानेसर के प्रांगण में राष्ट्रीय ध्वजारोहण किया और परेड का निरीक्षण कर सलामी ली और विभिन्न विभागों की झांकियों का अवलोकन किया। इन झांकियों में हरियाणा प्रदेश की योजनाओं और प्रगति की तस्वीर को सहजता से देखा गया।
इसी दौरान प्रशासन की तरफ से हवा में रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़े गए। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रदेश वासियों को 71वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। विधानसभा अध्यक्ष ने स्वतंत्रता सैनानियों, उनके परिजनों और वीरांगनाओं को सम्मानित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने पिछले पौने छह सालों में कई ऐतिहासिक फैसले लिए। इससे दुनियाभर में भारत का गौरव और प्रतिष्ठा बढ़ी है।
सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर प्रदेश में सुशासन दिवस मनाया गया और वर्ष 2020 को सुशासन संकल्प वर्ष के तौर पर मनाने का संकल्प लेकर सरकार ने जनसाधारण को भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन देने का काम किया है।
प्रदेश में सभी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि को बढ़ाकर 2250 रुपए प्रतिमाह किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान एक ऐसा जीवंत दस्तावेज है, जिसने विविधताओं से भरे इस देश को एकता के सूत्र में पिरोने का काम किया। यह हमारी महान संस्कृति के सर्वोच्च मूल्यों और आधुनिक समाज के नवीन सिंद्धातों का अनूठा संयोग है।
हमारे देश को आजाद करवाने वाले स्वतंत्रता सैनानियों ने एक ऐसे ही कल्याणकारी और आदर्श राज्य की कल्पना की थी जहां लोगों में जाति, धर्म व वर्ग के आधार पर कोई भेदभाव न हो, जहां सभी लोग खुश हों, सभी को इंसाफ मिले और सभी को बराबर का हक मिले। हमारे संविधान निर्माताओं ने इस कल्पना को अमलीजामा पहनाने का काम किया।
विस अध्यक्ष ने केन्द्र और राज्य सरकार की तमाम योजनाओं और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस का पावन अवसर खुशियां मनाने के साथ-साथ आत्म विशलेषण करने का दिन है। आजादी के बाद राष्ट ने उल्लेखनीय प्रगति की है लेकिन वह मुकाम हासिल करना अभी बाकी है, जिसका सपना स्वतंत्रता सैनानियों ने देखा था।
सरकार ने वीर गति को प्राप्त होने वाले सैनिकों के परिवारों को दी जाने वाली एक्सग्रेसिया ग्रांट 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए की है और भूतपूर्व सैनिकों और उनकी वीरांगनाओं को दी जाने वाली पेंशन में बढ़ोतरी की है।