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रिपोर्ट, महंगी दवाइयों के कारण लोग छोड़ देते हैं डायबिटीज का इलाज

Fri, 08 Apr 2016 09:52 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 08 Apr 2016 09:52 AM IST
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report, due to expensive medicines to treatment of diabetes, people leave
डायबटीज - फोटो : demo pics

महंगे इलाज ने मरीजों की कमर तोड़ दी है। डायबिटीज के मरीजों का भी कुछ ऐसा हाल है। इस वजह से कई मरीज बीच में ही इलाज छोड़ देते हैं। कुछ दिन तक  सब कुछ ठीक होता दिखता है, लेकिन बाद में दोगुनी मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं। बढ़ती शुगर से दूसरे अंगों पर प्रभाव दिखने लगता है। किडनी इंफेक्शन और डायबिटिक फुट के चांस बढ़ जाते हैं।

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पीजीआई के इंडोक्राइनोलाजी डिपार्टमेंट के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. संजय बडाडा ने बताया कि हाल ही में एक स्टडी आई है, जिसमें बताया गया है कि टाइप-2 के 50-60 प्रतिशत मरीज बीच में इलाज छोड़ देते हैं। यही डायबिटीज के इलाज में सबसे बड़ा चैलेंज है। उन्होंने बताया कि क्लीनिक में ऐसे कई मरीज आते हैं, जो बताते हैं कि उन्होंने इलाज में बीच में छोड़ दिया था, लेकिन इस दौरान काफी देर हो चुकी होती है।
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महीने में चार से पांच हजार का खर्च
डॉ. संजय बडाडा ने बताया कि डायबिटीज के मरीजों की कई दवाइयां चलती हैं। इनमें मुख्य रूप से ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्राल, विटामिन डी, कैल्शियम की दवाइयां होती हैं। एक मरीज की औसतन 60 रुपये से लेकर 150 रुपये से ज्यादा की खुराक होती है। इस हिसाब से महीने में चार से पांच हजार रुपये का खर्चा आता है। आम मरीज इतना खर्चा नहीं उठा पाते। इसके अलावा उन्हें खान-पान का काफी ध्यान रखना होता है। इसमें भी उनका रुपया काफी खर्च होता है। ऐसे में कई मरीज अपना इलाज बीच में ही छोड़ देते हैं।
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अब और बढ़ जाएगा खर्चा
फिक्स डोज काम्बिनेशन की दवाओं पर रोक लगने के बाद सबसे ज्यादा मरीज डायबिटीज के प्रभावित होंगे। पहले तीन अलग-अलग दिक्कतों के लिए एक में दवाएं होती थी, जो काफी सस्ती पड़ती थी, लेकिन अब उन्हें अलग-अलग दवाइयां खानी पड़ेंगी, जो पहले के मुकाबले करीब दोगुनी महंगी पड़ेंगी।


योग करें, लेकिन दवा न छोड़ें
पीजीआई के डायबिटीज क्लीनिक में कई ऐसे पेशेंट आते हैं, जो योगा करने के साथ अपनी दवाइयां छोड़ देते हैं। उन्हें लगता है कि योगा करने से सब ठीक हो जाएगा और दवाइयां खाना छोड़ देते हैं। इससे उनकी शुगर अनकंट्रोल होती है और उनकी दिक्कतें बढ़ने लगती हैं। योग शरीर के लिए फायदेमंद है, लेकिन मरीजों को बीच में दवाएं नहीं छोड़नी चाहिए। डॉ. भडाडा का कहना है कि पहले ऐसे पेशेंट बहुत आते थे, लेकिन अब थोड़ा कंट्रोल है। डायबिटिज को कंट्रोल करने के लिए सबसे बेहतर तरीका यही है कि लोग फिजिकल एक्सरसाइज जरूर करें और ब्लड शुगर का समय-समय पर टेस्ट करवाते रहें।

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