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Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh News: Renu Arora gardening from 45 years

जुनून: पौधों से प्यार इतना कि घर को बना दिया 'बाग', 45 साल से बच्चों की तरह करती हैं देखभाल

Sun, 30 Aug 2020 01:15 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sun, 30 Aug 2020 01:15 AM IST
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Chandigarh News: Renu Arora gardening from 45 years
गार्डन में पति रघुवीर के साथ रेनु अरोड़ा। - फोटो : अमर उजाला (करूण शर्मा)

चंडीगढ़ के सेक्टर-23 की रहने वाली 80 वर्षीय रेनु अरोड़ा के बागवानी के शौक का क्या कहना। 45 साल से बागवानी कर रहीं रेणु पौधों को बच्चों की तरह प्यार करती हैं। आज उनके घर में लगभग दो सौ से ज्यादा गमलों में पौधे लगे हैं।

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रेनु अपने बगीचे को लेकर इतनी चिंतित रहती हैं कि एक बार पीजीआई में उनके हाथ का ऑपरेशन होना था। उन्होंने ऑपरेशन पर जाने से पहले और आने के बाद भी अपने बगीचे को देखा। डॉक्टर के जाने से मना करने पर भी वह नहीं मानी। इस हद तक वह अपने पौधों को प्यार करती हैं।
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आज उनके घर में लगभग दो सौ से ज्यादा गमलों में पौधे लगे हुए हैं। रेनु अरोड़ा ने बताया कि उनके पास लगभग आठ साल पुराने पौधे भी हैं। इनको वह खुद से ज्यादा प्यार करती हैं। उनके घर में बोनसाई, एरोकेलिया, डिफनबेचिया, रबड़ और पीपल जैसे बहुत पुराने पौधे हैं। इसके अलावा फल और सब्जियां भी लगी हुई हैं। वह रोजाना अपने बगीचे को चार घंटे समय देती हैं।

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पीले पत्ते तोड़कर खाद तैयार करती हैं

उन्होंने कहा कि हर दस दिन के बाद उन्हें पौधों के पीले पत्ते तोड़ने पड़ते हैं। पीले पत्तों को एक कंटेनर में डालकर उनसे वह खाद तैयार करती हैं। उन्होंने बताया कि हमेशा सुखी खाद ही पौधों में डालनी चाहिए।

इससे काफी हद तक कीड़ा लगने का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा कीड़ा लगने की स्थिति में समय पर दवाई का छिड़काव करना बहुत आवश्यक है।

रोजाना गार्डन में बैठकर पति के साथ लेती हैं चाय की चुस्की
रेनु अरोड़ा का कहना है कि जिस प्रकार इंसान को कम या ज्यादा खाना खाने से नुकसान होता है उसी प्रकार पौधों को कम ज्यादा पानी और खाद से नुकसान होता है। बच्चों की तरह उनका ख्याल रखना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि जब लोग आकर उनके गार्डन की तारीफ करते हैं तो उन्हें खुद पर गर्व महसूस होता है। कई लोग उनसे पौधे लेकर भी जाते हैं। वह रोजाना सुबह शाम पति के साथ गार्डन में बैठकर ही चाय पीती हैं। हरियाली को देखकर उन्हें अलग ही सुकून मिलता है। आज वह केवल अपने पति के साथ घर में रहती हैं लेकिन जब भी वह बाहर जाती हैं, उन्हें यह महसूस होता है कि घर पर पीछे उनका बगीचा अकेला है।

बच्चों की शादी के बाद बगीचे को बनाया अपना परिवार

उन्होंने बताया कि उनके बच्चे शादी होने के बाद विदेश में बस गए। इसके बाद उन्होंने बगीचे को अपने बच्चों की तरह प्यार देना शुरू किया। उन्होंने बगीचे को ही अपना परिवार बना लिया। उन्होंने बताया कि जब भी वह विदेश अपने बच्चों से मिलने जाती हैं तो तीन बार माली को वीडियो कॉल कर अपने बगीचे को देखती हैं। उनके पति ने बताया कि लोगों को सुबह उठकर अपनी नौकरी पर जाने की चिंता होती है लेकिन रेनु को उठकर केवल अपने बगीचे की चिंता होती हैं। बगीचे में सब्जियां भी लगी हैं।

बागवानी के लिए यह बातें जरूरी

  • बागवानी करने के लिए सबसे पहले उसका शौक होना जरूरी है।
  • पौधों के बारे में थोड़ी जानकारी होनी चाहिए।
  • एक इंसान की तरह उन्हें अहमियत देनी चाहिए।
  • बागवानी के लिए घर में जगह का होना जरूरी है।
  • पौधों को समय पर खाद और पानी देना चाहिए।
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