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HSGMC प्रधान झींडा स्वर्ण मंदिर जाकर करेंगे पश्चाताप, अभी ये काम कर रहे हैं

Fri, 07 Apr 2017 03:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र(हरियाणा) Updated Fri, 07 Apr 2017 03:14 PM IST
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religious punishment to hsgmc president jagdish jhinda, will got to harminder sahib to be guilty
जगदीश सिंह झींडा
धार्मिक सजा भुगत रहे एचएसजीएमसी प्रधान जगदीश झींडा ने पश्चाताप करना शुरू कर दिया है। अब वे स्वर्ण मंदिर जाकर ये बड़ा काम करेंगे। श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से धार्मिक सजा सुनाए जाने के उपरांत हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने वीरवार को गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का श्री अखंड पाठ साहिब शुरू करवाया।
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इसका समापन 8 अप्रैल को होगा। समापन के बाद 9 अप्रैल को जगदीश सिंह झींडा श्री हरमंदिर साहिब अमृतसर में जाकर एक घंटे तक जूठे बर्तन साफ करने की सेवा करेंगे। तत्पश्चात श्री अकाल तख्त साहिब पर हाजिर होकर 101 रुपये की देग (प्रसाद) करवाने के बाद वे पंथ में शामिल होने के लिए गुरु चरणों में अरदास करवाएंगे।
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गुरुद्वारा साहिब में पत्रकारवार्ता के दौरान जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा 4 अप्रैल को उन्हें सुनाई गई धार्मिक सजा के तहत वे यह कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब का हुकम उनके लिए सर्वोपरि है, जिसे वे इसे कबूल करते हैं।
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हरियाणा में अलग कमेटी का गठन हर हाल में करवाएंगे

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जगदीश झींडा
एक प्रश्न के जवाब में जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि हरियाणा में अलग कमेटी का गठन वे हर हाल में करवाएंगे। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस में 7 अप्रैल की तारीख लगी है, जिसके लिए उन्होंने अपनी कानूनी कमेटी को आज दिल्ली रवाना कर दिया है।

यह कमेटी अपने वकीलों से विचार-विमर्श करके प्रभावी ढंग से पैरवी करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि एसजीपीसी और पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल की मिलीभगत से इस केस को पिछले करीब 3 सालों से लटकाया जा रहा है। केस लटकाने का उद्देश्य हरियाणा के गुरुद्वारा साहिबान से होने वाली करीब 100 करोड़ रुपये की सालाना आमदन को पंजाब ले जाना है।

उन्होंने आशंका जाहिर की कि 7 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले एसजीपीसी मेंबर हरभजन सिंह मसाना एक बार फिर मामले को लटकाने के लिए अपना वकील बदलने का आग्रह कर सकते हैं। मगर वे ऐसा किसी भी हालत में नहीं करने देंगे और माननीय उच्चतम न्यायालय से आग्रह करेंगे इस मामले में जल्द निर्णय सुनाया जाए।

सिख पंथ में शामिल हुए जगदीश सिंह झिंडा

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एचएसजीएमसी प्रधान जगदीश झींडा - फोटो : फाइल फोटो
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से गुरुद्वारा सिंह सभा मॉडल टाउन में गुरुवार को बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता हरप्रीत सिंह नरुला यूथ प्रेजीडेंट हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने की।

हरप्रीत सिंह नरुला ने बताया कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा को जुलाई 2014 में अकाल तख्त साहिब की तरफ से सिख पंथ से निष्कासित कर दिया गया था, जिसके संबंध में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की मीटिंग हुई और यह फैसला लिया गया कि जगदीश सिंह झिंडा श्री अकाल तख्त साहिब अमृतसर में पेश होंगे।

जिसके संबंध में 4 अप्रैल को जगदीश सिंह झिंडा अकाल तख्त साहिब पर पेश हुए उनके साथ हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चार एक्जीयूक्टिव मेंबर हरप्रीत सिंह नरुला, मंजीत सिंह डाचर, अवतार सिंह चक्क, सुरेंद्र सिंह शाह भी थे। वहां पर सरदार जगदीश सिंह झिंडा को सिख पंथ में शामिल कर लिया गया।

अकाल तख्त साहिब के हुकम की पालना करते हुए गुरुद्वारा छठी पातशाही कुरुक्षेत्र में अखंड पाठ आरंभ करा दिया गया है। नरुला ने कहा कि कुछ लोगों की तरफ से गलत बयानबाजी की जा रही है। यह बयान बेबुनियाद है और हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी इसकी निंदा करती है।

 
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