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Chandigarh News: रियल इस्टेट कंपनी के पार्टनर नवराज मित्तल को राहत
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चंडीगढ़। करोड़ों की धोखाधड़ी कर फरार गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स (जीबीपी) के निदेशक के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की जा रही है। अब ईडी ने जीबीपी ग्रुप से जुड़ी अन्य रियल इस्टेट कंपनियों के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी है। इसी कड़ी में ईडी ने एक रियल इस्टेट कंपनी के पार्टनर नवराज मित्तल को भी आरोपी बनाया। हालांकि, मित्तल को प्रिवेंशन आफ मनी लॉन्ड्रिंग (पीएमएलए) की विशेष अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई है।
शुक्रवार को मित्तल की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई थी। मित्तल के वकील ने अदालत को बताया कि ईडी ने समन देकर बुलाया था और वह जांच में शामिल हो चुके हैं। बयान भी हो चुके हैं। घर पर सर्च भी हो चुकी है। ईडी प्रापर्टी भी अटैच कर चुकी है। अब मित्तल को हिरासत में लेने की जरूरत नहीं है। इसके बाद अदालत ने मित्तल की अग्रिम जमानत अर्जी को मंजूर कर लिया।
नवराज मित्तल कुमार बिल्डर्स, कुमार एसोसिएट्स और श्री श्याम इंटरप्राइजिस में पार्टनर है। ईडी की जांच में सामने आया है कि जीबीपी ग्रुप ने इन कंपनियों के खातों में करीब 21 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे। ईडी का आरोप है कि जीबीपी ग्रुप ने जिन निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की, उसकी रकम मित्तल की कंपनियों में ट्रांसफर की गई थी। इसलिए वह भी जीबीपी ग्रुप की ओर से की गई धोखाधड़ी में हिस्सेदार हैं।
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शुक्रवार को मित्तल की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई थी। मित्तल के वकील ने अदालत को बताया कि ईडी ने समन देकर बुलाया था और वह जांच में शामिल हो चुके हैं। बयान भी हो चुके हैं। घर पर सर्च भी हो चुकी है। ईडी प्रापर्टी भी अटैच कर चुकी है। अब मित्तल को हिरासत में लेने की जरूरत नहीं है। इसके बाद अदालत ने मित्तल की अग्रिम जमानत अर्जी को मंजूर कर लिया।
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नवराज मित्तल कुमार बिल्डर्स, कुमार एसोसिएट्स और श्री श्याम इंटरप्राइजिस में पार्टनर है। ईडी की जांच में सामने आया है कि जीबीपी ग्रुप ने इन कंपनियों के खातों में करीब 21 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे। ईडी का आरोप है कि जीबीपी ग्रुप ने जिन निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की, उसकी रकम मित्तल की कंपनियों में ट्रांसफर की गई थी। इसलिए वह भी जीबीपी ग्रुप की ओर से की गई धोखाधड़ी में हिस्सेदार हैं।
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