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सरकारी नौकरी मिल गई तो छोड़ दिया NGO
रवि अटवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 01 Jun 2014 12:17 PM IST
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सोसायटी फॉर व द प्रीवेंशन टू क्रयूलिटी ऑफ एनिमल (एसपीसीए) में एक बार फिर कुत्तों की नसबंदी का काम रुक गया है। यहां के डॉक्टर रमन शर्मा ने भी अपना इस्तीफा दे दिया है। उन्हें सरकारी नौकरी मिल गई है, जिस वजह से वे संस्था को छोड़कर चले गए।
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इससे नगर निगम की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। नगर निगम मुख्य रूप से इसी संस्था से कुत्तों की नसबंदी करवा रहा है। कुत्तों की स्टर्लाइजेशन का काम ढंग से न होने के चलते निगम को चौतरफा आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
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संस्था में नसबंदी का काम फिर प्रभावित हो रहा है। जब तक यहां कोई नया डॉक्टर नहीं आता तब तक नसबंदी का काम रुक जाएगा। वहीं एसपीसीए प्रबंधन का कहना है उन्होंने 2 नए डॉक्टर अप्वाइंट कर लिए हैं जो अगले हफ्ते तक ज्वाइन कर लेंगे। एसपीसीए में पहले ही डॉक्टर की कमी चल रही है और कोई डॉक्टर यहां नहीं टिकता। सूत्रों ने बताया कि एक डॉक्टर तो यहां शादी की छुट्टी लेकर गया था और वापस ही नहीं आया।
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एसपीसीए अध्यक्ष ने भी दिया इस्तीफा
एसपीसीए के अध्यक्ष डॉ.जेसी कोचर पहले ही संस्था को अपना इस्तीफा दे चुके हैं। उन्हें वीरवार को केंद्रीय बाल एवं विकास मंत्री मेनका गांधी ने फोन कर धमकाया था। मेनका गांधी ने उन पर नसबंदी का काम ढंग से न करवाने के आरोप लगाए थे। इससे नाराज होकर डॉ. कोचर ने अपना पद छोड़ दिया और शुक्रवार को वे एडवाइजर ऑफिस में अपना इस्तीफा दे आए थे।
नहीं हो रही स्टर्लाइजेशन
एसपीसीए में नसबंदी का काम पहले ही बढ़ी धीमी गति से चल रहा था। पिछले 5 महीनों से तो यहां नसबंदी का काम बहुत कम हो गया है। जनवरी और अप्रैल महीने में तो यहां एक भी कुत्ते की नसबंदी नहीं की गई थी।
यहां जो डॉक्टर स्टर्लाइजेशन कर रहे थे उन्हें सरकारी नौकरी मिल गई है। उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। हमने दो नए डॉक्टर रख लिए हैं। वे अगले हफ्ते तक ज्वाइन कर सकते हैं।
नीरू सिद्घू, जनरल सेक्रेट्री एसपीसीए